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दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे भिवानी के चक्कर, ओपीडी विंग में ही बैठेगा सात चिकित्सकों का बोर्ड

Fri, 29 Mar 2019 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2019 01:21 AM IST
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दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे भिवानी के चक्कर, ओपीडी विंग में ही बैठेगा सात चिकित्सकों का बोर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अब लोगों को भिवानी सिविल अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग की इस सुविधा का लाभ अब जिले के दिव्यांगों को सिविल अस्पताल में ही मिल जाएगा। प्रत्येक वीरवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी विंग (पुरानी बिल्डिंग) में सात चिकित्सकों का बोर्ड दिव्यांगों की जांच कर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करेगा। इस संबंध में सीएमओ विरेंद्र यादव ने आदेश जारी कर दिए हैं। यह सेवा 28 मार्च से ही सिविल अस्पताल में शुरू कर दी है। पहले ही दिन सात लोगों ने अपना मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाया।
भिवानी से अलग होकर चरखी दादरी अब अलग जिला बन चुका है। लेकिन अभी भी लोगों को कुछ स्वास्थ्य सेवाएं भिवानी सिविल अस्पताल जाकर लेनी पड़ रही हैं। दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भी लोग भिवानी जिला अस्पताल के चक्कर काटने को विवश थे। इसके चलते उन्हें आर्थिक और शारीरिक परेशानियां झेलनी पड़ती थी। सीएमओ विरेंद्र यादव ने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर चरखी दादरी में ही मेडिकल बोर्ड का गठन करने की अनुमति ले ली। सूत्रों की मानें तो यह अनुमति करीब एक माह पहले ली गई थी और इसके बाद बोर्ड में शामिल किए जाने वाले सात चिकित्सकों का चयन किया गया। सीएमओ ने 28 मार्च की सुबह ही इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी कर दिए। इसमें बोर्ड में शामिल होने वाले सात चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई हैं। इनमें हड्डी रोग विशेषज्ञ राजीव बैनीवाल, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका, सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण, प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा व शीला व फिजिशियन डॉ. धर्मेंद्र को शामिल किया गया है।
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बोर्ड को ओपीडी विंग में कमरा नंबर दो अलॉट किया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सभी विशेषज्ञों के सेवाएं एकसाथ देने पर ही आवेदक का दिव्यांगता मेडिकल प्रमाण पत्र बन सकता है। पिछले करीब 20 दिनों से बोर्ड में चिकित्सकों के गठन की प्रक्रिया चल रही थी जो कि दो-तीन पहले ही पूरी हुई है। वीरवार से सिविल अस्पताल में बोर्ड ने मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने शुरू कर दिए हैं।
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गंभीर केस होंगे रेफर, सामान्य केस में उसी दिन जारी होगा सर्टिफिकेट
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि अगर दिव्यांग मेडिकल सर्टिफिकेट संबंधी अगर कोई गंभीर केस होगा तो उसे पीजीआई रेफर किया जाएगा। वहां की गई जांच की स्थिति स्पष्ट होने पर मेडिकल दादरी सिविल अस्पताल से जारी किया जाएगा। वहीं, जो केस सामान्य होंगे उन आवेदकों को उसी दिन मेडिकल प्रमाण-पत्र जारी कर दिए जाएंगे। वहीं, पीजीआई रेफर किए जाने वाले मरीजों को अगले वीरवार को सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

विभाग के एसीएस से मांगी गई थी अनुमति
विभागीय सूत्रों की मानें तो सीएमओ विरेंद्र यादव ने करीब डेढ़ माह पहले स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से दादरी में बोर्ड बैठाने की अनुमति मांगी थी। यह अनुमति तुरंत मिल गई थी लेकिन चिकित्सक न होने के चलते बोर्ड का गठन नहीं हो सका था। सिविल अस्पताल में लंबे समय से ही स्पेशलिस्ट की कमी बनी हुई थी।


सात सदस्यीय बोर्ड का हमने गठन कर दिया है। अब दादरी सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में ही दिव्यांगता के सर्टिफिकेट बनाए जाएंगे और लोगों को भिवानी जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मैंने चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर वीरवार सुबह ही कार्यालय आदेश जारी कर दिए हैं।
विरेंद्र यादव, सीएमओ, चरखी दादरी
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