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कोहरे में हादसे से बचने के नहीं हैं बंदोबस्त

Tue, 14 Nov 2017 01:27 AM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:27 AM IST
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कोहरे में हादसे से बचने के नहीं हैं बंदोबस्त
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
कोहरे में सड़क हादसे बढ़ जाते हैं। खतरनाक चौराहों और अंधे कटों पर हादसा होने की आशंका अधिक बढ़ जाती है। बहादुरगढ़ में भी ऐसे दर्जनभर से अधिक डेंजर प्वाइंट हैं, जहां आए साल धुंध के कारण हादसे होते हैं। इन हादसों में अमूल्य जान चली जाती है। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से इन खतरनाक स्थानों पर रिफ्लेक्टर टेप व अन्य बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को इन जगहों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
रोहतक-दिल्ली रोड पर जाखोदा मोड़, जाखोदा के नजदीक मेन बाइपास, बामड़ोली मोड़, पीडीएम के नजदीक अंडरपास, नया गांव बाइपास चौक और बालोर बाइपास चौक आदि ऐसे खतरनाक क्षेत्र हैं जहां आम दिनों में भी हादसे होते रहते हैं। धुंध में तो यहां काफी हादसे हो जाते हैं। जाखोदा बाइपास चौक सबसे खतरनाक है। यहां से रोहतक से बहादुरगढ़ व रोहतक-दिल्ली बाइपास होकर जाने वाले से गुजरते हैं। यहां धुंध के समय दुर्घटना से बचाव के लिए रिफ्लेक्टर और रेडियम टेप आदि के इंतजाम पुख्ता नहीं है। वाहन यहां से बहुत ही तेजी से गुजरते हैं और धुंध में दुर्घटना होने की आशंका काफी है। पिछली बार भी यहां कई हादसे हो गए थे। जिनमें कुछ लोगों की जान भी चली गई थी। इससे कुछ ही दूरी पर जाखोदा मोड़ चौक भी खतरनाक है।
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जाखोदा के निवासी वीरेश ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में यहां के हालात बदल गए। नई सड़क बनी और हाइवे पर लाइटें भी लगी। मगर हादसों में कमी नहीं आई है। जैसे ही धुंध पड़नी शुरू हो जाती है। यहां हादसे शुरू हो जाते हैं। धुंध में तीन-चार दिन के अंतराल में यहां छोटी-बड़ी दुर्घटना हो जाती है। मोड़ पर रिफ्लेक्टर और रेडियम पट्टी के इंतजाम हो जाए तो दुर्घटनाओं पर अंकुश लग जाएगा। नया गांव और सिद्धीपुर के नजदीक बाइपास चौक पर ये ही हालात हैं।
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ये है जोखिमभरा मार्ग
नाहरा-नाहरी रोड पर तमाम अंधे कट और मोड़ हैं। धुंध में दुर्घटना होने की सबसे अधिक आशंका बामनोली मोड़ पर होती है। यह मोड़ इतना जबरदस्त है कि आम दिनों में भी यहां पहली बार आने वाले वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं। धुंध में वाहन मोड़ते वक्त यहां वाहन टकरा जाते हैं या खेतों में पलट जाते हैं। लडरावन निवासी महेंद्र ने कहा कि यहां बेहद खतरनाक मोड़ हैं। किसी भी मोड़ पर रिफ्लेक्टर टेप व अन्य बंदोबस्त नहीं हैं। प्रशासन इस ओर ध्यान दें।

इन स्थानों पर होते हैं हादसे
- जाखोदा बाईपास चौक
- नया गांव बाईपास चौक
- बालोर बाईपास चौक
- झज्जर रोड बाईपास चौक
- झाखोदा मोड़
- सेक्टर-9 बाईपास मोड़
- एचएसआईआईडीसी मोड़
- बामनोली मोड़
- मुकुंदपुर मोड़
- चोर प्याऊ चौक
- कानोंदा में पीएचसी के पास
- नाहरा-नाहरी रोड पर कुलासी मोड़
- लडरावन-सोहटी मोड़
- आरएसओ करेगा जागरूक

सड़क सुरक्षा संगठन से सतीश शर्मा ने कहा कि धुंध पड़ने में अभी कुछ दिन बाकी हैं। संगठन इस दिशा में अभियान चलाकर आमजन को जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि धुंध में चालक वाहन को कम स्पीड में रखें और नियमों का पालन करें।


जल्द लगेंगे रिफ्लेक्टर : एचएचओ
ट्रैफिक पुलिस प्रभारी अशोक कुमार ने कहा कि फिलहाल वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है। अगले एक-दो दिनों में सभी कटों और मोड़ों पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। रेडियम पट्टी युक्त दिशासूचक बोर्ड भी लगा दिए जाएंगे। पिछले वर्ष कोहरे के कारण कई लोगों की जान चली गई थी। इसलिए प्रशासन तो प्रयास करेगा ही, आमजन को भी जागरूकता दिखानी होगी। सावधानी ही सुरक्षा है, इसलिए नियमों का पालन करें।
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