फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   20 करोड के सड़क निर्माण प्रोजक्ट में मौसम बना रोडा, फरवरी तक करना होगा इंतजार

20 करोड के सड़क निर्माण प्रोजक्ट में मौसम बना रोडा, फरवरी तक करना होगा इंतजार

Tue, 15 Jan 2019 01:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jan 2019 01:52 AM IST
विज्ञापन
20 करोड के सड़क निर्माण प्रोजक्ट में मौसम बना रोडा, फरवरी तक करना होगा इंतजार

विज्ञापन
चरखी दादरी। लोगों को फरवरी मध्य तक नई सड़कों के निर्माण का इंतजार करना होगा। ठंड बढ़ने से सड़क निर्माण के लिए अनुकूल तापमान न होने पर जिले की करीब 20 करोड़ की सड़कों का निर्माण कार्य बाधित हो गया है। अब फरवरी मध्य तक तापमान अनुकूल होने पर सड़कों का निर्माण कार्य सुचारु रूप से शुरू हो सकेगा। जिले के विभिन्न मार्गों का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी करवा रही थी लेकिन अब मौसम ने रोड़ा अटका दिया जिसके चलते काम बंद करना पड़ा।
गत मानसून की बारिश की वजह से जिले में करीब 50 करोड़ की सड़कें खराब हो गई थी। वैसे भी एक दर्जन से ज्यादा ऐसे सड़क मार्ग हैं जिनका नए सिरे से निर्माण करने की जरूरत बनी हुई है। जिले में करीब एक दर्जन सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ाई जानी है। यह सड़कें 12 से 18 फीट चौड़ी होनी हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब तीन करोड़ का बजट खर्च होना है। इसी प्रकार जिले के गांवों में संपर्क मार्गों की हालत भी बेहद खराब बनी हुई है। दादरी-रोहतक प्रमुख सड़क मार्ग की भी मरम्मत की जरूरत बनी हुई है हालांकि इसके लिए कागज प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क मार्ग का दादरी शहर से सांवड़ तक करीब 14 किलोमीटर की दूरी में नए सिरे से निर्माण की विभाग की प्लानिंग है। इस मार्ग पर तारकोल की एक लेयर डाली जानी है। इसी प्रकार गांव सांकरोड़, अचिना रोड, ढाणी रोड का निर्माण होना है। इनके अलावा शहर में भी कई सड़कों का निर्माण होना है। डी-प्लान के तहत भी सड़कों का निर्माण करवाया जाना है। प
विज्ञापन

बाक्स: कम तापमान में तारकोल उखड़ने का है अंदेशा
सड़क निर्माण के लिए अनुकूल तापमान का होना जरूरी है। सर्दियों में कम तापमान की वजह से तारकोल सेट नहीं हो पाता। इसके लिए नियमित रूप से धूप का खिलना जरूरी है तब जाकर नवनिर्मित सड़क पर तारकोल सेट हो पाता है। कम तापमान में सड़क के जल्द ही उखड़ने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी विभाग किसी भी स्तर पर रिस्क नहीं ले चाहता क्योंकि बड़ी मुश्किल से सड़क निर्माण को मंजूरी मिलती है और मोटा बजट खर्च होता है। हालांकि सड़क निर्माण के बाद संबंधित ठेकेदार की चार साल तक जवाबदेही होती है। इस चार अवधि में सड़क टूटने पर ठेकेदार को ही मरम्मत करवानी होती है ऐसे में ठेकेदार भी रिस्क नहीं लेते।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स== एक माह से ज्यादा करना होगा इंतजार
लोगों को नई सड़कों के लिए एक माह से ज्यादा समय तक इंतजार करना होगा। विभाग अधिकारियों की मानें तो इस मौसम में सड़कों का निर्माण करवाना उचित नहीं है। विभाग अब फरवरी मध्य तक सड़कों के निर्माण पर सुचारु रूप से काम शुरू कर सकेगा। ऐसे में जिले में करीब 20 करोड़ के बजट की सड़कों का काम बाधित रहेगा।

वर्सन-
तारकोल सेट होने के लिए नियमित रूप से थोड़ी तेज धूप का खिलना जरूरी है। तापमान संतुलित होना चाहिए। फरवरी माह में ही तापमान सड़क निर्माण के लिए अनुकूल हो सकेगा। अगर इससे पहले मौसम ठीक बना रहता है तो जरूरी सड़कों का निर्माण हो सकेगा।
लोकेश कुमार, एसडीओ पीडब्ल्यूडी विभाग
्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed