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पराली व अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार गंभीर : धनखड़

Fri, 10 Nov 2017 01:14 AM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:14 AM IST
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पराली व अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार गंभीर : धनखड़
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि राज्य सरकार पराली व फसलाें के अवशेष निपटान के लिए गंभीर है। सरकार पराली निपटान के लिए विभिन्न रूपों में इसका इस्तेमाल करने के कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को निपटान के लिए हर जिले में किसान मेले लगाकार सीधे सब्सिडी के साथ उपकरण दिए गए हैं। साथ ही अवशेष निपटान के लिए उपकरण को इस्तेमाल करने पर सब्सिडी का भी प्रावधान है।
कृषि मंत्री ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में स्मॉग को लेकर हम भी चिंतित हैं और इस समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। समस्या से निपटने के लिए दो सुझाव केंद्रीय मंत्रियों को दिए हैं ताकि पराली का निपटान आसानी से हो सके। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर पराली निपटान को किसानों को प्रोत्साहन राशि देने व पराली निपटान के काम में पंचायतों की ओर से मदद के लिए इस काम को मनरेगा में शामिल करने का अनुरोध किया है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को बड़ी संख्या में फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरण उपलब्ध कराएं हैं। इन पर किसानों को 75 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है। 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान पहले ही कर दिया है। किसान रोटावेटर और हैपीसीडर हैं या अन्य उपकरण से किसान खेत में चलाते हैं उन किसानों को यह सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को केवल हैरो आदि का खर्च देना होता है बाकी राशि सरकार दे रही है।
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केंद्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र
धनखड़ ने बताया कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह को लिखा है कि सरकार पराली निपटान के लिए किसानों को विशेष प्रोत्साहन राशि दे। इस पत्र में लिखा है कि पराली निपटान का काम महंगा पड़ता है इसलिए किसानाें को धान खरीद के साथ पराली निपटान प्रोत्साहन राशि भी दी जाए, ताकि किसान पर इसका अतिरिक्त बोझ नहीं पड़े। उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी पत्र लिखा है कि पराली निपटान के लिए एक महीने के लिए मनरेगा के मजदूरों को इस काम में लगाया जाए।

धनखड़ ने कहा कि सरकार पराली के दूसरे प्रयोगों के लिए भी सरकार काम कर रही है। जागरूकता के माध्यम से विभाग किसानों को पूरी तरह अवगत करवा रहा है। इसके अलावा एथनॉल में, खाद में गत्ता बनाने में पराली के इस्तेमाल पर काम हो, इस पर भी लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह से संवेदनशील है और हर संभव प्रयास कर रही है।

पराली और अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार गंभीर : धनखड़
-अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को दी 75 करोड़ की सब्सिडी
-10 करोड़ का प्रावधान जुताई में सब्सिडी के लिए भी रखा
-कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने केंद्रीय कृषि मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री को लिखे पत्र
-कहा, किसानों को मिले पराली प्रोत्साहन निपटान राशि
-पराली निपटान के काम को किया जाए मनरेगा में शामिल
---फोटो 17 : पत्रकारों से बातचीत करते कृषि मंत्री धनखड़।
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