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Jhajjar-Bahadurgarh News: तारकोल फैक्टरी में झुलसे युवक ने तोड़ा दम, परिजनों ने शव को एंबुलेंस में रखकर फैक्टरी के बाहर लगाया जाम
Sun, 28 Sep 2025 08:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 28 Sep 2025 08:21 AM IST
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27jjrp27- ढराणा मोड पर फैक्टरी के बाहर जाम लगाते ग्रामीण। संवाद
बेरी। छह दिन पहले ढराणा मोड़ पर तारकोल फैक्टरी में टैंक की क्वाइल फटने से आग में झुलसे गांव ढराणा निवासी कर्मचारी दीपक की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, चिमनी निवासी कर्मचारी अरुण की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। कर्मचारी की मौत होने के बाद गुस्साएं चिमनी, ढराणा, दूबलधन माजरा के ग्रामीणों ने फैक्टरी के बाहर ढराणा मोड़ पर एंबुलेंस में शव के साथ जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का कहना था की फैक्टरी में लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ था। अगर समय रहते हादसे में झुलसे कर्मचारियों को इलाज मिल जाता तो कर्मचारी की जान नहीं जाती और दूसरे कर्मचारी की हालत भी गंभीर है। ग्रामीणों ने कहा की फैक्टरी के मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और झुलसे हुए कर्मचारियों को न्याय दिया जाए।
ढराणा मोड़ पर जाम लगाने के बाद ग्रामीणों का कहना था कि तब तक जाम नहीं खुलेगा, जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। सूचना पाकर बेरी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण जाम लगाए हुए थे। जाम के कारण वाहनों की लाइन लग गई और उनके दूसरे रूटों से रवाना किया गया।
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करीब 15 साल पहले पिता की हो चुकी मौत
बता दें कि तारकोल फैक्टरी में हुए हादसे में मृतक दीपक के पिता की करीब 15 साल पहले मौत हो चुकी है। दीपक के दो बच्चे हैं, जिसमें एक लड़का व एक लड़की हैं। अपने परिवार का पालन-पोषण दीपक ही चला रहा था, लेकिन अब उसकी मौत से परिवार पर भरण-पोषण की समस्या होगी।
पुलिस ने रूट डायवर्ट करवाया
नवरात्र में बेरी में माता भीमेश्वरी देवी का मेला चल रहा है और मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। ढराणा मोड़ पर ग्रामीणों की ओर से जाम लगाने के बाद पुलिस ने बेरी के दूबलधन चौक से रूट डायवर्ट करवाया गया।
यह था मामला
बीते सोमवार को गांव ढराणा मोड़ पर जलनिधि बिटुनमस स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फैक्टरी में तारकोल में क्वाइल फटने से टैंक में आग लग गई थी। इसमें पांच कर्मचारी झुलस गए थे। उस समय दो टैंकों की टेस्टिंग का कार्य चल रहा था। अचानक एक टैंक की क्वाइल प्रेशर ज्यादा होने के कारण फट गई और आग लग गई। टैंक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। टैंक के बाहर काम कर रहे गांव चिमनी निवासी सुधीर अरूण, सचिन, बिसाहन निवासी संदीप व ढराणा निवासी दीपक आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए थे। हादसे में झुलसे चार कर्मचारियों का पीजीआई में इलाज चल रहा है।
तारकोल फैक्टरी में हुए हादसे में ढराणा निवासी कर्मचारी दीपक की मौत हो गई। गुस्साएं ग्रामीणों ने फैक्टरी के बाहर ढराणा मोड़ पर जाम लगाने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है। फैक्टरी के अधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है।
- विकास कुमार, थाना प्रभारी, बेरी
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ग्रामीणों का कहना था की फैक्टरी में लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ था। अगर समय रहते हादसे में झुलसे कर्मचारियों को इलाज मिल जाता तो कर्मचारी की जान नहीं जाती और दूसरे कर्मचारी की हालत भी गंभीर है। ग्रामीणों ने कहा की फैक्टरी के मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और झुलसे हुए कर्मचारियों को न्याय दिया जाए।
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ढराणा मोड़ पर जाम लगाने के बाद ग्रामीणों का कहना था कि तब तक जाम नहीं खुलेगा, जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। सूचना पाकर बेरी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण जाम लगाए हुए थे। जाम के कारण वाहनों की लाइन लग गई और उनके दूसरे रूटों से रवाना किया गया।
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करीब 15 साल पहले पिता की हो चुकी मौत
बता दें कि तारकोल फैक्टरी में हुए हादसे में मृतक दीपक के पिता की करीब 15 साल पहले मौत हो चुकी है। दीपक के दो बच्चे हैं, जिसमें एक लड़का व एक लड़की हैं। अपने परिवार का पालन-पोषण दीपक ही चला रहा था, लेकिन अब उसकी मौत से परिवार पर भरण-पोषण की समस्या होगी।
पुलिस ने रूट डायवर्ट करवाया
नवरात्र में बेरी में माता भीमेश्वरी देवी का मेला चल रहा है और मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। ढराणा मोड़ पर ग्रामीणों की ओर से जाम लगाने के बाद पुलिस ने बेरी के दूबलधन चौक से रूट डायवर्ट करवाया गया।
यह था मामला
बीते सोमवार को गांव ढराणा मोड़ पर जलनिधि बिटुनमस स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फैक्टरी में तारकोल में क्वाइल फटने से टैंक में आग लग गई थी। इसमें पांच कर्मचारी झुलस गए थे। उस समय दो टैंकों की टेस्टिंग का कार्य चल रहा था। अचानक एक टैंक की क्वाइल प्रेशर ज्यादा होने के कारण फट गई और आग लग गई। टैंक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। टैंक के बाहर काम कर रहे गांव चिमनी निवासी सुधीर अरूण, सचिन, बिसाहन निवासी संदीप व ढराणा निवासी दीपक आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए थे। हादसे में झुलसे चार कर्मचारियों का पीजीआई में इलाज चल रहा है।
तारकोल फैक्टरी में हुए हादसे में ढराणा निवासी कर्मचारी दीपक की मौत हो गई। गुस्साएं ग्रामीणों ने फैक्टरी के बाहर ढराणा मोड़ पर जाम लगाने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है। फैक्टरी के अधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है।
- विकास कुमार, थाना प्रभारी, बेरी

27jjrp27- ढराणा मोड पर फैक्टरी के बाहर जाम लगाते ग्रामीण। संवाद