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रूस्तम के सीमन से हर साल 30 लाख रुपये कमाता है गतौली का किसान
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झज्जर। पुलिस लाइन झज्जर में शुरू हुई राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में राज्य भर से चुनिंदा पशु लाए गए हैं। इनमें मुर्राह नस्ल का झोटा रुस्तम मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जींद जिला के गतौली गांव निवासी कैप्टन हरिओम करीब छह साल के रुस्तम और साढ़े तीन साल के उसके बेटे अंगद नाम के झोटों को लेकर राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में पहुंचे हैं। जो भैसों की नस्ल सुधार के लिए सीमन का करोबार कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं का सीमन बैंक स्थापित किया हुआ है। जिससे वे साल में करीब तीस लाख रुपये कमाते हैं। उनका कहना है कि वह डिमांड के अनुसार सीमन तैयार करवाते हैं। अब उनके पास रुस्तम के अलावा उसका बेटा अंगद भी है। इसका भी पहली बार सीमन तैयार करवाया है। रुस्तम से एक साल में चार हजार पशुओं के लिए सीमन तैयार करवाते हैं। जबकि अंगद से 1800 पशुओं के लिए सीमन सैंपल तैयार कराए हैं। उनका कहना है कि अपने सामने सीमन तैयार करवाते हैं और अपने सीमन बैंक से ही नस्ल सुधार के लिए सीमन बेचते हैं। उनका कहना है कि अगर सिलिंडर नहीं भी होता है तो वे मिल्टन के थर्मस में गैस डालकर उसमें सीमन डालकर देते हैं। जो 12 घंटे तक खराब नहीं होता, उसके बाद उसे पशु चिकित्सक के पास होने वाले सिलिंडर में डाला जा सकता है। एक सीमन के लिए वो किसान से चार सौ रुपये लेते हैं।
दस किलो दही और दस किलो दूध पिलाते हैं हर रोज
कैप्टन हरिओम का कहना है कि रुस्तम को सुबह दस किलोग्राम दही और शाम के समय दस किलोग्राम दूध पिलाते हैं। इसके अलावा पांच तरह का मारेटा अनाज और पायलेेज अचार चारे में डालकर खिलाते हैं। इसके अलावा मौसम के अनुसार फल औैर गाजर आदि खिलाते हैं। रुस्तम करीब 25 बार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन रह चुका है।
25.533 किलोग्राम दूध का रिकार्ड है रुस्तम की मां का
रुस्तम की मां का 25.533 किलोग्राम दूध का रिकार्ड है। उसकी मां भी कई बार पशु मेलों में चैंपियन रही है। फार्म के
मालिक सुमित कुमार का कहना है कि रुस्तम के सीमन से कॉफ भी अच्छे आ रहे हैं और भैंस भी 18 किलोग्राम से अधिक दूध पहली बार में ही देती है। इससे भैंसों की नस्ल में भी सुधार हो रहा है।
दस किलो दही और दस किलो दूध पिलाते हैं हर रोज
कैप्टन हरिओम का कहना है कि रुस्तम को सुबह दस किलोग्राम दही और शाम के समय दस किलोग्राम दूध पिलाते हैं। इसके अलावा पांच तरह का मारेटा अनाज और पायलेेज अचार चारे में डालकर खिलाते हैं। इसके अलावा मौसम के अनुसार फल औैर गाजर आदि खिलाते हैं। रुस्तम करीब 25 बार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन रह चुका है।
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25.533 किलोग्राम दूध का रिकार्ड है रुस्तम की मां का
रुस्तम की मां का 25.533 किलोग्राम दूध का रिकार्ड है। उसकी मां भी कई बार पशु मेलों में चैंपियन रही है। फार्म के
मालिक सुमित कुमार का कहना है कि रुस्तम के सीमन से कॉफ भी अच्छे आ रहे हैं और भैंस भी 18 किलोग्राम से अधिक दूध पहली बार में ही देती है। इससे भैंसों की नस्ल में भी सुधार हो रहा है।
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