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ऑनलाइन बिल भरने पर अब नो एक्स्ट्रा चार्ज
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:53 AM IST
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ऑनलाइन बिल भरने पर अब नो एक्स्ट्रा चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बिजली निगम अपने उपभोक्ताओं के लिए नववर्ष में एक विशेष ऑनलाइन सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके तहत ऑनलाइन बिजली बिल भरने में उपभोक्ताओं को जेब ढीली कर अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा। ‘नो एक्स्ट्रा चार्ज’ नामक स्कीम के तहत उपभोक्ताओं से बिजली भरने पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। चरखी दादरी बिजली निगम ने ई-पे नामक कंपनी को इसके लिए हायर किया है। यह कंपनी जिले में इस काम के लिए अपने एजेंट नियुक्त करेगी जोकि उपभोक्ताओं के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बैठकर ऑनलाइन बिजली भरने का कार्य करेंगे। इस समय यह काम शहर में करीब 50 ब्रोकर कर रहे हैं। शहर में स्थित ऑनलाइन सर्विस की करीब 50 दुकानों पर प्रतिमाह 50 लाख तक का बिजली बिल जमा हो रहा है। इस काम में ये ब्रोकर 50 हजार रुपये तक कमीशन कमा रहे हैं।
बिजली निगम की प्लानिंग सिरे चढ़ने से अब ई-पेमेंट के दौरान अतिरिक्त शुल्क भी उपभोक्ता से नहीं लिया जाएगा। प्रति बिल की अदायगी बिजली निगम ई-पे नामक कंपनी को करेगा। यह कंपनी नए साल के पहले दिन से ही उपभोक्ताओं के लिए शहर में कई जगह एजेंट नियुक्त कर देगी। वहीं, हर बड़े गांव में भी एक एजेंट नियुक्त करने की जिम्मेवारी कंपनी की होगी। छोटे दो से तीन गांवों में एक एजेंट नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता बिना अतिरिक्त शुल्क दिए अपने बिल की अदायगी भुगतान की तरह ही कर सकेंगे। निगम अधिकारियों की मानें तो डीएचबीवीएन ने इस कार्य के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया है उसने शहर और गांवों में अपने एजेंट हायर कर लिए हैं जोकि एक जनवरी से ही अपना काम संभाल लेेंगे। निगम अधिकारियों की मानें तो एक-दो दिन में ही एजेंटों के बैठने की जगह फाइनल होगी और उक्त कंपनी इन जगहों का प्रचार-प्रसार भी करेगी। इसके लिए पूरे शहर में मुनादी भी करवाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि शहर में प्रतिदिन तीन लाख बिजली यूनिट की खपत होती है। वहीं, एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि जिले में करीब 24 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें शहरी उपभोक्ताओं की संख्या करीब आठ हजार है। प्रतिमाह 1500 से 1700 उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली बिल की अदायगी करते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। निगम के इस कदम के बाद उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी को बिजली निगम प्रति बिल की अदायगी पर पांच रुपये चार्ज देगा। अधिकारियों का तर्क है कि इतना खर्च पे-टीएम आदि सेवाओं के जरिए भुगतान प्रक्रिया कराने पर भी निगम को आती थी।
इस तरह मिलेगा सेवाओं का लाभ
जिले का कोई भी उपभोक्ता इस सेवा का लाभ उठा सकता है। इसके लिए शहर में जगह-जगह भुगतान काउंटर बनाए जाएंगे। इन जगहों पर कंपनी अपने एजेंट बैठाएगी। ये एजेंट ऑनलाइन बिजली बिल भरने पर उपभोक्ताओं से महज बिल राशि ही चार्ज करेंगे। पेमेंट की इस अदायगी का मैसेज बाकायदा उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर आएगा। अगर कोई उपभोक्ता रसीद लेना चाहे तो एजेंट अदायगी करने पर कच्ची रसीद भी उपभोक्ता को थमाएंगे जोकि बिजली निगम कार्यालय में भी मान्य होगी।
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अभी तक 40 हजार की अदायगी पर वसूलते हैं 400 रुपये चार्ज
ऑनलाइन सर्विस सेवा के एक संचालक ने बताया कि शहर में ऐसी कई दुकानें हैं जिन पर ऑनलाइन बिजली बिल सहित अन्य ऑनलाइन अदायगी का काम होता है। उक्त संचालक के अनुसार एक दुकान पर एक माह में 30 ऑनलाइन बिजली की अदायगी औसतन होती है। इस दौरान एक रुपये से एक हजार तक का बिजली बिल भरने पर 20 रुपये, एक हजार से दो हजार तक के बिल भुगतान पर 30 रुपये, दो से तीन हजार के बिल भुगतान पर 40 रुपये व 40 हजार के बिल भुगतान पर 400 रुपये लिए जाते हैं। दुकान संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन दुकानों से प्रतिमाह करीब 50 लाख रुपये तक के ऑनलाइन बिजली बिल भरे जाते हैं। इसकी एवज में उन्हें करीब 50 हजार रुपये तक की आमदनी होती है।
डिफाल्टरों से निगम ही निपटेगी, सरकारी विभाग बड़े डिफाल्टर
इस समय 20 करोड़ 94 लाख की राशि शहरी उपभोक्ताओं में अटकी पड़ी है। इसमें आम उपभोक्ता सहित सरकारी विभाग भी शामिल हैं। सरकारी विभागों पर आम उपभोक्ता से चार गुना ज्यादा बकाया राशि पेंडिंग हैं। एसडीओ के अनुसार आम उपभोक्ता पर करीब पांच करोड़ 71 लाख और सरकारी विभागों पर 15 करोड़ 23 लाख के बिजली बिल की रिकवरी होनी बाकी है। उन्होंने बताया कि बिजली बिल जमा न कराने पर 185 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन भी काटे गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब चार करोड़ 94 लाख की राशि बकाया थी।
कंपनी इस तरह करेगी बिजली बिल जमा
जिले के बिजली बिल की ऑनलाइन भुगतान में कोई अतिरिक्त चार्ज न लगने से बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। इस प्रक्रिया को अपनाने से बिजली निगम के काउंटरों पर उपभोक्ताओं को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इस कदम के बाद उपभोक्ता अपने निकटतम एजेंट के पास पहुंचकर बिल की अदायगी कर सकते हैं। निगम एसडीओ ने बताया कि यह कंपनी भुगतान का आंकलन कर धनराशि पहले ही निगम के खाते में जमा करा देगी। इसके बाद शहर के करीब दस और जिले के हर बड़े गांव में बैठा कंपनी का एजेंट उपभोक्ताओं के बिल भरेगा। यह डाटा निगम के पास भी तुरंत अपडेट किया जाएगा ताकि निगम की बकाया लिस्ट से भुगतान के तत्काल बाद उपभोक्ता का नाम हटाया जा सके।
गबन होने पर कंपनी पर गिरेगी गाज: एसडीओ
एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि एक जनवरी से ही ऑनलाइन बिजली भुगतान पर उपभोक्ता को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए दक्षिण हरियाणा बिजली निगम का ई-पे नामक कंपनी के साथ कांट्रेक्ट हो चुका है। एचबीवीपीएन ने यह ठेका पहले ही इस कंपनी को दे दिया था। कंपनी शहर में करीब 10 और बड़े गांव के साथ दो से तीन छोटे गांवों में अपना एक एजेंट बैठाएगी। अगर कोई गबन होता है तो इसकी जिम्मेवारी उपभोक्ता या बिजली निगम की नहीं बल्कि कंपनी की होगी और यह कांट्रेक्ट के नियमों और शर्तों में शामिल है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बिजली निगम अपने उपभोक्ताओं के लिए नववर्ष में एक विशेष ऑनलाइन सुविधा शुरू करने जा रहा है। इसके तहत ऑनलाइन बिजली बिल भरने में उपभोक्ताओं को जेब ढीली कर अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा। ‘नो एक्स्ट्रा चार्ज’ नामक स्कीम के तहत उपभोक्ताओं से बिजली भरने पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। चरखी दादरी बिजली निगम ने ई-पे नामक कंपनी को इसके लिए हायर किया है। यह कंपनी जिले में इस काम के लिए अपने एजेंट नियुक्त करेगी जोकि उपभोक्ताओं के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बैठकर ऑनलाइन बिजली भरने का कार्य करेंगे। इस समय यह काम शहर में करीब 50 ब्रोकर कर रहे हैं। शहर में स्थित ऑनलाइन सर्विस की करीब 50 दुकानों पर प्रतिमाह 50 लाख तक का बिजली बिल जमा हो रहा है। इस काम में ये ब्रोकर 50 हजार रुपये तक कमीशन कमा रहे हैं।
बिजली निगम की प्लानिंग सिरे चढ़ने से अब ई-पेमेंट के दौरान अतिरिक्त शुल्क भी उपभोक्ता से नहीं लिया जाएगा। प्रति बिल की अदायगी बिजली निगम ई-पे नामक कंपनी को करेगा। यह कंपनी नए साल के पहले दिन से ही उपभोक्ताओं के लिए शहर में कई जगह एजेंट नियुक्त कर देगी। वहीं, हर बड़े गांव में भी एक एजेंट नियुक्त करने की जिम्मेवारी कंपनी की होगी। छोटे दो से तीन गांवों में एक एजेंट नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता बिना अतिरिक्त शुल्क दिए अपने बिल की अदायगी भुगतान की तरह ही कर सकेंगे। निगम अधिकारियों की मानें तो डीएचबीवीएन ने इस कार्य के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया है उसने शहर और गांवों में अपने एजेंट हायर कर लिए हैं जोकि एक जनवरी से ही अपना काम संभाल लेेंगे। निगम अधिकारियों की मानें तो एक-दो दिन में ही एजेंटों के बैठने की जगह फाइनल होगी और उक्त कंपनी इन जगहों का प्रचार-प्रसार भी करेगी। इसके लिए पूरे शहर में मुनादी भी करवाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि शहर में प्रतिदिन तीन लाख बिजली यूनिट की खपत होती है। वहीं, एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि जिले में करीब 24 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें शहरी उपभोक्ताओं की संख्या करीब आठ हजार है। प्रतिमाह 1500 से 1700 उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली बिल की अदायगी करते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। निगम के इस कदम के बाद उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी को बिजली निगम प्रति बिल की अदायगी पर पांच रुपये चार्ज देगा। अधिकारियों का तर्क है कि इतना खर्च पे-टीएम आदि सेवाओं के जरिए भुगतान प्रक्रिया कराने पर भी निगम को आती थी।
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इस तरह मिलेगा सेवाओं का लाभ
जिले का कोई भी उपभोक्ता इस सेवा का लाभ उठा सकता है। इसके लिए शहर में जगह-जगह भुगतान काउंटर बनाए जाएंगे। इन जगहों पर कंपनी अपने एजेंट बैठाएगी। ये एजेंट ऑनलाइन बिजली बिल भरने पर उपभोक्ताओं से महज बिल राशि ही चार्ज करेंगे। पेमेंट की इस अदायगी का मैसेज बाकायदा उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर आएगा। अगर कोई उपभोक्ता रसीद लेना चाहे तो एजेंट अदायगी करने पर कच्ची रसीद भी उपभोक्ता को थमाएंगे जोकि बिजली निगम कार्यालय में भी मान्य होगी।
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अभी तक 40 हजार की अदायगी पर वसूलते हैं 400 रुपये चार्ज
ऑनलाइन सर्विस सेवा के एक संचालक ने बताया कि शहर में ऐसी कई दुकानें हैं जिन पर ऑनलाइन बिजली बिल सहित अन्य ऑनलाइन अदायगी का काम होता है। उक्त संचालक के अनुसार एक दुकान पर एक माह में 30 ऑनलाइन बिजली की अदायगी औसतन होती है। इस दौरान एक रुपये से एक हजार तक का बिजली बिल भरने पर 20 रुपये, एक हजार से दो हजार तक के बिल भुगतान पर 30 रुपये, दो से तीन हजार के बिल भुगतान पर 40 रुपये व 40 हजार के बिल भुगतान पर 400 रुपये लिए जाते हैं। दुकान संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन दुकानों से प्रतिमाह करीब 50 लाख रुपये तक के ऑनलाइन बिजली बिल भरे जाते हैं। इसकी एवज में उन्हें करीब 50 हजार रुपये तक की आमदनी होती है।
डिफाल्टरों से निगम ही निपटेगी, सरकारी विभाग बड़े डिफाल्टर
इस समय 20 करोड़ 94 लाख की राशि शहरी उपभोक्ताओं में अटकी पड़ी है। इसमें आम उपभोक्ता सहित सरकारी विभाग भी शामिल हैं। सरकारी विभागों पर आम उपभोक्ता से चार गुना ज्यादा बकाया राशि पेंडिंग हैं। एसडीओ के अनुसार आम उपभोक्ता पर करीब पांच करोड़ 71 लाख और सरकारी विभागों पर 15 करोड़ 23 लाख के बिजली बिल की रिकवरी होनी बाकी है। उन्होंने बताया कि बिजली बिल जमा न कराने पर 185 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन भी काटे गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब चार करोड़ 94 लाख की राशि बकाया थी।
कंपनी इस तरह करेगी बिजली बिल जमा
जिले के बिजली बिल की ऑनलाइन भुगतान में कोई अतिरिक्त चार्ज न लगने से बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। इस प्रक्रिया को अपनाने से बिजली निगम के काउंटरों पर उपभोक्ताओं को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इस कदम के बाद उपभोक्ता अपने निकटतम एजेंट के पास पहुंचकर बिल की अदायगी कर सकते हैं। निगम एसडीओ ने बताया कि यह कंपनी भुगतान का आंकलन कर धनराशि पहले ही निगम के खाते में जमा करा देगी। इसके बाद शहर के करीब दस और जिले के हर बड़े गांव में बैठा कंपनी का एजेंट उपभोक्ताओं के बिल भरेगा। यह डाटा निगम के पास भी तुरंत अपडेट किया जाएगा ताकि निगम की बकाया लिस्ट से भुगतान के तत्काल बाद उपभोक्ता का नाम हटाया जा सके।
गबन होने पर कंपनी पर गिरेगी गाज: एसडीओ
एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि एक जनवरी से ही ऑनलाइन बिजली भुगतान पर उपभोक्ता को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए दक्षिण हरियाणा बिजली निगम का ई-पे नामक कंपनी के साथ कांट्रेक्ट हो चुका है। एचबीवीपीएन ने यह ठेका पहले ही इस कंपनी को दे दिया था। कंपनी शहर में करीब 10 और बड़े गांव के साथ दो से तीन छोटे गांवों में अपना एक एजेंट बैठाएगी। अगर कोई गबन होता है तो इसकी जिम्मेवारी उपभोक्ता या बिजली निगम की नहीं बल्कि कंपनी की होगी और यह कांट्रेक्ट के नियमों और शर्तों में शामिल है।