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चाक-चौबंद बंदोबस्त का दावा तार-तार, निकासी गेट पर चहेतों के लिए कृपा पात्र रहे पहरेदार
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी (झज्जर)।
जिला पुलिस की तरफ से दो दिन पूर्व बेरी के भीमेश्वरी देवी मेले में पुलिस के चाक-चौबंद बंदोबस्त होने के दावे किए गए थे। सप्तमी और अष्टमी के मेले में दिन और रात्रि के बाकायदा ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगाए गए थे। मेले में लगाई गई पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कई स्थानों पर तो बिल्कुल चुस्ती और मुस्तैदी के साथ दिखाई दी, लेकिन कई एक स्थान ऐसे भी थे जहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस तो लगाई गई थी, लेकिन सुरक्षा की बजाए अपने चहेतों को बैक डोर से अपने चहेतों को एंट्री करवाते हुए नजर आए।
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के निकासी गेट पर अव्यवस्था का आलम था। यहां पर अष्टमी वाले दिन कोई महिला पुलिस कर्मचारी ही दिखाई नहीं दी। वैसे तो निकासी का यह गेट आमजन को मां भगवती के दर्शन कर लेने के बाद मंदिर से बाहर निकालने का था। निकासी गेट से श्रद्धालुओं का मंदिर में दर्शन कर लिए जाने के बाद से निकाला भी जा रहा था, लेकिन इसी निकासी गेट यहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों के लिए अपने चहेतों को लाभ देने में मददगार ज्यादा साबित हुआ। निकासी गेट की ड्यूटी पर कार्यरत पुलिस कर्मचारी अपने चहेतों को बगैर लाइन के अंदर मां भगवती के दर्शन करने के लिए घुसाते हुए देखे गए। बाद में जब हंगामा हुआ तो उसके बाद ही इस पर रोक लगाई गई।
वर्जन
मेले की व्यवस्था बनाने रखने के लिए पुलिसकर्मियों को समय-समय पर कहा जाता है कि कोई भी अपने चहेतों को मंदिर में निकासी स्थान से इंट्री ना करवाएं, लेकिन अष्टमी के दिन पुलिसकर्र्मियों द्वारा अपने चहेतों के दर्शन करवाने का मामला संज्ञान में आया है। किसी के द्वारा लेकिन कोई लिखित में शिकायत नहीं दी गई है। अगर कोई भी श्रद्धालु इस बाबत लिखित में शिकायत देता है तो विभागीय कार्रवाई करवाई जाएगी।
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- संजय राय एसडीएम, मेला ऑलओवर इंचार्ज, बेरी
- निकासी गेट पर महिला पुलिस कर्मी भी दिखाई दी ड्यूटी से नदारद
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बेरी (झज्जर)।
जिला पुलिस की तरफ से दो दिन पूर्व बेरी के भीमेश्वरी देवी मेले में पुलिस के चाक-चौबंद बंदोबस्त होने के दावे किए गए थे। सप्तमी और अष्टमी के मेले में दिन और रात्रि के बाकायदा ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगाए गए थे। मेले में लगाई गई पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कई स्थानों पर तो बिल्कुल चुस्ती और मुस्तैदी के साथ दिखाई दी, लेकिन कई एक स्थान ऐसे भी थे जहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस तो लगाई गई थी, लेकिन सुरक्षा की बजाए अपने चहेतों को बैक डोर से अपने चहेतों को एंट्री करवाते हुए नजर आए।
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के निकासी गेट पर अव्यवस्था का आलम था। यहां पर अष्टमी वाले दिन कोई महिला पुलिस कर्मचारी ही दिखाई नहीं दी। वैसे तो निकासी का यह गेट आमजन को मां भगवती के दर्शन कर लेने के बाद मंदिर से बाहर निकालने का था। निकासी गेट से श्रद्धालुओं का मंदिर में दर्शन कर लिए जाने के बाद से निकाला भी जा रहा था, लेकिन इसी निकासी गेट यहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों के लिए अपने चहेतों को लाभ देने में मददगार ज्यादा साबित हुआ। निकासी गेट की ड्यूटी पर कार्यरत पुलिस कर्मचारी अपने चहेतों को बगैर लाइन के अंदर मां भगवती के दर्शन करने के लिए घुसाते हुए देखे गए। बाद में जब हंगामा हुआ तो उसके बाद ही इस पर रोक लगाई गई।
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मेले की व्यवस्था बनाने रखने के लिए पुलिसकर्मियों को समय-समय पर कहा जाता है कि कोई भी अपने चहेतों को मंदिर में निकासी स्थान से इंट्री ना करवाएं, लेकिन अष्टमी के दिन पुलिसकर्र्मियों द्वारा अपने चहेतों के दर्शन करवाने का मामला संज्ञान में आया है। किसी के द्वारा लेकिन कोई लिखित में शिकायत नहीं दी गई है। अगर कोई भी श्रद्धालु इस बाबत लिखित में शिकायत देता है तो विभागीय कार्रवाई करवाई जाएगी।
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- संजय राय एसडीएम, मेला ऑलओवर इंचार्ज, बेरी
- निकासी गेट पर महिला पुलिस कर्मी भी दिखाई दी ड्यूटी से नदारद