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शुरू हुआ स्वच्छता ऐप, दो दिन में आई केवल 2 शिकायत
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
शहरी निकाय के द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता ऐप ने काम करना शुरू कर दिया है। दो दिन पूर्व ही नगर पालिका के पास उनका सुपरविजन कोड आया है। वैसे तो स्वच्छता ऐप को शुरू हुए काफी दिन हो गए हैं, लेकिन सुपरविजन कोड शुरू नहीं हुआ था। इसके चलते नपा अधिकारियों को नहीं पता चलता था कि कहां-कहां से शिकायतें आ रही हैं। बुधवार को जैसे ही स्वच्छता ऐप शुरू हुआ तो गाजी कमाल रोड से एक शहरवासी ने दो अलग-अलग गंदगी की तस्वीरों के साथ अपनी समस्या सांझा की। इसके बाद नपा के अधिकारियों ने तुरंत पर उस संज्ञान लेते हुए सफाई करवाई। अब तक सफाई के नाम पर ढिंढोरा पीटने वाले अधिकारियों की सही मायने में परीक्षा अब ही होगी, क्योंकि वे अब झूठी वाहवाही नहीं लूट सकेंगे।
नहीं हुआ ऐप का प्रचार
नगर पालिका के द्वारा स्वच्छता ऐप को लेकर लोगों को अभी तक जागरूक नहीं किया गया है। इसके चलते शहर के अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। अगर ऐसा होता तो दो दिन में शहर से 2 नहीं बल्कि सौ शिकायतें नपा कार्यालय पहुंच जाती है। क्योंकि शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। जिन्हें नपा के चंद कर्मचारी साफ करने में सक्षम नहीं हैं।
आप भी डाउनलोड करें स्वच्छ मैप ऐप
मोबाइल ऐप से आमजन को सफाई से संबंधित बात कहने के लिए नगर निकाय विभाग के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के गूगल प्ले स्टोर या ऐपल में ऐप स्टोर पर स्वच्छ मैप टाइप करके इसे डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप का उपयोग करते हुए कोई भी जागरूक नागरिक कचरा देखकर फोटो खींचकर नगर निकाय के इस ऐप पर अपलोड कर सकता है। फोटो अपलोड होने बाद उसकी लोकेशन भी दिख जाएगी। फोटो अपलोड होते ही शहरी निकाय विभाग का सुपरवाइजर की जिम्मेदारी होगी कि वो अपने एरिया की सफाई करवाएं।
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अधिकारियों की है जिम्मेदारी तय
स्वच्छता ऐप पर गंदगी या कूड़े का फोटो अपलोड होते ही संबंधित सुपरवाइजर के पास पहुंच जाती है। संबंधित सफाई सुपरवाइजर की जिम्मेवारी होगी कि अपलोड फोटो पर तुरंत कार्यवाही अमल में लाए। अगर निर्धारित समय सीमा में सुपरवाइजर ने सफाई नहीं करवाई तो संबंधित सेनेटरी निरीक्षक की जिम्मेवारी होगी कि उस स्थान को तुरंत साफ करवाए। अगर सेनेटरी निरीक्षक ने भी सफाई नहीं करवाई तो संबंधित निकाय के सचिव की जिम्मेवारी होगी कि सफाई को तुरंत पूरा करवाएं। उपायुक्त ने कहा कि सफाई दरोगा से लेकर उच्च स्तर तक कुल पांच स्तरों पर स्वच्छ ऐप की निगरानी रखी जाएगी। सीएम कार्यालय भी मोबाइल स्वच्छ ऐप दर्ज रिपोर्ट पर निगरानी रखेगा।
बेरी मे जल्द शुरू होगा स्वच्छ ऐप
डीसी सोनल गोयल का कहना है कि झज्जर और बहादुरगढ़ में स्वच्छता से संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों को स्वच्छ ऐप की ट्रेनिंग दी गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तत्परता के साथ स्वच्छ मैप पर अपलोड होने वाले फोटो पर निर्धारित समय सीमा में कार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं। डीसी ने कहा कि झज्जर और बहादुरगढ़ के बाद बेरी नगरपालिका में यह सेवा जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। झज्जर जिले में स्वच्छ ऐप की निगरानी सुशासन सहयोगी निशिता बनर्जी कर रही हैं।
