{"_id":"59023d734f1c1bb365c0f851","slug":"60-cr-budget-pass","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामे के बीच बहादुरगढ़ नप का 60 करोड़ का बजट पास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामे के बीच बहादुरगढ़ नप का 60 करोड़ का बजट पास
amarujala/ jhajjar
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:20 AM IST
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राष्ट्रगान से हुई नगर परिषद बैठक की शुरुआत।
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बृहस्पतिवार को हुई नगर परिषद बहादुरगढ़ की सालाना बजट बैठक में जोरदार हंगामे के बाद लगभग 60 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव पास कर दिया गया। बजट बैठक से अलग हुई परिषद बोर्ड की सामान्य बैठक में शहर में व परिषद कार्यालय में कई तरह की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पास हुए। विधायक नरेश कौशिक की मौजूदगी में दोनों बैठकों की कार्रवाई विपक्षी पार्षदों के हंगामेे के बीच चली। मोनिका राठी समेत कई पार्षदों ने बैठक की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया।
नगर परिषद की बजट बैठक शुरू होने से पहले जब कई महिला पार्षदों ने मीटिंग में प्रवेश किया तो परिषद अध्यक्ष शीला राठी व उनके पक्ष ने विरोध किया। लेकिन पार्षद पति नहीं माने और हंगामा करने लगे। हंगामा करने वालों ने परिषद में काबिज पक्ष पर स्ट्रीट लाइटों के आबंटन व अन्य विकास कार्यों में पक्षपात करने के आरोप लगाए। इन लोगों और परिषद अध्यक्ष शीला राठी व नगर पार्षद जसबीर सैनी के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई। अध्यक्ष ने उन्हें बाहर जाने को कहा तो उन्होंने अपना अपमान समझा और भड़क गए। कई महिला पार्षद भी हंगामे में अपने पतियों के साथ खड़ी नजर आईं। हंगामा बढ़ता देख विधायक नरेश कौशिक ने फोन करके पुलिस बुला ली। अध्यक्ष ने पार्षद पतियों पर बैठक में व्यवधान डालने का आरोप लगाया और पुलिस को कहकर सभी पार्षद पति बैठक से बाहर भिजवा दिए। इस पर हंगामा तो करीब खत्म हो गया। मगर कई पार्षदों ने जनरल मीटिंग के विषयों को लेकर कड़ाई से आपत्तियां जताईं। हालांकि सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए और भारत माता के जयकारे लगाते हुए पक्ष के पार्षद बैठक को संपन्न बताकर चले गए।
60 करोड़ से होेंगे विकास कार्य
परिषद की बजट बैठक में परिषद का करीब 60 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्ताव बिना चर्चा किए एकराय से पास कर दिया गया। इस प्रस्ताव में नगर में कई तरह के विकास कार्य कराने और परिषद के स्थापना खर्च शामिल हैं। वार्ड-14 के पार्षद जसबीर सैनी के प्रस्ताव पर बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। विधायक ने बैठक के एजेंडे पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एजेंडा सभी सदस्यों को उपलब्ध करा दिया गया था, अगर किसी को कोई आपत्ति नहीं है तो बजट को पास करें। परिषद अध्यक्षा के मुताबिक, इस पर किसी ने भी आपत्ति नहीं की तो 60 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव एकराय से पास कर दिया गया।
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पार्षद पतियों की वजह से हंगामा
