{"_id":"5d152a6e8ebc3e3cb8143720","slug":"156166818617-jhjhar-news40","type":"story","status":"publish","title_hn":"हूटर बजे तो घबराएं नहीं, मेगा मॉक ड्रिल आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हूटर बजे तो घबराएं नहीं, मेगा मॉक ड्रिल आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर। शहर में अगर आपके आसपास हूटर बजे और पुलिस तथा एंबुलेंस की गाड़ियां दौड़ती दिखाई दें तो आप घबराएं नहीं। क्योंकि शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा मेगा मॉक ड्रिल के तहत आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास के लिए जिला प्रशासन के द्वारा शहर में तीन स्थानों का चुनाव किया गया है। मॉक ड्रिल लगभग दो से तीन घंटे में पूरी कर ली जाएगी। इसलिए झज्जर में एडवांटा अस्पताल, सुमन सीटी मॉल व लघु सचिवालय झज्जर और एफडीआई एचएसआई आईडीसी बहादुरगढ़, पं. श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन व समीप के एरिया में ड्रिल के कारण कुछ समय के लिए राहगीरों को असुविधा हो सकती है। आकस्मिक आपदा की तैयारियों को परखना व आमजन को जागरूक करने के लिए यह मॉक ड्रिल की जा रही है। इसलिए सभी नागरिकों से सहयोग अपेक्षित है। मेगा मॉक ड्रिल की शुरुआत हूटर के बजने के साथ होगी। अंतरराज्यीय मेगा मॉक ड्रिल है इसलिए हूटर का समय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा तय किया जाएगा। सुबह दस बजे के बाद कभी भी हूटर बजने की संभावना है। हूटर बजते ही सभी अधिकारी व विभाग डीडीएमपी-2019 में निर्धारित की गई जिम्मेदारी अनुसार इमरजेंसी मोड में कार्य करेंगे।
इमरजेंसी मोड में होगा प्रशासन
उपायुक्त ने कहा कि भूकंप आपदा की सूचना का हूटर बजते ही तुरंत पूरा प्रशासन इमरजेंसी मोड में कार्य करेगा। संवाद भवन स्थित इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। जहांआरा बाग स्टेडियम झज्जर और सेक्टर छह सामुदायिक भवन बहादुरगढ़ में स्टेजिंग एरिया बनाए गए हैं। इन दोनों स्थानों से मॉक ड्रिल के लिए चयनित स्थानों पर बचाव एवं राहत सामग्री की टीमें रवाना की जाएगी। सभी टीमों की वीरवार शाम को रिहर्सल करवाई गई है, ताकि आपदा राहत के लिए मॉक ड्रिल को तय गाइडलाइन के अनुसार किया जा सके।
प्रदेश में चार जगह होगी मॉक ड्रिल
झज्जर जिले में भूकंप या अन्य किसी आपदा के समय राहत एवं बचाव के पूर्वाभ्यास के लिए शुक्रवार की सुबह मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन होगा। झज्जर के साथ-साथ यह ड्रिल राष्ट्रीय राजधानी सीमा (एनसीटी) और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ हरियाणा के झज्जर, गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में एक साथ आयोजित होगी। उपायुक्त संजय जून ने यह बताया कि मेगा मॉक ड्रिल की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और तैयारियों की रिहर्सल वीरवार को कर ली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इमरजेंसी मोड में होगा प्रशासन
उपायुक्त ने कहा कि भूकंप आपदा की सूचना का हूटर बजते ही तुरंत पूरा प्रशासन इमरजेंसी मोड में कार्य करेगा। संवाद भवन स्थित इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। जहांआरा बाग स्टेडियम झज्जर और सेक्टर छह सामुदायिक भवन बहादुरगढ़ में स्टेजिंग एरिया बनाए गए हैं। इन दोनों स्थानों से मॉक ड्रिल के लिए चयनित स्थानों पर बचाव एवं राहत सामग्री की टीमें रवाना की जाएगी। सभी टीमों की वीरवार शाम को रिहर्सल करवाई गई है, ताकि आपदा राहत के लिए मॉक ड्रिल को तय गाइडलाइन के अनुसार किया जा सके।
विज्ञापन
प्रदेश में चार जगह होगी मॉक ड्रिल
झज्जर जिले में भूकंप या अन्य किसी आपदा के समय राहत एवं बचाव के पूर्वाभ्यास के लिए शुक्रवार की सुबह मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन होगा। झज्जर के साथ-साथ यह ड्रिल राष्ट्रीय राजधानी सीमा (एनसीटी) और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ हरियाणा के झज्जर, गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में एक साथ आयोजित होगी। उपायुक्त संजय जून ने यह बताया कि मेगा मॉक ड्रिल की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और तैयारियों की रिहर्सल वीरवार को कर ली गई।
विज्ञापन