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Jhajjar-Bahadurgarh News: सिलाना और सिलानी गांव में लगेगा वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम, 3.36 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:43 AM IST
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A vertical drainage system will be installed in Silana and Silani villages, at a cost of Rs 3.36 crore.
29jjrp25- कृ​षि विभाग की तरफ से एक खेत में लगाया गया वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम। स्रोत-कृ​षि विभाग
झज्जर। सेम और लवणीय भूमि से परेशान जिले के दो और गांवों के किसानों को जल्द ही राहत मिल सकती है। कृषि और कल्याण विभाग की तरफ से सेम व लवणीयता को ठीक करने का काम किया जाएगा। दोनों गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।
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कृषि और कल्याण विभाग की तरफ से विभिन्न गांवों के लिए वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। इसके तहत सिलाना और सिलानी गांवों में बनी समस्या से किसानों को निजात दिलाने के लिए लवणीय पानी को ड्रेनेज के माध्यम से निकाला जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 3 करेड़ 36 लाख 41 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
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इसके लिए कृषि एवं कल्याण विभाग की तरफ से ऑनलाइन टेंडर लगाया गया है। 9 फरवरी तक टेंडर के लिए आवेदन मांगे गए हैं। उसके बाद तकनीकी व फाइेंशियल बिड खोली जाएंगी। कम रेट वाली एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद 18 माह में इस प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा।
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यहां बता दें कि जिले में सैकड़ों एकड़ जमीन सेम की समस्या के चलते बंजर हो चुकी है और बहुत सारी जमीन ऐसी है जो इस दिशा में तेजी से आगे कदम बढ़ा रही है। जिले में लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर उपजाऊ भूमि है। जिन इलाकों में धान की फसल लगातार रोपी जा रही है, वहां की जमीन के भीतर के जल में क्लोराइड, कार्बोनेट बहुत ज्यादा पाए गए हैं।
यहां का जलस्तर पांच से दस फीट तक मिला है। इलाके का आकार कटोरे की तरह से है। थोड़ा सा पानी भी जमीन में काफी दिनों तक खड़ा रहता है। यही वजह है कि अगर हल्की सी भी बरसात हो जाए तो वहां पर पानी सूखता ही नहीं है।
जिस इलाके में सेम की समस्या है, वहां पर लगातार सिंचाई से जमीन इतनी ज्यादा तृप्त हो गई है कि जमीन पानी सोखने की स्थिति में नहीं रहती। ऐसे में कृषि एवं कल्याण विभाग ने

ड्रेन में छोड़ा जाएगा पानी
प्रोजेक्ट के तहत सोलर सिस्टम, मोटर लगाकर पानी को बाहर निकाला जाएगा और उसे ड्रेन में छोड़ा जाएगा। वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम वहीं कामयाब है, जहां आसपास ड्रेन मौजूद है या फिर बनाई जा सकती है। जहां ऐसी सुविधा नहीं है, वहां प्रोजेक्ट कामयाब नहीं है। क्योंकि नहरों में सिंचाई विभाग लावणीय युक्त पानी नहीं छोड़ने देता है।

कई गांवों में सफल रही योजना
बेरी, दुजाना और शेरिया गांव में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम योजना काफी सफल रही है। वहां पर भूमि जल स्तर तीन फुट पर आ गया था। वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम स्थापित होने से भूमिगत जल स्तर 12 फीट नीचे पहुंच गया और दोनों सीजन की फसलें होने लगी। जिले के 11 गांवों में इसे लागू किया गया है और जल्द ही बाकी गांवों के भी प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।



जिले के 232 गांवों में सेम की समस्या
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार झज्जर जिला के 232 गांवों में सेम की समस्या थी। जिले के 11 गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम से सेम की समस्या खत्म हो गई है। बाकी 221 गांवों में भी योजनाबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा।

वर्जन
सिलाना व सिलानी गांव में वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके प्रोजेक्ट के लिए टेंडर लगाया गया है।
अशोक कुमार, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी
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