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दो एमएम बारिश से छह डिग्री लुढका अधिकतम तापमान
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:25 AM IST
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दो एमएम बारिश से छह डिग्री लुढ़का अधिकतम तापमान
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
मंगलवार को जिले के विभिन्न भागों में हुई दो एमएम बारिश से अधिकतम तापमान छह डिग्री तक लुढ़क गया। वहीं न्यूनतम तापमान में दो डिग्री गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 18 व न्यनूतम तापमान नौ डिग्री दर्ज किया गया, जिससे मौसम में ठंड बढ़ गई। मौसम में बदलाव से 13 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं भी चलीं।
बारिश को रबी की फसलों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है। क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा था। दिन के समय धूप खिलने के चलते सुबह शाम ही ठंड रही गई थी। वहीं तापमान संतुलित न होने की वजह से किसानों में चिंता बढ़ने लगी थी। वहीं मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह आसमान में घने बादल छा गए और जिले के कई भागों में हल्की बारिश हुई। शहर में दो एमएम बारिश रिकार्ड की गई। सुबह करीब 10 बजे बूंदाबांदी तेज हो गई। बारिश की झड़ी में लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। बैंकों,शिक्षण संस्थाओं व सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी थोड़ी देरी से पहुंचे। दोपहर बाद आसमान से बादल थोड़े छंट गए, लेकिन मौसम पूरी तरह से साफ नहीं हुआ।
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रबी की फसलों को होगा फायदा
हल्की बारिश से रबी की फसलों में फायदा पहुंचने की उम्मीद है। जिले में इस बार 54 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में गेहूं और 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई कर रखी है। चार हजार हैक्टेयर में जौ की बिजाई भी कर रखी है। हालांकि किसानों ने रबी की फसलों की पहली सिंचाई कर रखी है लेकिन इस बारिश को इन फसलों के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
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किसान जगदीश कुमार व राजेंद्र सिंह महराणा का कहना है कि इस मौसम में बारिश एक प्रकार से प्राकृतिक खाद का काम करती है। इससे फसलों में काफी हद तक रोग भी दूर हो जाते हैं। फसलों में विशेष रौनक आ जाती है। अगर 10 एमएम तक बारिश हो जाती तो किसानों की एक सिंचाई की भी बचत हो जाती। किसानों का मानना रबी की फसलों के लिए इस मौसम में ठंडक का बना रहना जरूरी है। ज्यादा तापमान बढ़ जाने पर फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने लगता है। खंड कृषि विकास अधिकारी संदीप बूरा का कहना है कि इस हल्की बारिश से फसलों को काफी लाभ पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल जिले में फसलों की स्थिति अनुकूल ही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
मंगलवार को जिले के विभिन्न भागों में हुई दो एमएम बारिश से अधिकतम तापमान छह डिग्री तक लुढ़क गया। वहीं न्यूनतम तापमान में दो डिग्री गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 18 व न्यनूतम तापमान नौ डिग्री दर्ज किया गया, जिससे मौसम में ठंड बढ़ गई। मौसम में बदलाव से 13 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं भी चलीं।
बारिश को रबी की फसलों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है। क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से तापमान लगातार बढ़ रहा था। दिन के समय धूप खिलने के चलते सुबह शाम ही ठंड रही गई थी। वहीं तापमान संतुलित न होने की वजह से किसानों में चिंता बढ़ने लगी थी। वहीं मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह आसमान में घने बादल छा गए और जिले के कई भागों में हल्की बारिश हुई। शहर में दो एमएम बारिश रिकार्ड की गई। सुबह करीब 10 बजे बूंदाबांदी तेज हो गई। बारिश की झड़ी में लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। बैंकों,शिक्षण संस्थाओं व सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी थोड़ी देरी से पहुंचे। दोपहर बाद आसमान से बादल थोड़े छंट गए, लेकिन मौसम पूरी तरह से साफ नहीं हुआ।
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रबी की फसलों को होगा फायदा
हल्की बारिश से रबी की फसलों में फायदा पहुंचने की उम्मीद है। जिले में इस बार 54 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में गेहूं और 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बिजाई कर रखी है। चार हजार हैक्टेयर में जौ की बिजाई भी कर रखी है। हालांकि किसानों ने रबी की फसलों की पहली सिंचाई कर रखी है लेकिन इस बारिश को इन फसलों के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
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किसान जगदीश कुमार व राजेंद्र सिंह महराणा का कहना है कि इस मौसम में बारिश एक प्रकार से प्राकृतिक खाद का काम करती है। इससे फसलों में काफी हद तक रोग भी दूर हो जाते हैं। फसलों में विशेष रौनक आ जाती है। अगर 10 एमएम तक बारिश हो जाती तो किसानों की एक सिंचाई की भी बचत हो जाती। किसानों का मानना रबी की फसलों के लिए इस मौसम में ठंडक का बना रहना जरूरी है। ज्यादा तापमान बढ़ जाने पर फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने लगता है। खंड कृषि विकास अधिकारी संदीप बूरा का कहना है कि इस हल्की बारिश से फसलों को काफी लाभ पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल जिले में फसलों की स्थिति अनुकूल ही है।