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Jhajjar-Bahadurgarh News: हंगामा करने पर महिला को बिना नंबर दिया डीएपी, नैनों डीएपी के रुपये वापस लौटाए
Wed, 24 Sep 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:58 AM IST
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23jjrp19- झज्जर। डीएपी खत्म होने के बाद किसानों को आधार कार्ड वापस देते हुए उप प्रबंधक। संवाद
झज्जर। शहर के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास स्थित सरकारी दुकान पर मंगलवार को चार घंटे में 500 बैग डीएपी वितरित किया गया। डीएपी खत्म होता देख सरकारी दुकान के अंदर आकर एक महिला ने डीएपी लेने के लिए हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद उप प्रबंधक ने महिला को नंबर आने से पहले ही बीच में आधार कार्ड निकालकर पांच बैग डीएपी दे दिया, जिसके साथ एक बोतल नैनों डीएपी भी दिया गया।
इसके बाद महिला ने नैनों डीएपी लेने से मना कर दिया तो उप प्रबंधक ने महिला को नैनों डीएपी के रुपये वापस दे दिए। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी करीब 30 किसान खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए।
जिले में एक बार फिर से खाद संकट गहरा गया है। मंगलवार को शहर के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास स्थित सरकारी दुकान पर डीएपी वितरण को लेकर अव्यवस्था और अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोमवार को रैक लगने के बाद सरकारी दुकान पर 500 बैग डीएपी के साथ नैनों डीएपी भी आया था। मंगलवार को मशीन में डीएपी चढ़ाए जाने के बाद किसानों को वितरित करना शुरू किया गया।
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इस दौरान किसानों को पांच बैग डीएपी के साथ एक बोतल नैनों डीएपी भी दिया गया। भारी संख्या में पहुंचे किसानों के लिए यह स्टॉक पर्याप्त नहीं था, जिस कारण कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस दौरान किसानों ने डीएपी वितरण में धांधली का आरोप लगाया। किसान सतपाल, राजबीर, कुलदीप का कहना है कि कुछ लोगों को यहां न होते हुए भी मोबाइल फोन पर ओटीपी पूछकर डीएपी दिया गया जबकि कई जरूरतमंद किसान कड़ी धूप में घंटों लाइन में लगे रहे। वह सुबह सात-आठ बजे डीएपी लेने के लिए दुकान पर आए थे, लेकिन उनको कुछ हासिल नहीं हुआ। अब आगामी रैक लगने के बाद सरकारी दुकान पर डीएपी आने के बाद किसानों को डीएपी वितरित किया जाएगा।
यूरिया भी हुआ खत्म
सरकारी दुकान पर मंगलवार को करीब 100 बैग यूरिया बचा हुआ था, जिसको शाम तक किसानों को वितरित कर दिया गया। करीब 10 दिन पहले 500 बैग यूरिया सरकारी दुकान पर आया था। अब अगला रैक लगने के बाद ही यूरिया पहुंच पाएगा।
डीएपी का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। सरकार के निर्देश अनुसार एक आधार कार्ड पर अधिकतम पांच बैग डीएपी दिए गए हैं। एक महिला को उसका नंबर न होते हुए भी बीच से आधार कार्ड निकालकर डीएपी दिया गया है। नैनों डीएपी जबरन दिए जाने का आरोप निराधार है। सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार नैनों डीएपी दिया जा रहा है। जिस किसान का आधार कार्ड उनके पास आया है, उसी को डीएपी दिया गया है। इसके अलावा किसी भी किसान को डीएपी नहीं दिया गया। वहीं, अगला रैक लगने के बाद डीएपी आने के पश्चात वितरित किया जाएगा।
बालकिशन, उप प्रबंधक, एचएलआरडीसी
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इसके बाद महिला ने नैनों डीएपी लेने से मना कर दिया तो उप प्रबंधक ने महिला को नैनों डीएपी के रुपये वापस दे दिए। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी करीब 30 किसान खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए।
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जिले में एक बार फिर से खाद संकट गहरा गया है। मंगलवार को शहर के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास स्थित सरकारी दुकान पर डीएपी वितरण को लेकर अव्यवस्था और अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोमवार को रैक लगने के बाद सरकारी दुकान पर 500 बैग डीएपी के साथ नैनों डीएपी भी आया था। मंगलवार को मशीन में डीएपी चढ़ाए जाने के बाद किसानों को वितरित करना शुरू किया गया।
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इस दौरान किसानों को पांच बैग डीएपी के साथ एक बोतल नैनों डीएपी भी दिया गया। भारी संख्या में पहुंचे किसानों के लिए यह स्टॉक पर्याप्त नहीं था, जिस कारण कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस दौरान किसानों ने डीएपी वितरण में धांधली का आरोप लगाया। किसान सतपाल, राजबीर, कुलदीप का कहना है कि कुछ लोगों को यहां न होते हुए भी मोबाइल फोन पर ओटीपी पूछकर डीएपी दिया गया जबकि कई जरूरतमंद किसान कड़ी धूप में घंटों लाइन में लगे रहे। वह सुबह सात-आठ बजे डीएपी लेने के लिए दुकान पर आए थे, लेकिन उनको कुछ हासिल नहीं हुआ। अब आगामी रैक लगने के बाद सरकारी दुकान पर डीएपी आने के बाद किसानों को डीएपी वितरित किया जाएगा।
यूरिया भी हुआ खत्म
सरकारी दुकान पर मंगलवार को करीब 100 बैग यूरिया बचा हुआ था, जिसको शाम तक किसानों को वितरित कर दिया गया। करीब 10 दिन पहले 500 बैग यूरिया सरकारी दुकान पर आया था। अब अगला रैक लगने के बाद ही यूरिया पहुंच पाएगा।
डीएपी का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। सरकार के निर्देश अनुसार एक आधार कार्ड पर अधिकतम पांच बैग डीएपी दिए गए हैं। एक महिला को उसका नंबर न होते हुए भी बीच से आधार कार्ड निकालकर डीएपी दिया गया है। नैनों डीएपी जबरन दिए जाने का आरोप निराधार है। सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार नैनों डीएपी दिया जा रहा है। जिस किसान का आधार कार्ड उनके पास आया है, उसी को डीएपी दिया गया है। इसके अलावा किसी भी किसान को डीएपी नहीं दिया गया। वहीं, अगला रैक लगने के बाद डीएपी आने के पश्चात वितरित किया जाएगा।
बालकिशन, उप प्रबंधक, एचएलआरडीसी