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हत्या के बाद शव को खुर्द-बुर्द करने वालों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:23 AM IST
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झज्जर।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने बुुधवार को हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के एक मामले में फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 42 हजार रुपये जुर्माना भी कर दिया। वहीं एक हत्यारोपी ट्रायल की दौरान ही मर चुका है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राव उदयभान के अनुसार 6 सितंबर 2012 को जहांगीरपुर निवासी अमित की हत्या गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा कर दी गई थी। अंबेडकर चौक, झज्जर के पास अमित कंप्यूटर टाइपिंग सीखने के लिए आता था। उसे गांव के ही सुरेश, अनिल, सुरेंद्र और अमित उर्फ सुंडा 6 सितंबर 2012 को फर्स्ट एड सर्टिफिकेट बनवाने के बहाने रोहतक ले गए। जहां वे उसे शाम के करीब साढे़ 7-8 बजे घुमाते रहे। उसके बाद ये लोग उसे जहांगीरपुर गांव के खेतों में बने सुरेश के कोटड़े में लेकर गए और इन्होंने अमित का मर्डर कर दिया। हत्या के बाद ये लोग शव को कपड़ों में लपेटकर गाड़ी में भिवानी के फरटिया भीमा गांव ले गए। फरटिया भीमा से इन्होंने अपने रिश्तेदार विकास को साथ लेकर शव को खुर्द-बुर्द करने के इरादे से राजस्थान के सूरजगढ़ के पास स्थित गांव गोदा का बास पहुंच गए। जहां पर इन्होंने शव को पैट्रोल डालकर आग लगा दी। इसी घटना में आरोपी सुरेश कुमार भी झुलस गया था। हत्या के अगले दिन ही राजस्थान पुलिस ने शव बरामद कर लिया और इसकी खबर अमित के परिजनों को लगी तो वे वहां पर पहुंच गए। जहां पर शव की शिनाख्त परिजनों के द्वारा कर ली गई। इस पर सदर थाना पुलिस झज्जर ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की।
बहन पर गलत नजर रखने और खेत में से बिजली का लाइन नहीं आने देने पर किया मर्डर
जांच के दौरान पाया कि मृतक अमित को घटना के दिन आरोपियों के साथ रोहतक में देखा गया था। जिस पर पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी सुरेश, अनिल, सुरेंद्र और अमित उर्फ सुंडा को काबू किया तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस दौरान पुलिस को दिए गए बयान में आरोपी अमित उर्फ सुंडा ने बताया कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता था। वहीं आरोपी सुरेश, अनिल और सुरेंद्र ने बताया कि मृतक ने उनकी बिजली की लाइन खेत में से नहीं आने दी थी, जिसके चलते उन्होंने उसका मर्डर किया।
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मामले में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने बुुधवार को पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 42 हजार रुपये जुर्माना भी कर दिया। वहीं एक हत्यारोपी सुरेश ट्रायल की दौरान ही मर चुका है।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने बुुधवार को हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के एक मामले में फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 42 हजार रुपये जुर्माना भी कर दिया। वहीं एक हत्यारोपी ट्रायल की दौरान ही मर चुका है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राव उदयभान के अनुसार 6 सितंबर 2012 को जहांगीरपुर निवासी अमित की हत्या गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा कर दी गई थी। अंबेडकर चौक, झज्जर के पास अमित कंप्यूटर टाइपिंग सीखने के लिए आता था। उसे गांव के ही सुरेश, अनिल, सुरेंद्र और अमित उर्फ सुंडा 6 सितंबर 2012 को फर्स्ट एड सर्टिफिकेट बनवाने के बहाने रोहतक ले गए। जहां वे उसे शाम के करीब साढे़ 7-8 बजे घुमाते रहे। उसके बाद ये लोग उसे जहांगीरपुर गांव के खेतों में बने सुरेश के कोटड़े में लेकर गए और इन्होंने अमित का मर्डर कर दिया। हत्या के बाद ये लोग शव को कपड़ों में लपेटकर गाड़ी में भिवानी के फरटिया भीमा गांव ले गए। फरटिया भीमा से इन्होंने अपने रिश्तेदार विकास को साथ लेकर शव को खुर्द-बुर्द करने के इरादे से राजस्थान के सूरजगढ़ के पास स्थित गांव गोदा का बास पहुंच गए। जहां पर इन्होंने शव को पैट्रोल डालकर आग लगा दी। इसी घटना में आरोपी सुरेश कुमार भी झुलस गया था। हत्या के अगले दिन ही राजस्थान पुलिस ने शव बरामद कर लिया और इसकी खबर अमित के परिजनों को लगी तो वे वहां पर पहुंच गए। जहां पर शव की शिनाख्त परिजनों के द्वारा कर ली गई। इस पर सदर थाना पुलिस झज्जर ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की।
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बहन पर गलत नजर रखने और खेत में से बिजली का लाइन नहीं आने देने पर किया मर्डर
जांच के दौरान पाया कि मृतक अमित को घटना के दिन आरोपियों के साथ रोहतक में देखा गया था। जिस पर पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी सुरेश, अनिल, सुरेंद्र और अमित उर्फ सुंडा को काबू किया तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस दौरान पुलिस को दिए गए बयान में आरोपी अमित उर्फ सुंडा ने बताया कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता था। वहीं आरोपी सुरेश, अनिल और सुरेंद्र ने बताया कि मृतक ने उनकी बिजली की लाइन खेत में से नहीं आने दी थी, जिसके चलते उन्होंने उसका मर्डर किया।
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मामले में फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने बुुधवार को पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 42 हजार रुपये जुर्माना भी कर दिया। वहीं एक हत्यारोपी सुरेश ट्रायल की दौरान ही मर चुका है।