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आयुष्मान योजना में शामिल हैं दो लाख लोग, अब तक 45 हजार ही बनवा पाए हैं गोल्डन कार्ड

Thu, 12 Sep 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 01:03 AM IST
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सामान्य अस्पताल का दृश्य - फोटो : Jhjhar
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान योजना के तहत जिले में अब तक 45 हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सरकार के निर्देशानुसार जिले में दो लाख से अधिक लोगों के कार्ड बनाए जाने हैं। फिलहाल जिले में डेढ़ लाख लोगों के गोल्डन कार्ड एक साल बाद भी नहीं बन पाए हैं। अगर पैनल अस्पतालों की बात करें तो अब तक 11 निजी अस्पतालों से टाइअप हो चुका है। इन सभी में भी गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
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केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को 23 सितंबर को एक साल पूरा हो जाएगा। झज्जर जिले में इस योजना की शुरूआत तत्कालीन मंत्री राव नरबीर की मौजूदगी में ही पहला गोल्डन कार्ड बनाया गया था। अभियान की शुरूआत करते हुए 18 पात्र लोगों के पहले ही दिन गोल्डन कार्ड बनाए गए थे। इसके बाद सिविल अस्पताल की ओपीडी में आयुष्मान काउंटर बनाया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि 45 हजार लोगों को गोल्डन कार्ड एक साल के अंदर जारी किए गए हैं जबकि बाकी बचे डेढ़ लाख लोगों के कार्ड भी जल्द ही बनवा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जो कार्ड बनवाने अस्पताल ही नहीं पहुंचे हैं जबकि काफी लोगों का डाटा सरकार द्वारा भेजी गई सूची से मिलान नहीं कर पा रहा। ऐसे केस त्रुटियां दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज चुके हैं। आयुष्मान योजना से जुड़े लोगों को पांच लाख रुपये तक का उपचार पैनल में शामिल अस्पतालों में निशुल्क मिलता है। ऐसे लोगों के उपचार का खर्च निजी अस्पताल संचालकों को सरकार वहन करेगी।
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जिले में 1817 पात्रों ने लिया कराया निशुल्क इलाज
योजना का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है। जिले में योजना के तहत अभी 1817 लोगों ने निशुल्क उपचार करवाया है। इन पात्र व्यक्तियों के उपचार पर कुल दो करोड़, छह लाख, 85 हजार 34 रुपये खर्च हो चुके हैं। झज्जर में नागरिक अस्पतालों सहित 11 अन्य सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में भी निशुल्क उपचार व गोल्डन कार्ड बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि पात्र व्यक्ति को निशुल्क उपचार के लिए घर से ज्यादा दूर न जाना पड़े।
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नॉलेज : यूं बनवाएं पात्र अपना गोल्डन कार्ड
नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि आयुष्मान योजना के लिए पात्र लोगों की सूची सरकार की तरफ से विभाग को भेजी गई थी। अगर कोई व्यक्ति गोल्डन कार्ड बनवाने से वंचित है तो वो आयुष्मान काउंटर पर आना होगा। यहां सूची में नाम मिलने पर उसे आईडी प्रूफ दिखाना होगा जिससे रिकॉर्ड के साथ मिलाया जाएगा। रिकॉर्ड मैच होने पर उक्त व्यक्ति को गोल्डन कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
एडमिट होने पर ही मिलता है लाभ
सीएमओ डॉ. आरएस पूनिया ने बताया कि पैनल में शामिल अस्पतालों में पात्र व्यक्ति को अपना गोल्डन कार्ड दिखाना पड़ेगा। इसके बाद उसकी एंट्री की जाएगी। उन्होंने बताया कि ओपीडी या दवा खरीदने में कार्ड प्रयोग नहीं होगा। इन दोनों प्रक्रियाओं में मरीज को फीस देनी होगी। अगर मरीज को एडमिट किया जाता है तो फिर उसके उपचार का खर्च सरकार वहन करेगी।

जिले में करीब दो लाख पात्र लोग हैं जिनके गोल्डन कार्ड बनाए जाने थे। अब तक 45 हजार लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं जबकि बचे हुए लोगों के भी जल्द गोल्डन कार्ड बना दिए जाएंगे। इस समय 11 निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं।
- डॉ. आरएस पूनिया, सीएमओ, झज्जर।
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