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एशियन गेम्स: अमन सहरावत ने कुश्ती में जीता कांस्य पदक, चीन के खिलाड़ी को 11-0 से हराया, पढ़िए सफलता की कहानी

Fri, 06 Oct 2023 07:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, साल्हावास, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, साल्हावास, झज्जर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 06 Oct 2023 07:54 PM IST
सार

शुक्रवार को एशियाई खेलों में पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में अमन सहरावत ने कांस्य पदक जीता है। पहलवान ने तकनीकी श्रेष्ठता के माध्यम से चीन के लियू मिंगहु पर जीत हासिल की है।

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Asian Games: Aman Sehrawat won bronze medal in wrestling, defeated Chinese player by 11-0
अमन सहरावत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चीन के हांगझोऊ में चल रहे 19वें एशियाई खेलों में शुक्रवार को झज्जर जिले के साल्हावास क्षेत्र के गांव बिरोहड के पहलवान अमन सहरावत ने चीन के पहलवान लियू मिंगहु को 11-0 के स्कोर से पराजित कर कांस्य पदक जीता है। पहलवान के पदक प्राप्त करने पर गांव व क्षेत्र में खुशी का माहौल है। 

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अमन सहरावत के भाई राकेश सहरावत ने बताया कि अमन ने तेजी से आगे बढ़ते हुए सबसे पहले टेकडाउन किया। जब अमन ने अपना दूसरा टेकडाउन किया तो लियू पूरी तरह से चकित रह गया। चीनी पहलवान को निष्क्रियता की चेतावनी दी गई, जो रक्षात्मक अमन पर एक अंक पाने में भी विफल रहा। अमन के दूसरे आरामदायक टेकडाउन ने चीनी पहलवान को पूरी तरह से चौंका दिया।
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उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिराते हुए उसे सीमा से बाहर धकेल दिया और जीत हासिल की। उन्होंने बताया कि वे तीन बार भारत कुमार रह चुके हैं। अमन सहरावत का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। प्राथमिक स्तर की शिक्षा कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल बिरड से प्राप्त की।
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19 वर्षीय अमन को जब परिजनों ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में भेजने की योजना बनाई तब दिल्ली जाने से 6 महीने पूर्व उनकी माता का निधन हो गया और दिल्ली जाने के 6 महीने बाद उनके पिता का निधन हो गया था। वे फिलहाल छत्रसाल स्टेडियम दिल्ली में सतपाल महाबली पहलवान से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वर्तमान में रेलवे विभाग में यात्रा टिकट परीक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

चाचा, ताऊ व दादा ने की परवरिश
अमन सहरावत का परिवार बिल्कुल साधारण है। वह किसान परिवार से संबंध रखते हैं। माता-पिता के निधन के बाद अमन सहरावत की परवरिश उनके चाचा, ताऊ व दादा ने मिलकर की। अमन सहरावत की बहन पूजा फिलहाल 12वीं कक्षा में पढ़ रही हैं। अमन के पिता सोमबीर सहरावत व मां कमलेश का 11 साल पहले निधन हो चुका है। वर्तमान में अमन के दादा मांगेराम, उनके ताऊ सुधीर, जयवीर व चाचा रणवीर, कर्मवीर, वेद प्रकाश परिजन गांव से 2 किलोमीटर दूर नौगांव की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर बनी छोटी सी ढाणी में रहते हैं। 


बिरोहड के गोधडी आश्रम से की कुश्ती की शुरुआत
अमन ने गांव बिरोहड स्थित गोधडी आश्रम में बने छोटे से अखाड़े में कुश्ती की शुरुआत की थी। उनके भाई राकेश ने बताया कि उनके परिजनों में चाचा ताऊ और वे सभी भाई कुश्ती के खेलने के शौकीन रहे हैं। अमन भी बचपन से ही कुश्ती का शौकीन रहा है उन्होंने गांव के ही गाेधडी, आश्रम से कुश्ती की शुरुआत की थी ।

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