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चुनवों में कोताही बरती तो नौकरी से धोना पड़ेगा हाथ: उपायुक्त
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चरखी दादरी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने मंगलवार को अपने कार्यालय में सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान जिला के सभी अधिकारी व कर्मचारी आचार संहिता की पूर्ण रूप से पालना करें। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही पर माफी की कोई भी संभावना नहीं है और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर सहित गंभीर चार्जशीट की कार्रवाई भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी इस समय चुनाव आयोग के कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं। सभी को आयोग के निर्देशों और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। आगामी 23 मई तक जिला के अधिकारियों और कर्मचारियों को आदर्श आचार संहिता की स्वयं भी पालना करनी है। अपनी ड्यूटी निभाते हुए आचार संहिता का पालन करवाना भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के जिलाध्यक्ष आदर्श आचार संहिता के दिशा-निर्देशों को जरूर पढ़ लें। सभी अधिकारियों को चुनाव के नियमों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी नियम व निर्देश हर मामले में अंतिम हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान आयोग सहित रिर्टनिंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक रिर्टनिंग अधिकारी व उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं। सभी जिला अध्यक्ष सुनिश्चित करें कि इन आदेशों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए। चुनाव में कोताही बरतने पर नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता के नियमों के अनुसार कोई अगर किसी विकास कार्य के लिए संबंधित विभाग द्वारा वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है और मौके पर कार्य शुरू नहीं हुआ है तो उस कार्य को शुरू नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जिला के सभी अभियंताओं से शुरू हो चुके विकास कार्यों की वास्तविक रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने बताया कि अगर कोई कार्य पहले से शुरू है तो उसको जारी रखा जा सकता है और कांट्रेक्ट के अनुसार भुगतान भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेस्ट हाउस में राजनैतिक गतिविधियां बैन रहेंगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की हाल ही में जारी हिदायतों के अनुसार कोई भी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति भारतीय सेना व सैनिकों के नाम एवं फोटो का प्रयोग नहीं कर सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार के काफिले में 10 वाहन से अधिक नहीं होने चाहिए। उन्होंने बताया कि मोटर साइकिल का चुनाव प्रचार में प्रयोग वर्जित है। एक साथ 10 से ज्यादा बाइक का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता की अनुपालना में सभी विभाग एवं कार्यालय को अपने परिसरों से सरकारी प्रचार सामग्री हटानी होती है। इसमें विभिन्न योजनाओं के पोस्टर बैनर आदि और जिन प्रचार सामग्री पर किसी भी राजनैतिक व्यक्ति की फोटो हो, शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में सरकारी कैलेंडर भी शामिल है क्योंकि उस पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के फोटो हैं। इस मामले में या तो कैलेंडर को हटा लिया जाए या राजनीतिक व्यक्तियों की फोटो पर पेपर चिपका दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी इस समय चुनाव आयोग के कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं। सभी को आयोग के निर्देशों और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। आगामी 23 मई तक जिला के अधिकारियों और कर्मचारियों को आदर्श आचार संहिता की स्वयं भी पालना करनी है। अपनी ड्यूटी निभाते हुए आचार संहिता का पालन करवाना भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के जिलाध्यक्ष आदर्श आचार संहिता के दिशा-निर्देशों को जरूर पढ़ लें। सभी अधिकारियों को चुनाव के नियमों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी नियम व निर्देश हर मामले में अंतिम हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान आयोग सहित रिर्टनिंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक रिर्टनिंग अधिकारी व उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं। सभी जिला अध्यक्ष सुनिश्चित करें कि इन आदेशों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए। चुनाव में कोताही बरतने पर नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
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उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता के नियमों के अनुसार कोई अगर किसी विकास कार्य के लिए संबंधित विभाग द्वारा वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है और मौके पर कार्य शुरू नहीं हुआ है तो उस कार्य को शुरू नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जिला के सभी अभियंताओं से शुरू हो चुके विकास कार्यों की वास्तविक रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने बताया कि अगर कोई कार्य पहले से शुरू है तो उसको जारी रखा जा सकता है और कांट्रेक्ट के अनुसार भुगतान भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रेस्ट हाउस में राजनैतिक गतिविधियां बैन रहेंगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की हाल ही में जारी हिदायतों के अनुसार कोई भी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति भारतीय सेना व सैनिकों के नाम एवं फोटो का प्रयोग नहीं कर सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार के काफिले में 10 वाहन से अधिक नहीं होने चाहिए। उन्होंने बताया कि मोटर साइकिल का चुनाव प्रचार में प्रयोग वर्जित है। एक साथ 10 से ज्यादा बाइक का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता की अनुपालना में सभी विभाग एवं कार्यालय को अपने परिसरों से सरकारी प्रचार सामग्री हटानी होती है। इसमें विभिन्न योजनाओं के पोस्टर बैनर आदि और जिन प्रचार सामग्री पर किसी भी राजनैतिक व्यक्ति की फोटो हो, शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में सरकारी कैलेंडर भी शामिल है क्योंकि उस पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के फोटो हैं। इस मामले में या तो कैलेंडर को हटा लिया जाए या राजनीतिक व्यक्तियों की फोटो पर पेपर चिपका दिया जाए।