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जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को दी बाल विवाह एक्ट की जानकारी
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:00 AM IST
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ग्रामीणों को दी बाल विवाह एक्ट की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
दादरी विधिक सेवाएं प्राधिकरण की चेयरमैन व एसीजे सीनियर डिवीजन अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में रविवार को गांव मकड़ाना में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों को विभिन्न अधिनियमों और बाल विवाह एक्ट के बारे में जानकारी दी गई।
अधिवक्ता मुकेश सांगवान ने इस शिविर में बताया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के समय लड़के की आयु कम से कम 21 साल और लड़की की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। शारीरिक व मानसिक रूप से परिपक्व होने पर ही युवक-युवती को शादी के योग्य माना जाता है। इस कानून का उल्लंघन करने के दोषी व्यक्ति को दो साल की सजा तथा जुर्माना किया जा सकता है। इस मौके पर सुरेश कुमार, सरिता देवी आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
दादरी विधिक सेवाएं प्राधिकरण की चेयरमैन व एसीजे सीनियर डिवीजन अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में रविवार को गांव मकड़ाना में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों को विभिन्न अधिनियमों और बाल विवाह एक्ट के बारे में जानकारी दी गई।
अधिवक्ता मुकेश सांगवान ने इस शिविर में बताया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के समय लड़के की आयु कम से कम 21 साल और लड़की की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। शारीरिक व मानसिक रूप से परिपक्व होने पर ही युवक-युवती को शादी के योग्य माना जाता है। इस कानून का उल्लंघन करने के दोषी व्यक्ति को दो साल की सजा तथा जुर्माना किया जा सकता है। इस मौके पर सुरेश कुमार, सरिता देवी आदि मौजूद थे।
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