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महिलाएं भी लेंगी 27 के रेल रोको आंदोलन में हिस्सा
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चरखी दादरी। एनएच-152 डी की अवार्ड राशि में संशोधन की मांग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक के बाद भी सिरे नहीं चढ़ी है। अब किसानों ने रेल रोको आंदोलन की रूपरेखा नए सिरे तैयार करते हुए महिलाओं को शामिल कर लिया है। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि 27 जून को प्रदेश में 29 जगहों पर रेल रोकी जाएंगी और इस आंदोलन की अगुवाई महिलाएं करेंगी। उन्होंने बताया कि दूसरे प्रदेशों में भी प्रतिनिधि भेजे जा चुके हैं और अगर सरकार ने रेले रोको आंदोलन में गिरफ्तारी की तो देश के अन्य राज्यों में भी एक कॉल पर 56 जगह ट्रेनें रोक दी जाएंगी।
नेशनल हाइवे की अवार्ड राशि में संशोधन की मांग को लेकर चरखी दादरी और जींद के किसान पिछले लंबे समय से धरने पर बैठे हैं। चरखी दादरी में गत 26 फरवरी से धरना जारी है और किसान सरकार और अधिकारियों के रवैये से खफा है। करीब बीस दिन पहले किसानों ने हरियाणा में 29 जगहों पर रेल रोकने का एलान किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की गत 12 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक हुई थी। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि उस बैठक में नितिन गडकरी ने सरकार को अवार्ड राशि में संशोधन कर प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए थे। रविवार को 11 दिन हो गए लेकिन सरकार ने अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
उन्होंने बताया कि रविवार को महिलाओं ने भी 27 जून के रेल रोको आंदोलन में भागीदारी निभाने का फैसला लिया है। दलाल ने संकेत देते हुए कहा कि अगर हरियाणा में रेल रोको आंदोलन के दौरान किसानों से छेड़छाड़ की गई तो फिर देशभर में रेल रोक दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में प्रतिनिधि भेजे जा चुके हैं और वो वहां के संगठनों के साथ बातचीत कर चुके हैं। रमेश दलाल ने कहा कि यह आंदोलन देश का सबसे बड़ा किसान आंदोलन होगा और रेल रोकने की तैयारियां इस बार बड़े स्तर पर की गई हैं।
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227 महिला और 185 सामाजिक संगठनों का समर्थन
किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि किसानों के आंदोलन को बांबे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज व 142 अधिवक्ता आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहले महिला संगठन इस आंदोलन से नहीं जुड़े थे लेकिन बीते कुछ दिनों में ही 227 महिला संगठनों ने और 185 सामाजिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
संसद व पीएम आवास का घेराव अगला कदम
रामनगर धरनास्थल पर मौजूद किसानों और महिलाओं को संबोधित करते हुए रमेश दलाल ने कहा कि सरकार के पास 26 जून तक का समय है और 27 जून को किसान प्रदेश में 29 जगहों पर रेल रोक देंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली संसद और पीएम आवास का घेराव करने के लिए भी काफी किसान संगठनों और महिला संगठनों से बातचीत हो चुकी है। रेल रोको आंदोलन के बाद ये किसानों के अगले कदम होंगे।
नेशनल हाइवे की अवार्ड राशि में संशोधन की मांग को लेकर चरखी दादरी और जींद के किसान पिछले लंबे समय से धरने पर बैठे हैं। चरखी दादरी में गत 26 फरवरी से धरना जारी है और किसान सरकार और अधिकारियों के रवैये से खफा है। करीब बीस दिन पहले किसानों ने हरियाणा में 29 जगहों पर रेल रोकने का एलान किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की गत 12 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक हुई थी। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि उस बैठक में नितिन गडकरी ने सरकार को अवार्ड राशि में संशोधन कर प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए थे। रविवार को 11 दिन हो गए लेकिन सरकार ने अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
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उन्होंने बताया कि रविवार को महिलाओं ने भी 27 जून के रेल रोको आंदोलन में भागीदारी निभाने का फैसला लिया है। दलाल ने संकेत देते हुए कहा कि अगर हरियाणा में रेल रोको आंदोलन के दौरान किसानों से छेड़छाड़ की गई तो फिर देशभर में रेल रोक दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में प्रतिनिधि भेजे जा चुके हैं और वो वहां के संगठनों के साथ बातचीत कर चुके हैं। रमेश दलाल ने कहा कि यह आंदोलन देश का सबसे बड़ा किसान आंदोलन होगा और रेल रोकने की तैयारियां इस बार बड़े स्तर पर की गई हैं।
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227 महिला और 185 सामाजिक संगठनों का समर्थन
किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि किसानों के आंदोलन को बांबे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज व 142 अधिवक्ता आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहले महिला संगठन इस आंदोलन से नहीं जुड़े थे लेकिन बीते कुछ दिनों में ही 227 महिला संगठनों ने और 185 सामाजिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है।
संसद व पीएम आवास का घेराव अगला कदम
रामनगर धरनास्थल पर मौजूद किसानों और महिलाओं को संबोधित करते हुए रमेश दलाल ने कहा कि सरकार के पास 26 जून तक का समय है और 27 जून को किसान प्रदेश में 29 जगहों पर रेल रोक देंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली संसद और पीएम आवास का घेराव करने के लिए भी काफी किसान संगठनों और महिला संगठनों से बातचीत हो चुकी है। रेल रोको आंदोलन के बाद ये किसानों के अगले कदम होंगे।