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अपने कालेज की बेस्ट एथलीट थी डिसकस थ्रो खिलाड़ी एकता
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। गांव पैतावास कलां से खेल अकादमी में अभ्यास के लिए आ रही नेशनल जूनियर खिलाड़ी एकता ने शॉटपुट और डिस्कस-थ्रो में स्कूली स्तर से ही पदक जीतना शुरू कर दिया था। अब तक वह इन दोनो गेम्स में करीब 20 पदक से ज्यादा जीत चुकी थी। इतना ही नहीं एकता इस समय अपने कालेज की भी बेस्ट एथलीट थी। एकता गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय महाविद्यालय में बीएससी फाइनल वर्ष की छात्रा थी।
मंगलवार शाम सड़क हादसे का शिकार हुई खिलाड़ी एकता के पिता राजेश कुमार ने बताया कि एकता की डिस्कस व शॉटपुट खेल में शुरू से ही रुचि थी। आठवीं कक्षा में ही एकता ने पदक जीतने शुरू कर दिए थे। स्कूली स्तर पर एकता नेे राज्य स्तर पर पदक जीते। बाद में वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुुंच गई। जब एकता ने कालेज की शिक्षा शुरू की तो उसने जूनियर नेशनल खेलों में मेडल जीतने शुरू कर दिए। इस समय एकता गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय कालेज में बीएससी फाइनल की पढ़ाई कर रही थी। सन 2017 में आयोजित जूनियर नेशनल खेलों में डिस्कस व शॉटपुट खेलों में एकता ने गोल्ड मेडल जीते थे।
उसके पिता राजेश कुमार ने बताया कि एकता इंडिया एथलेटिक्स फेडरेशन संघ के अधीन खेलती थी। अब तक एकता करीब 20 मेडल जीत चुकी है इनमें गोल्ड, रजत व कांस्य पदक शामिल हैं। पिता राजेश कुमार ने बताया कि उसकी बेटी आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय सतर पर भारत का नाम रोशन करती लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे ने उसके सांसें थाम दीं। डीपीई राजेश की दो बेटियों में एकता छोटी थी जबकि उसकी एक बड़ी बहन भी है। इस समय वह खेल कोटे के जरिए सरकारी नौकरी की भी तैयारी कर रही थी।
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दो साल से कालेज की थी बेस्ट एथलीट
राजकीय कालेज बिरोहड़ की प्राध्यापिका डॉ. अनीता फौगाट ने बताया कि खिलाड़ी एकता कालेज की बेस्ट खिलाड़ी थी। वह पढ़ाई में भी अव्वल थी। कालेज को सदैव उनकी उपलब्धियों पर गर्व रहा। एकता ने कालेज का राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया। एकता ने कालेज की ओर से इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में भी कई पदक जीते थे। पिछले दो साल से वह कालेज की बेस्ट एथलीट चुनी जाती रही हैं। बिरोहड़ राजकीय महाविद्यालय की प्राध्यापिका अनीता फौगाट ने बताया कि एकता डिस्कस-थ्रो व शॉटपुट की नहीं बल्कि अच्छी धावक भी थी। उन्होंने बताया कालेज में आयोजित दौड़ स्पर्धाएं एकता ही जीतती थी। उन्होंने बताया कि इंटर कालेज दौड़ प्रतियोगिताओं में भी एकता कालेज का प्रतिनिधित्व कर कई पदक जीत चुकी है।
मोबाइल नहीं करती थी प्रयोग
एकता के परिजनों ने बताया कि वह करीब सात साल से एथलीट गेम्स कर रही है। एकता मोबाइल फोन नहीं रखती थी। उसे गेम्स में आने की प्रेरणा अपने पिता व डीपीई राजेश कुमार से मिली थी। उनकी देखरेख में ही वो अभ्यास कर रही थी। पैंतावास कलां सरपंच धीरपाल ने बताया कि यह हादसा बेहद दुखद है। एकता गांव चरखी स्थित एससीआर स्कूल की खेल अकादमी में अभ्यास करती थी। वह अपने गांव पैंतावास कलां से खेल अकादमी में प्रतिदिन बाइक से अप-डाउन करती थी। एकता को अभ्यास के लिए आनेजाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए ही उसके पिता ने बाइक चलाना सिखाया था। मंगलवार को हादसे में एकता की बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