बजट मीटिंग के बाद परिषद बोर्ड की जनरल मीटिंग हुई। इस मीटिंग की शुरुआत में वार्ड-24 की पार्षद रेखा वत्स ने अपने वार्ड की समस्याएं उठाईं। खासकर पानी निकासी के इंतजाम कराने की मांग की। उनके प्रस्ताव को सही मानकर पास कर दिया गया। इसके बाद जैसे ही पार्षद जसबीर अपनी बात रखने लगे तो पार्षद लक्ष्मी के पति समुंद्र सहवाग बैठक में आ गए। उनके पीछे कई दूसरे पार्षद पति भी अंदर आ गए। अध्यक्ष शीला राठी ने बाहर जाने को कहा तो कोई नहीं माना। पार्षद जसबीर सैनी ने भी पार्षद पतियों को बाहर जाने के कहा तो वे भड़क गए और हंगामा खड़ा कर दिया। एक-दूसरे पर जमकर छींटाकशी की गई। पार्षद पतियों ने विकास कार्यों व स्ट्रीट लाइटों के वितरण में पक्षपात के आरोप लगाकर अध्यक्ष, विधायक कौशिक व पार्षद जसबीर के साथ जमकर नोंक-झोंक की।
गुरदेव ने जताई आपत्तियां
वार्ड-15 से पार्षद मोनिका राठी ने सब कमेटियों के गठन में मनमानी करने का आरोप लगाया और सभी पार्षदों से विचार विमर्श कर सब कमेटियां बनाने की मांग की। वार्ड-16 से पार्षद गुरदेव राठी ने शहर के अलग-अलग वार्डों में वाटर कूलर लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि ये कूलर ज्यादा जरूरत वाले सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएं। उन्होंने जेसीबी के बिल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किराए पर जेसीबी लेने के बजाय नई जेसीबी खरीद लेना परिषद के लिए फायदेमंद रहेगा। पार्षद युवराज छिल्लर ने इसका समर्थन किया तो नई जेसीबी खरीदने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। गुरदेव ने बिल्डिंग प्लान एजेंडे पर कड़ा विरोध किया। पार्षद सीमा राठी, मोनिका राठी व रेखा दलाल ने भी इस एजेंडे पर आपत्ति जताई। गुरदेव ने वकील राजकुमार शर्मा के बिल को बहुत ज्यादा बताते हुए उनके बजाय दूसरा वकील लगाने की मांग की।
पार्षद बोले- नहीं सुनते अधिकारी
मीटिंग में पार्षदों ने शिकायत की कि ठेकेदार समय पर काम नहीं निपटाते और घटिया सामग्री लगाते हैं। इस पर विधायक कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी ठेकेदार समय पर काम शुरू ना करें या फिर ठीक ढंग से काम ना करें उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए। पार्षद अनीता ने कहा कि उनके वार्ड में कोई भी काम नहीं हो रहा। पार्षद नीना राठी, शशि कुमार व मोनिका गर्ग ने बैठक में भाग नहीं लिया। कई पार्षद बैठक में देरी से पहुंचे। मिलीभगत से मनमानी करने का लगाया आरोप
परिषद अध्यक्ष पद की उम्मीदवार रहीं पार्षद मोनिका राठी ने बैठक में सत्ता पक्ष द्वारा मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अनेक बार अनुरोध के बावजूद कार्यवाही पुस्तिका में उनके हस्ताक्षर नहीं करवाए गए। अनेक पार्षद बैठक में जनविरोधी मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे, लेकिन कार्यवाही पुस्तिका में उनके हस्ताक्षर नहीं करवाए गए। इतना ही नहीं अनेक पार्षदों द्वारा कई गंभीर मसलों पर विरोध जताने के बावजूद उसे दर्ज करने के बजाय विधायक और चेयर पर्सन ने बैठक को बीच में ही समाप्त कर दिया। सफाई ठेके से लेकर स्ट्रीट लाइट रखरखाव के मुद्दे पर नगर परिषद के खजाने को लूटने की साजिश रची जा रही है। भवन नक्शों के संबंध में भी बदनाम रही नगर परिषद में एक बार फिर कानून को ताक पर रखकर सब कमेटी को नक्शा पास करने की शक्तियां देना पूरी तरीके से गैरकानूनी है। पार्षद मोनिका राठी का कहना है कि जिस तरीके से कोरम पूरा करने के लिए कांग्रेस की चेयरपर्सन शीला राठी ने भाजपा के विधायक नरेश कौशिक और इनेलो के पार्षदों के साथ गठबंधन किया है, यह जनता के हितों पर कुठाराघात है।
