{"_id":"655bbfc43e67553e2b029c0a","slug":"60-buses-went-to-palwal-rally-passengers-had-to-face-problems-jhjhar-news-c-195-1-nnl1001-5625-2023-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: पलवल रैली में गईं 60 बसें, यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: पलवल रैली में गईं 60 बसें, यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी
Tue, 21 Nov 2023 01:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 21 Nov 2023 01:51 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। पलवल में आयोजित हुए झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम में लोगों को ले जाने के लिए जिले से 60 बसों को भेजा गया। इसके चलते आम जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण और लंबे रूटों की बसों को हटाकर पलवल भेजा गया था। सोमवार देर शाम बसें डिपो पर लौटीं। मंगलवार से इनका दोबारा से अपने रूटों पर संचालन हो पाएगा।
रोडवेज डिपो झज्जर के पास कुल 200 बसें हैं। बहादुरगढ़ सब डिपो मेंं अलग से बसें हैं। इसमें से 40 बसें झज्जर और 20 बसें बहादुरगढ़ सब डिपो से पलवल में आयोजित हुए झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम के लिए भेजी गई थी। इन सभी बसों को पलवल जीएम के हैंडओवर किया गया था। वहीं से बसें गांवों से जनता को लेकर जयंती कार्यक्रम में पहुंची थीं।
बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतर ग्रामीण रूटों की बसों को हटाकर पलवल भेजा गया। इसके चलते आसपास के गांव व छोटे रूटों पर बसों की संख्या कम रही। ऐसे में यात्रियों को काफी समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। यही नहीं उन रूटों पर निजी बस संचालकों ने अपनी बसों को चलाया। ऐसे में यात्रियों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
करनाल भी भेजी गई थीं बसें
दो नवंबर को करनाल में अंत्योदय महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। वहां भी 35 बसों को भेजा गया था। जब भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब फिर से पलवल 60 बसें भेजी गईं। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई।
पलवल कार्यक्रम के लिए 60 बसों को भेजा गया है। इसमें 40 बसें झज्जर और 20 बसें बहादुरगढ़ से भेजी गई हैं। यात्रियों को दिक्कत नहीं आए, इसके लिए व्यवस्था की गई थी।
- प्रमोद कुमार, बस अड्डा इंचार्ज, रोडवेज डिपो झज्जर।
विज्ञापन
झज्जर। पलवल में आयोजित हुए झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम में लोगों को ले जाने के लिए जिले से 60 बसों को भेजा गया। इसके चलते आम जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण और लंबे रूटों की बसों को हटाकर पलवल भेजा गया था। सोमवार देर शाम बसें डिपो पर लौटीं। मंगलवार से इनका दोबारा से अपने रूटों पर संचालन हो पाएगा।
रोडवेज डिपो झज्जर के पास कुल 200 बसें हैं। बहादुरगढ़ सब डिपो मेंं अलग से बसें हैं। इसमें से 40 बसें झज्जर और 20 बसें बहादुरगढ़ सब डिपो से पलवल में आयोजित हुए झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम के लिए भेजी गई थी। इन सभी बसों को पलवल जीएम के हैंडओवर किया गया था। वहीं से बसें गांवों से जनता को लेकर जयंती कार्यक्रम में पहुंची थीं।
विज्ञापन
बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतर ग्रामीण रूटों की बसों को हटाकर पलवल भेजा गया। इसके चलते आसपास के गांव व छोटे रूटों पर बसों की संख्या कम रही। ऐसे में यात्रियों को काफी समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। यही नहीं उन रूटों पर निजी बस संचालकों ने अपनी बसों को चलाया। ऐसे में यात्रियों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
करनाल भी भेजी गई थीं बसें
दो नवंबर को करनाल में अंत्योदय महासम्मेलन का आयोजन किया गया था। वहां भी 35 बसों को भेजा गया था। जब भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब फिर से पलवल 60 बसें भेजी गईं। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई।
पलवल कार्यक्रम के लिए 60 बसों को भेजा गया है। इसमें 40 बसें झज्जर और 20 बसें बहादुरगढ़ से भेजी गई हैं। यात्रियों को दिक्कत नहीं आए, इसके लिए व्यवस्था की गई थी।
- प्रमोद कुमार, बस अड्डा इंचार्ज, रोडवेज डिपो झज्जर।