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हुडा सेक्टरों में एसटीपी व जलघर निर्माण के लिए अब शुरू होगी सर्वे
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:58 AM IST
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सेक्टरों के लिए करना होगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले के लोगों को हुडा के सेक्टरों के लिए अभी करीब एक साल से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ेगा। इसी माह हुडा प्रशासन नए जलघर और एसटीपी निर्माण को लेकर सर्वे का काम शुरू करेगा। इसके बाद प्लान तैयार कर डिटेल्स इस्टीमेट तैयार होगा। बाद में तैयार प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बिजली का 33 केवीए का अलग से पावर सब स्टेशन बनाए जाने को लेकर बिजली निगम ने कुुछ रोज पहले हुडा प्रशासन से लैंड की डिमांड भी की है ताकि इस प्रोजेक्ट को भी सिरे चढ़ाया जा सके। हुडा सेक्टरों में सीवरेज, वाटर वर्क्स, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का 50 फीसदी काम अभी शेष है हालांकि हुडा प्रशासन अब तक 522 ड्रा भी गत जून 2016 में निकाल चुका है लेकिन हुडा प्रशासन का सेक्टरों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम कछुआ गति से चल रहा है।
चरखी दादरी में पांच सेक्टरों के गठन एवं निर्माण की प्रक्रिया पिछले करीब 10 साल से चल रही है लेकिन यह प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हो पा रहा है। ेअभी इसमें करीब एक साल का समय और लगने की संभावना है। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में शहर में हुडा सेक्टरों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सामान्य अस्पताल से लेकर महेंद्रगढ़ रोड के साथ शहर के बाहरी भाग में हुडा की ओर से जमीन का अधिग्रहण किया था ताकि क्षेत्र वासियों को सेक्टरों की सुविधा मिल सके। चरखी दादरी में सेक्टरों की सुविधा को लेकर लोगों की लंबे समय से मांग चली आ रही थी। हुडा सेक्टरों के निर्माण को लेकर लंबे समय तक जमीन अधिग्रहण को लेकर लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था। लोगों द्वारा कई दिनो तक धरना भी दिया गया। यहां समीप ही स्थित रामबाग की जमीन के अधिग्रहण करने को लेकर भी काफी दिनो तक गतिरोध बना रहा। बाद में सीएम द्वारा इस रामबाग की जमीन का अधिग्रहण न करने की घोषणा किए जाने पर ही मामला शांत हुआ था।
शहर में बनने हैं पांच हुडा सेक्टर
शहर में हुडा प्रशासन की ओर से पांच सेक्टरों के गठन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसमें सेक्टर आठ- नौ, नौ-ए, 10 व 10-ए के अलावा सेक्टर 11 शामिल हैं। इन सेक्टरों के निर्माण पर काम कछुआ गति से चल रहा है।
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पांच एकड़ में बनना है एसटीपी
इन सेक्टरों के लिए हुडा प्रशासन अलग से नया एसटीपी भी बनवाएगा ताकि सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ किया जा सके। गांव रामनगर के समीप शहर के लिए पहले से बने एसटीपी के समीप ही गांव कपूरी के समीप पांच एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। एसटीपी निर्माण पूरा होने पर ही सीवरेज सिस्टम चालू हो सकेगा। सेक्टरों में सीवरेज लाइन बिछाने का भी काम अभी पूरा नहीं हुआ है। काफी एरिया में सीवरेज के मेन प्वाइंट आदि नहीं लगाए गए हैं। नई और सड़कें भी तब बन पाएंगी जब सीवरेज लाइन का काम पूरा हो जाएगा।
वाटर वर्क्स बनना है 30 एकड़ में
हुडा प्रशासन ने सेक्टरों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर रखा है। अधिग्रहण के बाद अब अगली प्रक्रिया शुरू होने में फिर देरी हो रही है। पिछले दिनों हुुडा प्रशासन की ओर से इन सेक्टरों के गठन को लेकर थोड़ी प्लान में भी बदलाव किया गया था। सेक्टरों के अगले हिस्से में थोड़ा बदलाव हुआ है ताकि सीवरेज, सड़कें व पेयजल का ठीक प्रकार से सिस्टम तैयार हो सके। यहां कुछ नई सड़कें और बनाई जानी हैं ताकि बाद में किसी प्रकार की कोई परेशानी न झेलनी पड़ें।
हुडा सेक्टर के लिए अलग से होगा बिजली सब स्टेशन
हुडा सेक्टरों के लिए बिजली का अलग से नया पावर सब स्टेशन बनना है। बिजली निगम ने हुडा प्रशासन से सब स्टेशन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करवाए जाने की मांग करते हुए कुछ दिन पहले ही पूरी डिटेल मांगी है ताकि इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाया जा सके। हुडा प्रशासन की ओर से एसटीपी व जलघर निर्माण को लेकर इसी माह सर्वे करवाएगा। सर्वे के बाद इनकी प्लान तैयार होगी। तत्पश्चात डिटेल्स इस्टीमेट तैयार होगा। बाद में इस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाया जाएगा। इस एसटीपी और जलघर निर्माण की मंजूरी में कम से कम छह माह लगने की बात अधिकारी कह रहे हैं। इसी प्रकार बिजली निगम अधिकारियों का मानना है कि इन सेक्टरों के लिए अलग से पावर सब स्टेशन बनने में कम से कम डेढ़ साल तक का समय लग सकता है।
वर्सन-
हुडा सेक्टरों के लिए अलग से एसटीपी और जलघर बनना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण हो चुकी है। अब इसकी सर्वे कर इस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। निर्माण मंजूरी में कम से कम छह माह का समय लग जाएगा। -हरि सिंह, एसडीई, हुडा प्रशासन
