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तीन दिन बंद रहेंगे वाहन रजिस्ट्रेशन, फिर मिलेगी स्मार्ट आरसी
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नए वाहन खरीदने वाले जिले वासियों के लिए यह राहत वाली खबर है। अब उन्हें वाहन खरीदने के बाद आरसी बनवाने के लिए तहसील कार्यालय पर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्योंकि अब आपके खरीदे गए वाहन की आरसी संबंधी कागजी प्रक्रिया पूरी करवाने की जिम्मेदारी उस वाहन विक्रेता एजेंसी की होगी जहां से आपने वाहन खरीदा हो। यहीं नहीं अब सामान्य आरसी की बजाय स्मार्ट आरसी मिलेगी। प्रशासन की नई प्लानिंग के तहत संभवत: पांच जुलाई के बाद दो से तीन दिन के अंदर ही स्मार्ट आरसी कार्ड वाहन मालिक के हाथ में होगा।
तहसील कार्यालय कर्मचारी अजीत सिंह ने बताया कि वाहन मालिक को स्मार्ट आरसी कार्ड बनवाने के लिए सामान्य से अब दो सौ रुपये अधिक देने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शुल्क में और कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अब तक तहसील कार्यालय में केवल सामान्य आरसी ही बनाई जा रही थी लेकिन अब जो स्मार्ट आरसी बनाई जाएगी वो न तो गलेगी और न ही फटेगी। उन्होंने बताया कि इस स्मार्ट आरसी कार्ड में एक चिप भी लगी है जिसमें वाहन चालक का सारा डाटा स्टोर रहेगा। वाहन रजिस्ट्रेशन की स्थानीय कार्यप्रणाली में जिला प्रशासन ने बड़ा फेरबदल किया है। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने इस संबंध में कार्यालय स्टाफ की बैठक भी ली। बैठक में उन्होंने तहसील कार्यालय स्टाफ को इस योजना के बारे में जानकारी दी।
निर्धारित चार्ज की रसीद भी देंगे एजेंसी मालिक
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि नए वाहन खरीदने पर अब मालिक एजेंसी में ही आरसी के लिए कागजात व निर्धारित फीस जमा करवा सकता है। एसडीएम ने बताया कि वाहन मालिक कैशलेस लेनदेन भी वहां कर सकते है। उन्होंने बताया कि वाहन एजेंसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का वाहन की कीमत के हिसाब से निर्धारित चार्ज लेकर बाकायदा वाहन मालिक को इसकी रसीद भी देगी। अथॉरिटी के कर्मचारी अजीत सिंह ने बताया कि तहसील कार्यालय में बाइक की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए 270 और गाड़ी के लिए 690 रुपये फीस ली जा रही है और यही फीस वाहन मालिक को एजेंसी में जमा करवानी पड़ेगी।
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ज्यादा फीस वसूलने व आरसी बनवाने में आनाकानी करने पर कार्रवाई
अगर वाहन मालिक एजेंसी में ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया करना चाहता है और संचालक या कर्मचारी मना करते हैं तो इस पर वाहन मालिक उनके पास आकर शिकायत कर सकता है। मालिक को थमाई गई शुल्क रसीद से अधिक चार्ज करने पर वाहन एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तीन दिन तहसील कार्यालय जाने से बचे, क्योंकि....
तहसील कार्यालय में तीन से पांच जुलाई तक नए वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद रहेगी। इस दौरान वाहन रजिस्ट्रेशन की नई फाइल जमा नहीं की जाएगी जबकि पहले से जमा फाइलों की आरसी वाहन मालिक यहां आकर ले सकते हें। इस दौरान बीएस मानक-चार वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा। इस तीन दिन के इंतजार के बाद वाहन चालकों को सामान्य आरसी की बजाय स्मार्ट आरसी कार्ड मिलेगा।
किस कीमत के वाहन पर कितने प्रतिशत लगेगा चार्ज
. 75 हजार रुपये तक के दोपहिया वाहन पर रजिस्ट्रेशन शुल्क कीमत का चार प्रतिशत रहेगा।
. 75 हजार से दो लाख रुपये तक के दोपहिया वाहन पर कीमत का छह प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. दो लाख से अधिक कीमत के दोपहिया वाहनों पर कीमत का आठ प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. दुपहिया वाहन के अलावा छह लाख रुपये तक कीमत वाले वाहनों पर कीमत का पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. छह लाख से बीस लाख रुपये तक के वाहनों पर कीमत का आठ प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. 20 लाख रुपये से अधिक की कीमत वाले वाहनों पर कीमत का दस प्रतिशत शुल्क लगेगा।
लोग बोले - शुक्र है! बेवजह की भागदौड़ से मिलेगी निजात
तहसील कार्यालय में आरसी बनवाना टेढ़ी खीर है। कभी सर्वर डाउन मिलता है तो कभी कर्मचारी नहीं बैठा मिलता। कई दफा चक्कर काटने के बाद कही जाकर काम बनता है। वाहन पंजीकरण अथॉरिटी ने अब अच्छा कदम उठाया है।
सचिन, गांधी नगर निवासी
--स्मार्ट आरसी कार्ड शुरू करना अच्छा कदम है। अब वाहन एजेंसियों द्वारा ही वाहनों की आरसी बनवाने की योजना से वाहन मालिकों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएगी। स्मार्ट आरसी कार्ड को अब वाहन मालिक पर्स में रख सकेंगे।
दिनेश जांगड़ा, काठ मंडी निवासी
--तीन दिन के अंदर आरसी मिलने से वाहन मालिकों को आसानी होगी। अब तक एक सप्ताह का नाम लेकर अमूमन 20 से 25 दिन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करने में कर्मचारी लगा देते हैं। इस दरमियान वाहन मालिकों को तीन से चार चक्का काटने पड़ते हैं।
