{"_id":"5a25a2d64f1c1bc45b8ba263","slug":"151512415958-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हालत ज्यादा बिगड़ने पर संत गोपालदास पीजीआई रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हालत ज्यादा बिगड़ने पर संत गोपालदास पीजीआई रेफर
Updated Tue, 05 Dec 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
दुलीना जेल में शिफ्ट किए गए संत गोपालदास की हालत सोमवार को एकाएक ज्यादा बिगड़ गई। इसके चलते उन्हें करीब एक बजे सामान्य अस्पताल में लाया गया। जहां से चिकित्सकों ने उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया, जहां वे उपचाराधीन हैं। संत गोपालदास पहले दिन से ही जेल प्रशासन के लिए टेंशन का कारण बने हुए हैं।
गौरतलब है कि शनिवार के दिन संत गोपालदास को दुलीना जेल में लाया गया था। जहां पहुंचने से पूर्व ही संत ने अन्न व जल त्याग दिया था। ऐसे में जेल पहुंचने के बाद जेल प्रशासन की टेंशन बढ़ गई। दो दिन तक जेल में ही संत गोपालदास को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया। लेकिन सोमवार को दोपहर एक बजे जब उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उन्हें सामान्य अस्पताल में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। संत गोपालदास के मामले में जेल प्रशासन पूरी तरह से मौन बना हुआ है। जेल प्रशासन के द्वारा मामले में पूरी तरह से मीडिया से दूरी बनाई गई है।
विज्ञापन
झज्जर।
दुलीना जेल में शिफ्ट किए गए संत गोपालदास की हालत सोमवार को एकाएक ज्यादा बिगड़ गई। इसके चलते उन्हें करीब एक बजे सामान्य अस्पताल में लाया गया। जहां से चिकित्सकों ने उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया, जहां वे उपचाराधीन हैं। संत गोपालदास पहले दिन से ही जेल प्रशासन के लिए टेंशन का कारण बने हुए हैं।
गौरतलब है कि शनिवार के दिन संत गोपालदास को दुलीना जेल में लाया गया था। जहां पहुंचने से पूर्व ही संत ने अन्न व जल त्याग दिया था। ऐसे में जेल पहुंचने के बाद जेल प्रशासन की टेंशन बढ़ गई। दो दिन तक जेल में ही संत गोपालदास को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया। लेकिन सोमवार को दोपहर एक बजे जब उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उन्हें सामान्य अस्पताल में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। संत गोपालदास के मामले में जेल प्रशासन पूरी तरह से मौन बना हुआ है। जेल प्रशासन के द्वारा मामले में पूरी तरह से मीडिया से दूरी बनाई गई है।
विज्ञापन