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले के लोगों को हुडा के सेक्टरों के लिए अभी करीब एक साल से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ेगा। इसी माह हुडा प्रशासन नए जलघर और एसटीपी निर्माण को लेकर सर्वे का काम शुरू करेगा। इसके बाद प्लान तैयार कर डिटेल्स इस्टीमेट तैयार होगा। बाद में तैयार प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बिजली का 33 केवीए का अलग से पावर सब स्टेशन बनाए जाने को लेकर बिजली निगम ने कुुछ रोज पहले हुडा प्रशासन से लैंड की डिमांड भी की है ताकि इस प्रोजेक्ट को भी सिरे चढ़ाया जा सके। हुडा सेक्टरों में सीवरेज, वाटर वर्क्स, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का 50 फीसदी काम अभी शेष है हालांकि हुडा प्रशासन अब तक 522 ड्रा भी गत जून 2016 में निकाल चुका है लेकिन हुडा प्रशासन का सेक्टरों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम कछुआ गति से चल रहा है।
चरखी दादरी में पांच सेक्टरों के गठन एवं निर्माण की प्रक्रिया पिछले करीब 10 साल से चल रही है लेकिन यह प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हो पा रहा है। ेअभी इसमें करीब एक साल का समय और लगने की संभावना है। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में शहर में हुडा सेक्टरों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सामान्य अस्पताल से लेकर महेंद्रगढ़ रोड के साथ शहर के बाहरी भाग में हुडा की ओर से जमीन का अधिग्रहण किया था ताकि क्षेत्र वासियों को सेक्टरों की सुविधा मिल सके। चरखी दादरी में सेक्टरों की सुविधा को लेकर लोगों की लंबे समय से मांग चली आ रही थी। हुडा सेक्टरों के निर्माण को लेकर लंबे समय तक जमीन अधिग्रहण को लेकर लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था। लोगों द्वारा कई दिनो तक धरना भी दिया गया। यहां समीप ही स्थित रामबाग की जमीन के अधिग्रहण करने को लेकर भी काफी दिनो तक गतिरोध बना रहा। बाद में सीएम द्वारा इस रामबाग की जमीन का अधिग्रहण न करने की घोषणा किए जाने पर ही मामला शांत हुआ था।
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शहर में बनने हैं पांच हुडा सेक्टर
शहर में हुडा प्रशासन की ओर से पांच सेक्टरों के गठन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसमें सेक्टर आठ- नौ, नौ-ए, 10 व 10-ए के अलावा सेक्टर 11 शामिल हैं। इन सेक्टरों के निर्माण पर काम कछुआ गति से चल रहा है।
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पांच एकड़ में बनना है एसटीपी
इन सेक्टरों के लिए हुडा प्रशासन अलग से नया एसटीपी भी बनवाएगा ताकि सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ किया जा सके। गांव रामनगर के समीप शहर के लिए पहले से बने एसटीपी के समीप ही गांव कपूरी के समीप पांच एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। एसटीपी निर्माण पूरा होने पर ही सीवरेज सिस्टम चालू हो सकेगा। सेक्टरों में सीवरेज लाइन बिछाने का भी काम अभी पूरा नहीं हुआ है। काफी एरिया में सीवरेज के मेन प्वाइंट आदि नहीं लगाए गए हैं। नई और सड़कें भी तब बन पाएंगी जब सीवरेज लाइन का काम पूरा हो जाएगा।
वाटर वर्क्स बनना है 30 एकड़ में
हुडा प्रशासन ने सेक्टरों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर रखा है। अधिग्रहण के बाद अब अगली प्रक्रिया शुरू होने में फिर देरी हो रही है। पिछले दिनों हुुडा प्रशासन की ओर से इन सेक्टरों के गठन को लेकर थोड़ी प्लान में भी बदलाव किया गया था। सेक्टरों के अगले हिस्से में थोड़ा बदलाव हुआ है ताकि सीवरेज, सड़कें व पेयजल का ठीक प्रकार से सिस्टम तैयार हो सके। यहां कुछ नई सड़कें और बनाई जानी हैं ताकि बाद में किसी प्रकार की कोई परेशानी न झेलनी पड़ें।
हुडा सेक्टर के लिए अलग से होगा बिजली सब स्टेशन
हुडा सेक्टरों के लिए बिजली का अलग से नया पावर सब स्टेशन बनना है। बिजली निगम ने हुडा प्रशासन से सब स्टेशन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करवाए जाने की मांग करते हुए कुछ दिन पहले ही पूरी डिटेल मांगी है ताकि इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाया जा सके। हुडा प्रशासन की ओर से एसटीपी व जलघर निर्माण को लेकर इसी माह सर्वे करवाएगा। सर्वे के बाद इनकी प्लान तैयार होगी। तत्पश्चात डिटेल्स इस्टीमेट तैयार होगा। बाद में इस प्रोजेक्ट को मंजूर करवाया जाएगा। इस एसटीपी और जलघर निर्माण की मंजूरी में कम से कम छह माह लगने की बात अधिकारी कह रहे हैं। इसी प्रकार बिजली निगम अधिकारियों का मानना है कि इन सेक्टरों के लिए अलग से पावर सब स्टेशन बनने में कम से कम डेढ़ साल तक का समय लग सकता है।
वर्सन-
हुडा सेक्टरों के लिए अलग से एसटीपी और जलघर बनना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण हो चुकी है। अब इसकी सर्वे कर इस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। निर्माण मंजूरी में कम से कम छह माह का समय लग जाएगा। -हरि सिंह, एसडीई, हुडा प्रशासन