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जाट आरक्षण संघर्ष मंडल के सदस्यों ने जाट नेता मलिक व सांसद सैनी का फूंका पुतला
Updated Thu, 16 Nov 2017 01:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जाट आरक्षण संघर्ष मंडल के सदस्यों ने दिलबाग दलाल के नेतृत्व में बुधवार को झज्जर के दिल्ली गेट पर जाट नेता यशपाल मलिक व भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के पुतला फूंके और दोनों नेताओं पर समाज के भाईचारे को खराब करने के अलावा मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने 26 नवंबर को रोहतक के जसिया में होने वाली रैली का भी बहिष्कार करने की घोषणा की। मंडल के सदस्यों ने कहा कि 18 नवंबर को गांव बसंतपुर में हुड्डा खाप के चबूतरे पर खाप प्रतिनिधियों की पंचायत होगी। इसमें यशपाल मलिक और जसिया रैली के खिलाफ बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा।
जाट आरक्षण संघर्ष मंडल के सदस्य बुधवार को दिल्ली गेट पर दिलबाग लाल के नेतृत्व में एकत्रित हुए और यशपाल मलिक व सांसद राजकुमार सैनी का पुतला फूंका। दलाल ने कहा कि दोनों ही नेताओं ने आपसी भाईचारे में जहर घोलने का काम किया है और अभी भी जहर घोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 36 बिरादरी से प्राप्त हुए चंदे का मलिक व उनके साथियों ने अपने निजी हित में इस्तेमाल किया है। जोकि समाज के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जेल में गए 48 युवाओं में से दो युवाओं की अभी तक जमानत नहीं हुई है और अदालतों में केस की पैरवी ठीक से नहीं हो रही।
वहीं, युवा कप्तान सुबाना ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति पर अदालत में केस लड़ने के लिए कोई मदद न करने का आरोप लगाया। कप्तान ने कहा कि वह अपने पैसे से पैरवी की है। जबकि यशपाल मलिक और उसके साथी मदद के नाम पर पूरे समाज को गुमराह कर चंदे के पैसे को हड़प रहे हैं। दीपक सुबाना ने जेल में प्रताड़ित करने और मलिक द्वारा कोई मदद न करने के आरोप लगाए और कहा कि इससे समाज में मलिक के प्रति नाराजगी है। पुतला फूंकने वालों में हवा सिंह दलाल, रामफल गुलिया, जगदीश गुलिया, एडवोकेट नवीन राहड़, संदीप धनखड़, रमेश देशवाल, राज सिंह गुलिया आदि शामिल रहे।
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- समाज को बाटने का लगाया आरोप, जसिया रैली के बहिष्कार की कही बात
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झज्जर।
जाट आरक्षण संघर्ष मंडल के सदस्यों ने दिलबाग दलाल के नेतृत्व में बुधवार को झज्जर के दिल्ली गेट पर जाट नेता यशपाल मलिक व भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के पुतला फूंके और दोनों नेताओं पर समाज के भाईचारे को खराब करने के अलावा मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने 26 नवंबर को रोहतक के जसिया में होने वाली रैली का भी बहिष्कार करने की घोषणा की। मंडल के सदस्यों ने कहा कि 18 नवंबर को गांव बसंतपुर में हुड्डा खाप के चबूतरे पर खाप प्रतिनिधियों की पंचायत होगी। इसमें यशपाल मलिक और जसिया रैली के खिलाफ बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा।
जाट आरक्षण संघर्ष मंडल के सदस्य बुधवार को दिल्ली गेट पर दिलबाग लाल के नेतृत्व में एकत्रित हुए और यशपाल मलिक व सांसद राजकुमार सैनी का पुतला फूंका। दलाल ने कहा कि दोनों ही नेताओं ने आपसी भाईचारे में जहर घोलने का काम किया है और अभी भी जहर घोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 36 बिरादरी से प्राप्त हुए चंदे का मलिक व उनके साथियों ने अपने निजी हित में इस्तेमाल किया है। जोकि समाज के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जेल में गए 48 युवाओं में से दो युवाओं की अभी तक जमानत नहीं हुई है और अदालतों में केस की पैरवी ठीक से नहीं हो रही।
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वहीं, युवा कप्तान सुबाना ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति पर अदालत में केस लड़ने के लिए कोई मदद न करने का आरोप लगाया। कप्तान ने कहा कि वह अपने पैसे से पैरवी की है। जबकि यशपाल मलिक और उसके साथी मदद के नाम पर पूरे समाज को गुमराह कर चंदे के पैसे को हड़प रहे हैं। दीपक सुबाना ने जेल में प्रताड़ित करने और मलिक द्वारा कोई मदद न करने के आरोप लगाए और कहा कि इससे समाज में मलिक के प्रति नाराजगी है। पुतला फूंकने वालों में हवा सिंह दलाल, रामफल गुलिया, जगदीश गुलिया, एडवोकेट नवीन राहड़, संदीप धनखड़, रमेश देशवाल, राज सिंह गुलिया आदि शामिल रहे।
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