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पूर्व सांसद और विधायक का किसानों को मिला समर्थन, आर-पार की लड़ाइ्र्र लड़ने का किया ऐलान
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग के लिए किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने को पूर्व सांसद श्रुति चौधरी और विधायक राजदीप फौगाट ने भी समर्थन दिया। राम नगर के पास 17 गांवों के किसानों द्वारा दिया जा रहा धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने को अब तक 50 से अधिक गांवों और क्षेत्र के लोगों का समर्थन मिल चुका है। किसानों ने निर्णय लिया है कि अब 24 घंटे धरनास्थल पर मौजूद रहेंगे। इसके लिए खाने से लेकर सोने तक का प्रबंध धरनास्थल पर किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 17 गांवों की जमीन अधिग्रहण करने दायरे में है। इन जमीनों के मालिक किसान तय कलेक्टर रेट से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इसे लेकर 17 गांवों के किसानों ने धरना शुरू किया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहीत होगी। इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने कहा अब अवार्ड घोषित करने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन को विफल करने के लिए पिछली तारीख में अवार्ड की घोषणा की है। रमेश दलाल का कहना है कि सरकार ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन नही किया है। यह सब अधिकारियों की साजिश का नतीजा है। शुक्रवार को धरने पर बैठे किसानों ने जमकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि अब तक 42 गांव आंदोलन का समर्थन कर चुके है। शुक्रवार को धरना स्थल पर राजबीर सिंह, सुरेश, सुरेंद्र सिंह, राजबीर, संत कुमार, रामफल, इंद्र सिंह, रामकुमार, रामरत्न सहित काफी तादाद में किसान उपस्थित थे।
कांग्रेस इस लड़ाई में किसानों के साथ : श्रुति चौधरी
पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने भी शुक्रवार को किसानों के धरना का समर्थन किया। उनकी तरफ से अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त समन्वयक और बिहार व झारखंड के प्रभारी राजू मान ने वक्तव्य पढ़कर सुनाया। इसमें श्रुति चौधरी ने कहा कि इस क्षेत्र के कई गांवों की सैकड़ों एकड़ भूमि एनएच में शामिल है लेकिन सरकार जमीन के वाजिब दाम नहीं दे रही। यही वजह है कि किसान धरने पर बैठकर आंदोलन करने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उनका समर्थन पूरी तरह से किसानों के साथ है। राजू मान ने कहा कि सत्ताधारी अहंकार में डूबे हैं और यही वजह है कि इतना वक्त बीतने के बाद भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने किसानों की सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस इस आंदोलन में किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेंद्र परमार, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्या लेघा, पवन मंदोला, धर्मेंद्र बलकरा, राजेंद्र मकड़ानी, बनी सिंह, अनुज, मंजीत बेरला आदि मौजूद रहे।
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चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग के लिए किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने को पूर्व सांसद श्रुति चौधरी और विधायक राजदीप फौगाट ने भी समर्थन दिया। राम नगर के पास 17 गांवों के किसानों द्वारा दिया जा रहा धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने को अब तक 50 से अधिक गांवों और क्षेत्र के लोगों का समर्थन मिल चुका है। किसानों ने निर्णय लिया है कि अब 24 घंटे धरनास्थल पर मौजूद रहेंगे। इसके लिए खाने से लेकर सोने तक का प्रबंध धरनास्थल पर किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 17 गांवों की जमीन अधिग्रहण करने दायरे में है। इन जमीनों के मालिक किसान तय कलेक्टर रेट से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इसे लेकर 17 गांवों के किसानों ने धरना शुरू किया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहीत होगी। इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने कहा अब अवार्ड घोषित करने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन को विफल करने के लिए पिछली तारीख में अवार्ड की घोषणा की है। रमेश दलाल का कहना है कि सरकार ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन नही किया है। यह सब अधिकारियों की साजिश का नतीजा है। शुक्रवार को धरने पर बैठे किसानों ने जमकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि अब तक 42 गांव आंदोलन का समर्थन कर चुके है। शुक्रवार को धरना स्थल पर राजबीर सिंह, सुरेश, सुरेंद्र सिंह, राजबीर, संत कुमार, रामफल, इंद्र सिंह, रामकुमार, रामरत्न सहित काफी तादाद में किसान उपस्थित थे।
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कांग्रेस इस लड़ाई में किसानों के साथ : श्रुति चौधरी
पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने भी शुक्रवार को किसानों के धरना का समर्थन किया। उनकी तरफ से अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त समन्वयक और बिहार व झारखंड के प्रभारी राजू मान ने वक्तव्य पढ़कर सुनाया। इसमें श्रुति चौधरी ने कहा कि इस क्षेत्र के कई गांवों की सैकड़ों एकड़ भूमि एनएच में शामिल है लेकिन सरकार जमीन के वाजिब दाम नहीं दे रही। यही वजह है कि किसान धरने पर बैठकर आंदोलन करने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उनका समर्थन पूरी तरह से किसानों के साथ है। राजू मान ने कहा कि सत्ताधारी अहंकार में डूबे हैं और यही वजह है कि इतना वक्त बीतने के बाद भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने किसानों की सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस इस आंदोलन में किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ेगी। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेंद्र परमार, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्या लेघा, पवन मंदोला, धर्मेंद्र बलकरा, राजेंद्र मकड़ानी, बनी सिंह, अनुज, मंजीत बेरला आदि मौजूद रहे।
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