फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   मंडी से दो किमी दूर तक लगी ट्रैक्टरों की लाइन, नंबर को लेकर आपस में उलझ पड़े किसान, दोपहर बाद शुरू हुई सरसों खरीद

मंडी से दो किमी दूर तक लगी ट्रैक्टरों की लाइन, नंबर को लेकर आपस में उलझ पड़े किसान, दोपहर बाद शुरू हुई सरसों खरीद

Wed, 10 Apr 2019 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2019 01:15 AM IST
विज्ञापन
मंडी से दो किमी दूर तक लगी ट्रैक्टरों की लाइन, नंबर को लेकर आपस में उलझ पड़े किसान, दोपहर बाद शुरू हुई सरसों खरीद
चरखी दादरी। दस बड़े गांवों के किसानों की सरसों खरीद का शेड्यूल एक साथ कर देने से मंगलवार को दादरी अनाज मंडी में काफी तादाद में किसान पहुंचे। मंडी के दोनों गेटों पर सुबह आठ से लेकर शाम छह बजे तक जाम लगा रहा। सुबह के समय ट्रैक्टरों की कतार मंडी से दो किलोमीटर दूर दिल्ली रोड स्थित ढाणी फाटक आरओबी तक लग गई। वहीं, चिड़िया रोड पर भी करीब एक किलोमीटर दूर तक ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन लगी। इसके चलते इन दोनों मुख्यमार्गों की ट्रैफिक व्यवस्था दिनभर बाधित रही। वहीं पहले नंबर आने को लेकर किसानों में आपस में तीखी नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन

मंडी में मंगलवार को 1100 किसानों को गेट पास जारी हुए और देर रात तक खरीद प्रक्रिया चली। इसके बाद भी कुछ किसान सरसों बेचने से वंचित रह गए और अपने गांव लौट गए। मंगलवार को 35 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई जो कि एक से आठ अप्रैल तक खरीदी गई सरसों के आंकड़े से भी ज्यादा है। हैफेड ने मंगलवार को पैंतावास खुर्द, पैंतावास कलां, चरखी, लोहरवाड़ा, रानीला, खेड़ी बत्तर, मंदोला, पांडवान, मानकावास व सांजरवास गांव के किसानों की सरसों खरीद का शेड्यूल जारी किया था। इनमें से अधिकतर बड़े गांव हैं और इसके चलते काफी तादाद में किसान मंडी पहुंचे। मंडी में किसानों की संख्या के मुताबिक व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आई। करीब 550 ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंचने से मंडी की ट्रैफिक व्यवस्था जाम हो गई। यही हालात मंडी के बाहर भी रहे। सुबह करीब साढ़े दस बजे गेटपास के लिए लाइन में लगने की जल्दबाजी में दो ट्रैक्टर भी भिड़ गए और इसके बाद इन पर सवार किसान आपस में उलझ पड़े। करीब आधे घंटे तक कहासुनी हुई और बाद में अन्य किसानों ने हस्तक्षेप कर मामला सुलझाया।
विज्ञापन

वहीं, किसानों ने आरोप लगाया कि मार्केटिंग बोर्ड ने मंगलवार को गेटपास सुबह साढ़े नौ बजे के बाद काटने शुरू किए और इसके चलते ही एकाएक किसानों की भीड़ मंडी में उमड़ पड़ी। इन किसानों ने बताया कि अधिकारियों को भली-भांति पता था कि आज बड़े गांवों की खरीद का शेड्यूल है और इसके बावजूद व्यवस्थाओं का दायरा बढ़ाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। अनाज मंडी में शाम करीब सात बजे तक भी किसानों से सरसों खरीद जा रही थी। शाम सात बजे तक भी करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉली मंडी के बाहर खड़े थे और इन पर सवार किसानों को अपने नंबर का इंतजार था। वहीं, हैफेड परचेजर रामनरायाण ने बताया कि अगर कोई किसान आज सरसों बेचने से वंचित रह गया तो उसकी बुधवार सुबह सरसों खरीदी जाएगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार तक दादरी मंडी में करीब 66 हजार क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक खरीदी गई सरसों की एक करोड़ 76 लाख रुपये की पेमेंट किसानों के खातों में डाली जा चुकी है। वहीं, मंगलवार को अनाज मंडी में पर्याप्त बारदाना पहुंचने से आढ़तियों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे आढ़तियों को बारदना की गांठ दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed