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Jhajjar-Bahadurgarh News: स्थायी रैन बसेरे का निर्माण ठेकेदार न मिलने से अटका
Thu, 03 Sep 2026 05:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:17 PM IST
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फोटो-59: बालोर रोड पर अधूरा पड़ा रैन बसेरे का भवन। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए बन रहे स्थायी रैन बसेरे का निर्माण कार्य फिर अटक गया है। ठेकेदार नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी है। नगर परिषद ने अधूरे भवन को पूरा कराने के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किया है। शेष निर्माण कार्य पर करीब 82 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह रैन बसेरा राजकीय महाविद्यालय के नजदीक बादली-बालौर रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर बन रहा है। इसका निर्माण करीब पांच वर्ष पहले शुरू हुआ था। दो मंजिला भवन के निर्माण पर अब तक लगभग 1.90 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद भवन का काम पूरा नहीं हो सका है। अधूरा भवन होने के कारण सर्दियों में जरूरतमंद और बेघर लोगों को यहां ठहरने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पहले लगाए गए टेंडर में किसी ठेकेदार ने काम करने में रुचि नहीं दिखाई थी।
वर्तमान में शहर में कोई स्थायी रैन बसेरा नहीं है। सर्दियों के दौरान नगर परिषद अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था करती है। इसके बावजूद कई बेसहारा लोगों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और फुटपाथों पर रात गुजारनी पड़ती है। नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि रैन बसेरे का अधूरा निर्माण पूरा कराना परिषद की प्राथमिकता है। ठेकेदार मिलने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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बहादुरगढ़। शहर में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए बन रहे स्थायी रैन बसेरे का निर्माण कार्य फिर अटक गया है। ठेकेदार नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी है। नगर परिषद ने अधूरे भवन को पूरा कराने के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किया है। शेष निर्माण कार्य पर करीब 82 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह रैन बसेरा राजकीय महाविद्यालय के नजदीक बादली-बालौर रोड को जोड़ने वाले मार्ग पर बन रहा है। इसका निर्माण करीब पांच वर्ष पहले शुरू हुआ था। दो मंजिला भवन के निर्माण पर अब तक लगभग 1.90 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद भवन का काम पूरा नहीं हो सका है। अधूरा भवन होने के कारण सर्दियों में जरूरतमंद और बेघर लोगों को यहां ठहरने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पहले लगाए गए टेंडर में किसी ठेकेदार ने काम करने में रुचि नहीं दिखाई थी।
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वर्तमान में शहर में कोई स्थायी रैन बसेरा नहीं है। सर्दियों के दौरान नगर परिषद अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था करती है। इसके बावजूद कई बेसहारा लोगों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और फुटपाथों पर रात गुजारनी पड़ती है। नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि रैन बसेरे का अधूरा निर्माण पूरा कराना परिषद की प्राथमिकता है। ठेकेदार मिलने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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