बजट व सामान्य बैठक शांतिपूर्ण ढंग से चलने में पार्षद पतियों ने व्यवधान डाला। कुछ पार्षदों द्वारा एजेंडे पर जताए गई आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया। पूरा एजेंडा पास हो गया है। मैंने विकास का एजेंडा तैयार किया था, मगर कुछ लोग विकास नहीं चाहते। बैठक में विरोध दर्ज करके उनका चेहरा भी सबके सामने आ गया है। मैं महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पक्षधर हूं। महिलाएं खुद अपने वार्ड की आवाज उठाएं। उनके पतियों द्वारा परिषद की बैठक में हंगामा करना शोभा नहीं देता। भविष्य में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
-शीला राठी, अध्यक्ष , नगर परिषद बहादुरगढ़
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नगर परिषद की बजट बैठक शुरू होने से पहले जब कई महिला पार्षदों ने मीटिंग में प्रवेश किया तो परिषद अध्यक्ष शीला राठी व उनके पक्ष ने विरोध किया। लेकिन पार्षद पति नहीं माने और हंगामा करने लगे। हंगामा करने वालों ने परिषद में काबिज पक्ष पर स्ट्रीट लाइटों के आबंटन व अन्य विकास कार्यों में पक्षपात करने के आरोप लगाए। इन लोगों और परिषद अध्यक्ष शीला राठी व नगर पार्षद जसबीर सैनी के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई। अध्यक्ष ने उन्हें बाहर जाने को कहा तो उन्होंने अपना अपमान समझा और भड़क गए। कई महिला पार्षद भी हंगामे में अपने पतियों के साथ खड़ी नजर आईं। हंगामा बढ़ता देख विधायक नरेश कौशिक ने फोन करके पुलिस बुला ली। अध्यक्ष ने पार्षद पतियों पर बैठक में व्यवधान डालने का आरोप लगाया और पुलिस को कहकर सभी पार्षद पति बैठक से बाहर भिजवा दिए। इस पर हंगामा तो करीब खत्म हो गया। मगर कई पार्षदों ने जनरल मीटिंग के विषयों को लेकर कड़ाई से आपत्तियां जताईं। हालांकि सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए और भारत माता के जयकारे लगाते हुए पक्ष के पार्षद बैठक को संपन्न बताकर चले गए।
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60 करोड़ से होेंगे विकास कार्य
परिषद की बजट बैठक में परिषद का करीब 60 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्ताव बिना चर्चा किए एकराय से पास कर दिया गया। इस प्रस्ताव में नगर में कई तरह के विकास कार्य कराने और परिषद के स्थापना खर्च शामिल हैं। वार्ड-14 के पार्षद जसबीर सैनी के प्रस्ताव पर बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। विधायक ने बैठक के एजेंडे पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एजेंडा सभी सदस्यों को उपलब्ध करा दिया गया था, अगर किसी को कोई आपत्ति नहीं है तो बजट को पास करें। परिषद अध्यक्षा के मुताबिक, इस पर किसी ने भी आपत्ति नहीं की तो 60 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव एकराय से पास कर दिया गया।
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पार्षद पतियों की वजह से हंगामा
बजट मीटिंग के बाद परिषद बोर्ड की जनरल मीटिंग हुई। इस मीटिंग की शुरुआत में वार्ड-24 की पार्षद रेखा वत्स ने अपने वार्ड की समस्याएं उठाईं। खासकर पानी निकासी के इंतजाम कराने की मांग की। उनके प्रस्ताव को सही मानकर पास कर दिया गया। इसके बाद जैसे ही पार्षद जसबीर अपनी बात रखने लगे तो पार्षद लक्ष्मी के पति समुंद्र सहवाग बैठक में आ गए। उनके पीछे कई दूसरे पार्षद पति भी अंदर आ गए। अध्यक्ष शीला राठी ने बाहर जाने को कहा तो कोई नहीं माना। पार्षद जसबीर सैनी ने भी पार्षद पतियों को बाहर जाने के कहा तो वे भड़क गए और हंगामा खड़ा कर दिया। एक-दूसरे पर जमकर छींटाकशी की गई। पार्षद पतियों ने विकास कार्यों व स्ट्रीट लाइटों के वितरण में पक्षपात के आरोप लगाकर अध्यक्ष, विधायक कौशिक व पार्षद जसबीर के साथ जमकर नोंक-झोंक की।
