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एक्यूआई 336, सुबह की सैर सेहत के लिए खतरनाक
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बुधवार की सुबह बहादुरगढ़ में छाया स्मॉग।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। प्रदूषण से शहर की आबोहवा खराब हो गई है। लोगों को सांस लेना भी दूभर हो रहा है। बुधवार को क्षेत्र में वायु गुणवत्ता स्तर 336 पर रहा। जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। चिकित्सकों ने ऐसी हवा में लोगों को घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों ने कहा है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकालने से ही परहेज करना चाहिए। प्रदूषित हवा बच्चों और बुजुर्गों को बीमार कर सकती है। सुबह की सैर से भी इस समय बचना चाहिए, पार्क में योग और अन्य एक्सरसाइज करने के लिए भी नहीं जाना चाहिए। घर पर ही व्यायाम करना सेहत के लिए ठीक रहेगा।
क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस मौसम में दुपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ छोटे बच्चों को सांस लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर लाल रंग पर रहा। पीएम 2.5 का न्यूनतम स्तर 103 पर रहा। जबकि औसत 336 की रही। इसके अलावा यह अपने उच्चतम स्तर पर 421 पर पहुंच गया। यह एयर क्वालिटी इंडेक्स बुधवार रात साढ़े 10 बजे रहा।
अस्पतालों में बढ़ गए हैं मरीज
प्रदूषण बढ़ने से एक बार फिर मरीज अस्पतालों की ओर दौड़ रहे हैं। दो दिनों से सांस के रोगियों और आंखों में जलन के मरीज बढ़ गए हैं। बुधवार को नागरिक अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या भी अच्छी खासी रही। नागरिक अस्पताल के नेत्र विभाग के डॉ. ओमबीर राठी ने कहा कि पिछले कई दिनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और मरीजों की संख्या भी बढने लगी है। बुधवार को ओपीडी में लगभग 70 मरीज पहुंचे।
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हार्ट अटैक और स्ट्रोक का भी खतरा
नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि स्मॉग के चलते खांसी, जुकाम, आंखों में जलन, सिर दर्द और सांस लेने की तकलीफ से जुड़ी समस्याएं होती हैं। स्मॉग से दिल और फेफड़ों से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती हैं। हवा में पाए जाने वाले कण फेफड़े के जरिये खून में पहुंच जाते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि कोरोना के जिन मरीजों को सांस लेने में परेशानी है, उन्हें बिना मास्क के नहीं निकलना चाहिए।
ये बरतें सावधानियां
-बाहर जाते समय मास्क जरूर लगाएं। यह कोरोना के साथ-साथ स्मॉग से भी बचाएगा।
-स्मॉग के दौरान पूरी बाजू के कपड़े पहनें। हाथ और मुंह साफ पानी से लगातार धोते रहे।
-स्मॉग संबंधित बीमारियों से बचने के लिए खूब पानी पीएं। इससे मुंह और नाक में जमा प्रदूषण बाहर निकलेंगे।
-जब तक एक्यूआई सामान्य नहीं हो जाता, बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।
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क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस मौसम में दुपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ छोटे बच्चों को सांस लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर लाल रंग पर रहा। पीएम 2.5 का न्यूनतम स्तर 103 पर रहा। जबकि औसत 336 की रही। इसके अलावा यह अपने उच्चतम स्तर पर 421 पर पहुंच गया। यह एयर क्वालिटी इंडेक्स बुधवार रात साढ़े 10 बजे रहा।
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अस्पतालों में बढ़ गए हैं मरीज
प्रदूषण बढ़ने से एक बार फिर मरीज अस्पतालों की ओर दौड़ रहे हैं। दो दिनों से सांस के रोगियों और आंखों में जलन के मरीज बढ़ गए हैं। बुधवार को नागरिक अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या भी अच्छी खासी रही। नागरिक अस्पताल के नेत्र विभाग के डॉ. ओमबीर राठी ने कहा कि पिछले कई दिनों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और मरीजों की संख्या भी बढने लगी है। बुधवार को ओपीडी में लगभग 70 मरीज पहुंचे।
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हार्ट अटैक और स्ट्रोक का भी खतरा
नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि स्मॉग के चलते खांसी, जुकाम, आंखों में जलन, सिर दर्द और सांस लेने की तकलीफ से जुड़ी समस्याएं होती हैं। स्मॉग से दिल और फेफड़ों से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती हैं। हवा में पाए जाने वाले कण फेफड़े के जरिये खून में पहुंच जाते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि कोरोना के जिन मरीजों को सांस लेने में परेशानी है, उन्हें बिना मास्क के नहीं निकलना चाहिए।
ये बरतें सावधानियां
-बाहर जाते समय मास्क जरूर लगाएं। यह कोरोना के साथ-साथ स्मॉग से भी बचाएगा।
-स्मॉग के दौरान पूरी बाजू के कपड़े पहनें। हाथ और मुंह साफ पानी से लगातार धोते रहे।
-स्मॉग संबंधित बीमारियों से बचने के लिए खूब पानी पीएं। इससे मुंह और नाक में जमा प्रदूषण बाहर निकलेंगे।
-जब तक एक्यूआई सामान्य नहीं हो जाता, बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।