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बिजली कटों का खेल शुरू, आमजन पेरशान

Fri, 04 May 2018 12:57 AM IST
Updated Fri, 04 May 2018 12:57 AM IST
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बिजली कटों का खेल शुरू, आमजन पेरशान
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी।
जिले में गर्मी की शुरूआत में ही बिजली कटों का खेल शुरू हो गया है। दिन में आठ से दस बिजली कट लगना आम बात है। बिजली कटों की वजह से पेयजल आपूर्ति भी चरमराने लगी है और सरकारी कार्यालयों में कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। भीषण गर्मी में बार-बार बिजली गुल होने से सिविल अस्पताल में भी मरीजों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा आम लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। कई बार तो फॉल्ट आने पर बिजली सप्लाई सुचारु करने में 12 से 15 घंटे तक लग जाते हैं। गर्मी का मौसम आते ही बिजली कटों का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले दो रोज से मौसम में खराबी की वजह से हालात और भी बिगड़ गए हैं। बार-बार फॉल्ट आने की वजह से घरों व कार्यालयों में लगे इंवर्टर का बैकअप भी जवाब देने लगा है, जिससे लोगों को खासी परेशानी आ रही है।
जिले की प्रति माह बिजली की खपत 725 लाख यूनिट है। शहर में प्रतिमाह करीब 87 लाख यूनिट बिजली की खपत है। इस समय शहर में 12 फीडरों के जरिये बिजली की आपूर्ति की जा रही है। लेकिन कटों से सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। बुधवार को आई तेज आंधी एवं बूंदाबांदी की वजह से जगह-जगह फॉल्ट आ गए। कई क्षेत्रों में तो बिजली की आपूर्ति छह से सात घंटे तक बाधित रही तो कहीं बिजली की तारें टूटने से बिजली आपूर्ति चरमरा गई। जिसे ठीक करने में घंटों का समय लगा। मेन लाइनों में ज्यादा फॉल्ट आ रहे हैं।
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शहर के अंदरूनी भागों में 11 हजार वोल्टेज की तारों में फॉल्ट आने से कालोनियों में बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है। हांलाकि बिजली निगम कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहते हैं।
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सिविल अस्पताल में मरीजों को आ रही परेशानी
सिविल अस्पताल में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। बार-बार खराबी व कटों से अस्पताल में लैब आदि का कामकाज भी प्रभावित होता है। इंमरजेंसी रूम, ऑपरेशन कक्षा के अलावा मरीजों को ज्यादा परेशानी आ रही है। रात के समय मच्छरों की भरमार की वजह से ज्यादा दिक्कत बनी रहती है। इसके अलावा अस्पताल में पानी की सप्लाई पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

सरकारी कार्यालयों में बढ़ रही परेशानी
बिजली कटों से सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। कंप्यूटर के जरिये होने वाले कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे। तहसील, एसडीएम कार्यालय, लघु सचिवालय में कामकाज बाधित हो रहा है। तहसील में रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज तैयार करने में कठिनाई आ रही है। डाकघर में भी इसका प्रतिकूल असर देखने में आ रहा है।

अनाज मंडी में हो रहा काम बाधित
अनाज मंडी में भी कामकाज बाधित हो रहा है। खरीद के लिए किसानों के गेट पास की प्रक्रिया ऑनलाइन है। बिजली गुल रहने पर यह काम भी बाधित होता है। मार्केट कमेटी कार्यालय में भी कामकाज प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।

शहर की पेयजल आपूर्ति का टाइमटेबल गड़बड़ाया
फॉल्ट व कटों से पूरे शहर मेें पेयजल आपूर्ति का टाइमटेबल गड़बड़ा गया है। वैसे ही शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जाती है, अब बिजली की परेशानी से पेयजल सप्लाई का कोई टाइमटेबल नहीं रहा। कॉलोनियों में जब पानी की सप्लाई होती है, तब बिजली न होने से लोग पानी का उठान नहीं कर पाते। पानी का प्रेशर कम होने की वजह से शहर में 95 प्रतिशत एरिया में बिजली मोटर के जरिये घरों में पानी पहुंचता है।

लोग बोले, बिजली कटों का विभाग करे समाधान
पिछले चार-पांच रोज से शहर में बिजली कट ज्यादा लग रहे हैं जिससे पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी में तो बिजली की ज्यादा जरूरत होती है।
- संजय, वार्ड 16

मौसम में थोड़ी खराब आने पर ही बिजली घंटों गुल हो जाती है। लंबे समय तक बिजली न आने पर इंवर्टर भी जवाब दे जाते हैं जिससे रात के समय मच्छरों से ज्यादा परेशानी होती है।
- मंजीत, वार्ड-20

गर्मी की शुरूआत में ही बिजली की किल्लत बढ़ गई है। गर्मी में तो बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से होनी चाहिए। शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। बार-बार आ रहे फॉॅल्टों का स्थायी समाधान होना चाहिए।
- राजेश वार्ड-21
बिजली आपूर्ति चरमरा जाने से पानी की किल्लत बढ़ जाती है। पानी का टाइमटेबल गड़बड़ा गया है। घरेलू कामकाज भी बाधित होने लगता है। इस मौसम में बिजली आपूर्ति में कटौति नहीं होनी चाहिए। बिजली में कटौति नहीं होनी चाहिए।

गिरिश, वार्ड-तीन।

वर्जन
एक बार बिजली फॉंल्ट आने पर उसे ठीक करने में समय ज्यादा लग जाता है। बिजली कर्मचारी फॉल्ट आने पर तत्काल उसे ठीक करने में जुट जाते हैं। मौसम में खराबी की वजह से ज्यादा परेशानी बनी हुई है।
- जेई सुशील कुमार, बिजली निगम।
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