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झज्जर।
शहरी निकाय के द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता ऐप ने काम करना शुरू कर दिया है। दो दिन पूर्व ही नगर पालिका के पास उनका सुपरविजन कोड आया है। वैसे तो स्वच्छता ऐप को शुरू हुए काफी दिन हो गए हैं, लेकिन सुपरविजन कोड शुरू नहीं हुआ था। इसके चलते नपा अधिकारियों को नहीं पता चलता था कि कहां-कहां से शिकायतें आ रही हैं। बुधवार को जैसे ही स्वच्छता ऐप शुरू हुआ तो गाजी कमाल रोड से एक शहरवासी ने दो अलग-अलग गंदगी की तस्वीरों के साथ अपनी समस्या सांझा की। इसके बाद नपा के अधिकारियों ने तुरंत पर उस संज्ञान लेते हुए सफाई करवाई। अब तक सफाई के नाम पर ढिंढोरा पीटने वाले अधिकारियों की सही मायने में परीक्षा अब ही होगी, क्योंकि वे अब झूठी वाहवाही नहीं लूट सकेंगे।
नहीं हुआ ऐप का प्रचार
नगर पालिका के द्वारा स्वच्छता ऐप को लेकर लोगों को अभी तक जागरूक नहीं किया गया है। इसके चलते शहर के अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। अगर ऐसा होता तो दो दिन में शहर से 2 नहीं बल्कि सौ शिकायतें नपा कार्यालय पहुंच जाती है। क्योंकि शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। जिन्हें नपा के चंद कर्मचारी साफ करने में सक्षम नहीं हैं।
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आप भी डाउनलोड करें स्वच्छ मैप ऐप
मोबाइल ऐप से आमजन को सफाई से संबंधित बात कहने के लिए नगर निकाय विभाग के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन के गूगल प्ले स्टोर या ऐपल में ऐप स्टोर पर स्वच्छ मैप टाइप करके इसे डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप का उपयोग करते हुए कोई भी जागरूक नागरिक कचरा देखकर फोटो खींचकर नगर निकाय के इस ऐप पर अपलोड कर सकता है। फोटो अपलोड होने बाद उसकी लोकेशन भी दिख जाएगी। फोटो अपलोड होते ही शहरी निकाय विभाग का सुपरवाइजर की जिम्मेदारी होगी कि वो अपने एरिया की सफाई करवाएं।
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अधिकारियों की है जिम्मेदारी तय
स्वच्छता ऐप पर गंदगी या कूड़े का फोटो अपलोड होते ही संबंधित सुपरवाइजर के पास पहुंच जाती है। संबंधित सफाई सुपरवाइजर की जिम्मेवारी होगी कि अपलोड फोटो पर तुरंत कार्यवाही अमल में लाए। अगर निर्धारित समय सीमा में सुपरवाइजर ने सफाई नहीं करवाई तो संबंधित सेनेटरी निरीक्षक की जिम्मेवारी होगी कि उस स्थान को तुरंत साफ करवाए। अगर सेनेटरी निरीक्षक ने भी सफाई नहीं करवाई तो संबंधित निकाय के सचिव की जिम्मेवारी होगी कि सफाई को तुरंत पूरा करवाएं। उपायुक्त ने कहा कि सफाई दरोगा से लेकर उच्च स्तर तक कुल पांच स्तरों पर स्वच्छ ऐप की निगरानी रखी जाएगी। सीएम कार्यालय भी मोबाइल स्वच्छ ऐप दर्ज रिपोर्ट पर निगरानी रखेगा।
बेरी मे जल्द शुरू होगा स्वच्छ ऐप
डीसी सोनल गोयल का कहना है कि झज्जर और बहादुरगढ़ में स्वच्छता से संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों को स्वच्छ ऐप की ट्रेनिंग दी गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तत्परता के साथ स्वच्छ मैप पर अपलोड होने वाले फोटो पर निर्धारित समय सीमा में कार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं। डीसी ने कहा कि झज्जर और बहादुरगढ़ के बाद बेरी नगरपालिका में यह सेवा जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। झज्जर जिले में स्वच्छ ऐप की निगरानी सुशासन सहयोगी निशिता बनर्जी कर रही हैं।