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सीएम घोषणा के 14 माह बाद आधुनिक फायर स्टेशन बनाने के लिए 3.53 करोड़ का बजट स्वीकृत
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चरखी दादरी। प्रदेश के अन्य जिलों की भांति चरखी दादरी शहर में भी आधुनिक फायर स्टेशन (दमकल विभाग कार्यालय) बनवाया जाएगा। सीएम घोषणा के 14 माह बाद प्रदेश सरकार ने 3.53 करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया है। इस समय फायर स्टेशन नगर परिषद कार्यालय परिसर में 10 गुना 10 की दुकान में चल रहा है। बजट संबंधी प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही नगर परिषद ने टेंडर के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। चेयरमैन संजय छपारिया ने बताया कि अगले दस दिन के अंदर टेंडर लगा दिए जाएंगे। फायर स्टेशन वार्ड-19 में बनवाया जाएगा।
इस समय जिला के अनुसार दमकल विभाग के पास सुविधाएं नहीं है। आगजनी पर काबू पाने के लिए दो बाइकें, एक बड़ी व एक छोटी गाड़ी ही दमकल विभाग के पास है। इन दो गाड़ियों से जिला के 172 गांव इस समय कवर किया जा रहा है। हालात यह है कि दमकल कर्मचारियों के पास बैठने के लिए स्थायी कार्यालय तक की व्यवस्था नहीं है। इस समय नगर परिषद कार्यालय की एक दुकान में ही दमकल विभाग कार्यालय चल रहा है। अक्तूबर 2017 में सीएम मनोहर लाल जब दादरी आए थे तो नगर परिषद अधिकारियों ने उनके सामने आधुनिक फायर स्टेशन निर्माण की डिमांड रखी थी। इस पर सीएम ने फायर स्टेशन बनवाने की घोषणा करते हुए नगर परिषद को एस्टिमेट भेजने के आदेश दिए थे। नगर परिषद ने इसके निर्माण के लिए भिवानी-रावलधी लिंक रोड पर दो एकड़ जगह का चयन किया था। नगर परिषद ने करीब दो माह पहले तीन करोड़ 53 लाख रुपये का एस्टिमेट तैयार कर पंचकूला हेड ऑफिस भेजा था। गत 11 जनवरी को ही इसकी प्रशासनिक स्वीकृति का पत्र नप अधिकारियों के पास पहुंचा है। इसके बाद नप अधिकारी हरकत में आ गए हैं और टेंडर की औपचारिकता पूरी करने के लिए इंजीनियरिंग शाखा को निर्देश दे दिए गए हैं। चेयरमैन संजय छपारिया ने बताया कि फायर स्टेशन आधुनिक होगा और इसमें दमकल विभाग की गाड़ियां खड़ी करने के अलावा अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। वार्ड-19 के पार्षद विरेंद्र पप्पू ने बताया कि फायर स्टेशन के लिए उनके वार्ड में नप अधिकारी जमीन चिन्हित कर चुके हैं।
बाक्स: 55 कर्मचारियों की भेजी गई है हेड ऑफिस डिमांड
दमकल विभाग के पास फिलहाल जिला के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इस समय करीब 10 कर्मचारी ही यहां तैनात हैं जबकि कुछ दिन पहले ही 55 की डिमांड हेड ऑफिस भजी गई थी। फिलहाल जिले में इंचार्ज सहित दो फायर ऑफिसर, एक सेक्षन ऑफिसर, एक सब फायर ऑफिस, 35 फायर मैन, 15 चालक के पद खाली पड़े हैं। वहीं, नगर परिषद नए कार्यालय के समीप ही स्टाफ के क्वार्टर भी बनवाएगी।
इस समय जिला के अनुसार दमकल विभाग के पास सुविधाएं नहीं है। आगजनी पर काबू पाने के लिए दो बाइकें, एक बड़ी व एक छोटी गाड़ी ही दमकल विभाग के पास है। इन दो गाड़ियों से जिला के 172 गांव इस समय कवर किया जा रहा है। हालात यह है कि दमकल कर्मचारियों के पास बैठने के लिए स्थायी कार्यालय तक की व्यवस्था नहीं है। इस समय नगर परिषद कार्यालय की एक दुकान में ही दमकल विभाग कार्यालय चल रहा है। अक्तूबर 2017 में सीएम मनोहर लाल जब दादरी आए थे तो नगर परिषद अधिकारियों ने उनके सामने आधुनिक फायर स्टेशन निर्माण की डिमांड रखी थी। इस पर सीएम ने फायर स्टेशन बनवाने की घोषणा करते हुए नगर परिषद को एस्टिमेट भेजने के आदेश दिए थे। नगर परिषद ने इसके निर्माण के लिए भिवानी-रावलधी लिंक रोड पर दो एकड़ जगह का चयन किया था। नगर परिषद ने करीब दो माह पहले तीन करोड़ 53 लाख रुपये का एस्टिमेट तैयार कर पंचकूला हेड ऑफिस भेजा था। गत 11 जनवरी को ही इसकी प्रशासनिक स्वीकृति का पत्र नप अधिकारियों के पास पहुंचा है। इसके बाद नप अधिकारी हरकत में आ गए हैं और टेंडर की औपचारिकता पूरी करने के लिए इंजीनियरिंग शाखा को निर्देश दे दिए गए हैं। चेयरमैन संजय छपारिया ने बताया कि फायर स्टेशन आधुनिक होगा और इसमें दमकल विभाग की गाड़ियां खड़ी करने के अलावा अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। वार्ड-19 के पार्षद विरेंद्र पप्पू ने बताया कि फायर स्टेशन के लिए उनके वार्ड में नप अधिकारी जमीन चिन्हित कर चुके हैं।
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बाक्स: 55 कर्मचारियों की भेजी गई है हेड ऑफिस डिमांड
दमकल विभाग के पास फिलहाल जिला के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इस समय करीब 10 कर्मचारी ही यहां तैनात हैं जबकि कुछ दिन पहले ही 55 की डिमांड हेड ऑफिस भजी गई थी। फिलहाल जिले में इंचार्ज सहित दो फायर ऑफिसर, एक सेक्षन ऑफिसर, एक सब फायर ऑफिस, 35 फायर मैन, 15 चालक के पद खाली पड़े हैं। वहीं, नगर परिषद नए कार्यालय के समीप ही स्टाफ के क्वार्टर भी बनवाएगी।
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