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Jhajjar-Bahadurgarh News: सेमीफाइनल में पदक से चूके अमन, परिजन बोले- अभी कांस्य पदक की आस

Fri, 09 Aug 2024 05:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Fri, 09 Aug 2024 05:59 AM IST
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Aman missed the medal in the semi-finals, family said- still hope for bronze medal
साल्हावास। पेरिस ओलंपिक फ्री स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में 57 किलो भार वर्ग में भाग लेने वाले अमन सहरावत एकमात्र भारत के पहलवान हैं। उन्होंने पुरुष वर्ग में ओलंपिक कुश्ती के लिए क्वालीफाई किया। वीरवार को जैसे ही अमन के खेल शुरू हुए तो अमन के पैतृक गांव बिरोहड़ में सुबह से ही आसपास के ग्रामीणों का आवागमन शुरू हो गया था।
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सुबह बाबा रघुनाथ मंदिर में हवन का कार्यक्रम आयोजित करवाया गया। उसके बाद घर में पूजा अर्चना की गई। अमन की ओलंपिक में कुश्ती देखने के लिए ग्रामीण खेतों में बनी ढाणी में स्थित उनके पैतृक घर में पहुंचे और परिजनों के साथ घर में बड़ी स्क्रीन पर मैच का लुत्फ उठाया। अमन सहरावत को रेफरी द्वारा क्वार्टर फाइनल में एकतरफा विजयी घोषित करने पर ग्रामीण झूम उठे थे और तालियां बजाकर उत्साहवर्धन करते दिखाई दिए।
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वीरवार दोपहर बाद 2:45 बजे अमन सहरावत का मुकाबला मेसिडोनिया के व्लादिमीर ईगोराव के साथ हुआ, जिसे 10-0 से हराकर वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। क्वार्टर फाइनल में 57 किलो भार वर्ग की फ्री स्टाइल कुश्ती में उनका मुकाबला अल्बानिया के पहलवान से हुआ। इसमें 12-0 से पराजित करके सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई है। रात को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में जापान के रिसलर से हार मिलने पर परिजन निराश हुए, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अमन कांस्य पदक जरूर जीतेगा। परिजनों का कहना है कि अमन सहरावत को लेकर गांव हमेशा से ही एकजुट रहा है। अमन के हर मुकाबले को सभी ग्रामवासी मिलकर एक साथ देखते हैं।
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दादा बोले- मां के सपने को साकार करेगा पोता अमन
अमन सहरावत के दादा मांगेराम ने बताया कि अमन सहरावत ने जी तोड़ मेहनत की है। वह बाबा रघुनाथ की कृपा से अवश्य ही कांस्य पदक जीतकर आएगा। सेमीफाइनल में वह बेशक पदक से चूक गया, लेकिन वह कांस्य पदक जीतकर अपनी मां के सपनों को साकार करेगा।

दादी अणची का कहना है कि अमन के माता-पिता का निधन 11 साल पहले ही हो चुका है। अमन मेरा लाडला पोता है। भगवान से प्रार्थना करती हूं कि अमन ओलंपिक में पदक लेकर लौटे और देश का नाम रोशन करें। ताऊ सुधीर का कहना है कि अमन सहरावत कांस्य पदक लेकर आएगा। सेमीफाइनल में हार से निराशा जरूर हुई है, लेकिन अभी भी अमन के पदक जीतने की उम्मीद है। अमन के भाई राकेश सहरावत का कहना है कि देश का लाल अमन सेमीफाइनल में बेशक पदक से चूक गया, लेकिन उनको उम्मीद है कि वह कांस्य पदक लेकर आएगा। यह देश के लिए सबसे बड़ी बात है। वह तिरंगे की शान को अवश्य बढ़ाएगा।
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