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नप ने पकड़े 82 गोवंश, चारे की व्यवस्था करने की मांग पर पार्षदों ने किया हंगामा, भूखों मरने पर दी आंदोलन की चेतावनी

Wed, 30 Jan 2019 01:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jan 2019 01:10 AM IST
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नप ने पकड़े 82 गोवंश, चारे की व्यवस्था करने की मांग पर पार्षदों ने किया हंगामा, भूखों मरने पर दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद नगर परिषद ने मंगलवार को शहर में लावारिस गोवंश पकड़ो अभियान चलाया। विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अधूरे प्रबंधों के साथ अभियान शुरू करने पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण के नेतृत्व में सात पार्षद ईओ विजयपाल से उनके कार्यालय में मिले। इस दौरान पार्षदों की ईओ से तीखी नोकझोंक हुई करीब आधे घंटे तक वहां हंगामे की स्थिति बनी रही। दोनों खेमों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जड़े और इसके बाद पार्षद उठकर ईओ कार्यालय से बाहर आ गए। नगर परिषद ने मंगलवार सुबह करीब चार बजे लावारिस पशु पकड़ो अभियान शुरू किया और इस दौरान 82 गोवंश पकड़कर अग्रसेन धर्मशाला के सामने बनी नंदीशाला में छोड़ा।
चारे और जगह का प्रबंध किए बिना शहर से लावारिस गोवंश पकड़ने पर पार्षदों ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस मामले पर मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद महेश गुप्ता, पार्षद विनोद वाल्मीकि, पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, विक्रम श्योराण, जय सिंह लांबा ईओ विजयपाल से मिलने पहुंचे। इन पार्षदों ने ईओ से कहा कि गोवंशों को पकड़कर नंदीशाला में रोका जा रहा है लेकिन वहां न तो चारे की व्यवस्था है और न पर्याप्त जगह है। इस पर ईओ ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेशों पर लावारिस गोवंश पकड़ो अभियान शुरू किया गया है। ईओ ने कहा कि यह अभियान शहरवासियों को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए शुरू किया गया है। इस पर पार्षदों ने कहा कि नंदीशाला में पशुओं के लिए न तो पर्याप्त चारा है और न ही यहां 200 से ज्यादा पशुओं को रखने के लिए जगह है। पार्षदों ने बताया मंगलवार को नंदीशाला में गोवंशों की तादाद 220 से पार पहुंच चुकी है। अगर नगर परिषद को अभियान जारी रखना है तो जगह और चारे की पहले व्यवस्था की जाए। इस पर ईओ ने कहा कि हर माह 50 हजार रुपये चारे के लिए नगर परिषद देगी और बाकी सामाजिक संस्थाओं और लोगों का सहयोग लिया जाएगा।
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पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी ने आरोप लगाए कि करीब डेढ़ साल पहले नंदीशाला में 400 से ज्यादा गोवंश रोके थे लेकिन उनके लिए चारे का प्रबंध करने में जिला प्रशासन और नगर परिषद नाकाम रही है। इसके चलते कई गांवशों की भूख से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम किए बिना ही उन्हें दफना दिया गया। चेतावनी देकर विरेंद्र ने कहा कि अगर इस बार नंदीशाला में एक भी गोवंश की मौत होती है तो उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अगर मौत का कारण भूख मिला तो फिर इसकी जिम्मेदारी ईओ की ही होगी। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी देर तक गहमा-गहमी रही। शोर-शराबा होने पर ईओ कक्ष के बाहर काफी कर्मचारी जमा हो गए। करीब 20 मिनट तक हुई नोकझोंक के बाद पार्षद उठकर चले गए।
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गोवंश की मौत हुई तो पार्षद खोल देंगे नंदीशाला के गेट
ईओ से मुलाकात के दौरान पार्षदों ने कहा कि अगर अब नंदीशाला में एक भी गोवंश की मौत किन्हीं भी कारणों से हुई तो सभी पार्षद नंदीशाला का गेट खोलकर गोवंशों को बाहर निकाल देंगे। पार्षदों ने कहा कि नंदीशाला में गोवंशों को रखने के लिए व्यवस्थाएं तक नहीं हैं। बिना इंतजाम किए गोवंशों को वहां रखना गलत है। इसके चलते गोवंशों की मौत हो सकती है।

अतिक्रमण और पॉलिथिन का भी उठाया मुद्दा
पार्षदों ने नंदीशाला में व्यवस्थाएं कराने के अलावा शहर को अतिक्रमण व पॉलिथीन से निजात दिलाने का मुद्दा भी उठाया। पार्षदों ने कहा कि पूरे शहर में अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है लेकिन नप कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही। इसके अलावा पॉलिथीन प्रयोग बैन करने की प्लानिंग ठंडे बस्ते में होने पर भी पार्षदों ने कड़ा ऐतराज जताया।

राजनीति कर रहे हैं ईओ विजयपाल : विरेंद्र
विरेंद्र चरखी ने कहा कि ईओ राजनीति कर रहे हैं। नंदीशाला में आए चारे की करीब ढाई लाख रुपये पेमेंट बकाया है और इस समय 225 गोवंशों के लिए महज ढाई से तीन क्विंटल चारा ही नंदीशाला में है। यह चारा एक दिन के लिए भी पर्याप्त नहीं है। प्रशासन के दबाव में आकर ईओ ने गोवंश पकड़ो अभियान शुरू किया है।


बेवजह दबाव बनाने का प्रयास कर रहे पार्षद, सहयोग करें : ईओ
यह अभियान शहर को गोवंशों से निजात दिलाने के लिए शुरू किया गया है। बेवजह उन पर दबाव बनाकर अभियान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जो पेमेंट चारे की एवज में बकाया है उसका बिल अब तक कार्यालय में नहीं पहुंचा है। बिना बिल के हम भुगतान नहीं कर सकते। -विजयपाल, ईओ, नगर परिषद
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