गुरदेव ने जताई आपत्तियां
वार्ड-15 से पार्षद मोनिका राठी ने सब कमेटियों के गठन में मनमानी करने का आरोप लगाया और सभी पार्षदों से विचार विमर्श कर सब कमेटियां बनाने की मांग की। वार्ड-16 से पार्षद गुरदेव राठी ने शहर के अलग-अलग वार्डों में वाटर कूलर लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि ये कूलर ज्यादा जरूरत वाले सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएं। उन्होंने जेसीबी के बिल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किराए पर जेसीबी लेने के बजाय नई जेसीबी खरीद लेना परिषद के लिए फायदेमंद रहेगा। पार्षद युवराज छिल्लर ने इसका समर्थन किया तो नई जेसीबी खरीदने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। गुरदेव ने बिल्डिंग प्लान एजेंडे पर कड़ा विरोध किया। पार्षद सीमा राठी, मोनिका राठी व रेखा दलाल ने भी इस एजेंडे पर आपत्ति जताई। गुरदेव ने वकील राजकुमार शर्मा के बिल को बहुत ज्यादा बताते हुए उनके बजाय दूसरा वकील लगाने की मांग की।
पार्षद बोले- नहीं सुनते अधिकारी
मीटिंग में पार्षदों ने शिकायत की कि ठेकेदार समय पर काम नहीं निपटाते और घटिया सामग्री लगाते हैं। इस पर विधायक कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी ठेकेदार समय पर काम शुरू ना करें या फिर ठीक ढंग से काम ना करें उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए। पार्षद अनीता ने कहा कि उनके वार्ड में कोई भी काम नहीं हो रहा। पार्षद नीना राठी, शशि कुमार व मोनिका गर्ग ने बैठक में भाग नहीं लिया। कई पार्षद बैठक में देरी से पहुंचे। मिलीभगत से मनमानी करने का लगाया आरोप
परिषद अध्यक्ष पद की उम्मीदवार रहीं पार्षद मोनिका राठी ने बैठक में सत्ता पक्ष द्वारा मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अनेक बार अनुरोध के बावजूद कार्यवाही पुस्तिका में उनके हस्ताक्षर नहीं करवाए गए। अनेक पार्षद बैठक में जनविरोधी मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे, लेकिन कार्यवाही पुस्तिका में उनके हस्ताक्षर नहीं करवाए गए। इतना ही नहीं अनेक पार्षदों द्वारा कई गंभीर मसलों पर विरोध जताने के बावजूद उसे दर्ज करने के बजाय विधायक और चेयर पर्सन ने बैठक को बीच में ही समाप्त कर दिया। सफाई ठेके से लेकर स्ट्रीट लाइट रखरखाव के मुद्दे पर नगर परिषद के खजाने को लूटने की साजिश रची जा रही है। भवन नक्शों के संबंध में भी बदनाम रही नगर परिषद में एक बार फिर कानून को ताक पर रखकर सब कमेटी को नक्शा पास करने की शक्तियां देना पूरी तरीके से गैरकानूनी है। पार्षद मोनिका राठी का कहना है कि जिस तरीके से कोरम पूरा करने के लिए कांग्रेस की चेयरपर्सन शीला राठी ने भाजपा के विधायक नरेश कौशिक और इनेलो के पार्षदों के साथ गठबंधन किया है, यह जनता के हितों पर कुठाराघात है।
बजट व सामान्य बैठक शांतिपूर्ण ढंग से चलने में पार्षद पतियों ने व्यवधान डाला। कुछ पार्षदों द्वारा एजेंडे पर जताए गई आपत्तियों को दर्ज कर लिया गया। पूरा एजेंडा पास हो गया है। मैंने विकास का एजेंडा तैयार किया था, मगर कुछ लोग विकास नहीं चाहते। बैठक में विरोध दर्ज करके उनका चेहरा भी सबके सामने आ गया है। मैं महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पक्षधर हूं। महिलाएं खुद अपने वार्ड की आवाज उठाएं। उनके पतियों द्वारा परिषद की बैठक में हंगामा करना शोभा नहीं देता। भविष्य में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
-शीला राठी, अध्यक्ष , नगर परिषद बहादुरगढ़