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चरखी दादरी। गांव पैतावास कलां से खेल अकादमी में अभ्यास के लिए आ रही नेशनल जूनियर खिलाड़ी एकता ने शॉटपुट और डिस्कस-थ्रो में स्कूली स्तर से ही पदक जीतना शुरू कर दिया था। अब तक वह इन दोनो गेम्स में करीब 20 पदक से ज्यादा जीत चुकी थी। इतना ही नहीं एकता इस समय अपने कालेज की भी बेस्ट एथलीट थी। एकता गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय महाविद्यालय में बीएससी फाइनल वर्ष की छात्रा थी।
मंगलवार शाम सड़क हादसे का शिकार हुई खिलाड़ी एकता के पिता राजेश कुमार ने बताया कि एकता की डिस्कस व शॉटपुट खेल में शुरू से ही रुचि थी। आठवीं कक्षा में ही एकता ने पदक जीतने शुरू कर दिए थे। स्कूली स्तर पर एकता नेे राज्य स्तर पर पदक जीते। बाद में वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुुंच गई। जब एकता ने कालेज की शिक्षा शुरू की तो उसने जूनियर नेशनल खेलों में मेडल जीतने शुरू कर दिए। इस समय एकता गांव बिरोहड़ स्थित राजकीय कालेज में बीएससी फाइनल की पढ़ाई कर रही थी। सन 2017 में आयोजित जूनियर नेशनल खेलों में डिस्कस व शॉटपुट खेलों में एकता ने गोल्ड मेडल जीते थे।
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उसके पिता राजेश कुमार ने बताया कि एकता इंडिया एथलेटिक्स फेडरेशन संघ के अधीन खेलती थी। अब तक एकता करीब 20 मेडल जीत चुकी है इनमें गोल्ड, रजत व कांस्य पदक शामिल हैं। पिता राजेश कुमार ने बताया कि उसकी बेटी आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय सतर पर भारत का नाम रोशन करती लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे ने उसके सांसें थाम दीं। डीपीई राजेश की दो बेटियों में एकता छोटी थी जबकि उसकी एक बड़ी बहन भी है। इस समय वह खेल कोटे के जरिए सरकारी नौकरी की भी तैयारी कर रही थी।
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दो साल से कालेज की थी बेस्ट एथलीट
राजकीय कालेज बिरोहड़ की प्राध्यापिका डॉ. अनीता फौगाट ने बताया कि खिलाड़ी एकता कालेज की बेस्ट खिलाड़ी थी। वह पढ़ाई में भी अव्वल थी। कालेज को सदैव उनकी उपलब्धियों पर गर्व रहा। एकता ने कालेज का राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया। एकता ने कालेज की ओर से इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में भी कई पदक जीते थे। पिछले दो साल से वह कालेज की बेस्ट एथलीट चुनी जाती रही हैं। बिरोहड़ राजकीय महाविद्यालय की प्राध्यापिका अनीता फौगाट ने बताया कि एकता डिस्कस-थ्रो व शॉटपुट की नहीं बल्कि अच्छी धावक भी थी। उन्होंने बताया कालेज में आयोजित दौड़ स्पर्धाएं एकता ही जीतती थी। उन्होंने बताया कि इंटर कालेज दौड़ प्रतियोगिताओं में भी एकता कालेज का प्रतिनिधित्व कर कई पदक जीत चुकी है।
मोबाइल नहीं करती थी प्रयोग
एकता के परिजनों ने बताया कि वह करीब सात साल से एथलीट गेम्स कर रही है। एकता मोबाइल फोन नहीं रखती थी। उसे गेम्स में आने की प्रेरणा अपने पिता व डीपीई राजेश कुमार से मिली थी। उनकी देखरेख में ही वो अभ्यास कर रही थी। पैंतावास कलां सरपंच धीरपाल ने बताया कि यह हादसा बेहद दुखद है। एकता गांव चरखी स्थित एससीआर स्कूल की खेल अकादमी में अभ्यास करती थी। वह अपने गांव पैंतावास कलां से खेल अकादमी में प्रतिदिन बाइक से अप-डाउन करती थी। एकता को अभ्यास के लिए आनेजाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए ही उसके पिता ने बाइक चलाना सिखाया था। मंगलवार को हादसे में एकता की बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।