विक्रम, वार्ड नंबर 16 निवासी
--वाहन खरीदते ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया एजेंसी द्वारा करवाने से वाहन मालिकों को फायदा होगा। सब काम एक जगह ही हो जाने से वाहन एजेंसी के बाद तहसील कार्यालयों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। वाहन मालिकों के साथ शुल्क राशि में गड़बड़ी न हो इसका ध्यान भी प्रशासन को रखना होगा।
गुलशन, वार्ड नंबर 14 निवारसी
वर्जन:
मैंने इस संबंध में तहसील कर्मचारियों की बैठक लेने उन्हें निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश वाहन एजेंसी संचालकों को भी स्थानीय अथॉरिटी जारी कर चुकी है। तीन से पांच जुलाई तक वाहन रजिस्ट्रेशन बंद रहेगा और नई आरसी की फाइल नहीं ली जाएगी। अगर वाहन एजेंसी आरसी बनवाने में आनाकानी करती है तो इसकी सूचना तुरंत दें। उक्त एजेंसी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
फोटो 01
वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लघु सचिवालय में स्थित विंडो।
फोटो 02
इस तरह की मिलेगी अब वाहन मालिकों को आरसी।
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अब ये मिल रही है आरसी।
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सचिन।
फोटो 05
दिनेश जांगड़ा।
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विक्रम।
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गुलशन।
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एसडीएम ओमप्रकाश देवराला।
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चरखी दादरी।
नए वाहन खरीदने वाले जिले वासियों के लिए यह राहत वाली खबर है। अब उन्हें वाहन खरीदने के बाद आरसी बनवाने के लिए तहसील कार्यालय पर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्योंकि अब आपके खरीदे गए वाहन की आरसी संबंधी कागजी प्रक्रिया पूरी करवाने की जिम्मेदारी उस वाहन विक्रेता एजेंसी की होगी जहां से आपने वाहन खरीदा हो। यहीं नहीं अब सामान्य आरसी की बजाय स्मार्ट आरसी मिलेगी। प्रशासन की नई प्लानिंग के तहत संभवत: पांच जुलाई के बाद दो से तीन दिन के अंदर ही स्मार्ट आरसी कार्ड वाहन मालिक के हाथ में होगा।
तहसील कार्यालय कर्मचारी अजीत सिंह ने बताया कि वाहन मालिक को स्मार्ट आरसी कार्ड बनवाने के लिए सामान्य से अब दो सौ रुपये अधिक देने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शुल्क में और कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अब तक तहसील कार्यालय में केवल सामान्य आरसी ही बनाई जा रही थी लेकिन अब जो स्मार्ट आरसी बनाई जाएगी वो न तो गलेगी और न ही फटेगी। उन्होंने बताया कि इस स्मार्ट आरसी कार्ड में एक चिप भी लगी है जिसमें वाहन चालक का सारा डाटा स्टोर रहेगा। वाहन रजिस्ट्रेशन की स्थानीय कार्यप्रणाली में जिला प्रशासन ने बड़ा फेरबदल किया है। एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने इस संबंध में कार्यालय स्टाफ की बैठक भी ली। बैठक में उन्होंने तहसील कार्यालय स्टाफ को इस योजना के बारे में जानकारी दी।
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एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि नए वाहन खरीदने पर अब मालिक एजेंसी में ही आरसी के लिए कागजात व निर्धारित फीस जमा करवा सकता है। एसडीएम ने बताया कि वाहन मालिक कैशलेस लेनदेन भी वहां कर सकते है। उन्होंने बताया कि वाहन एजेंसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का वाहन की कीमत के हिसाब से निर्धारित चार्ज लेकर बाकायदा वाहन मालिक को इसकी रसीद भी देगी। अथॉरिटी के कर्मचारी अजीत सिंह ने बताया कि तहसील कार्यालय में बाइक की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए 270 और गाड़ी के लिए 690 रुपये फीस ली जा रही है और यही फीस वाहन मालिक को एजेंसी में जमा करवानी पड़ेगी।
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ज्यादा फीस वसूलने व आरसी बनवाने में आनाकानी करने पर कार्रवाई
अगर वाहन मालिक एजेंसी में ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया करना चाहता है और संचालक या कर्मचारी मना करते हैं तो इस पर वाहन मालिक उनके पास आकर शिकायत कर सकता है। मालिक को थमाई गई शुल्क रसीद से अधिक चार्ज करने पर वाहन एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तीन दिन तहसील कार्यालय जाने से बचे, क्योंकि....
तहसील कार्यालय में तीन से पांच जुलाई तक नए वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद रहेगी। इस दौरान वाहन रजिस्ट्रेशन की नई फाइल जमा नहीं की जाएगी जबकि पहले से जमा फाइलों की आरसी वाहन मालिक यहां आकर ले सकते हें। इस दौरान बीएस मानक-चार वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा। इस तीन दिन के इंतजार के बाद वाहन चालकों को सामान्य आरसी की बजाय स्मार्ट आरसी कार्ड मिलेगा।
किस कीमत के वाहन पर कितने प्रतिशत लगेगा चार्ज
. 75 हजार रुपये तक के दोपहिया वाहन पर रजिस्ट्रेशन शुल्क कीमत का चार प्रतिशत रहेगा।
. 75 हजार से दो लाख रुपये तक के दोपहिया वाहन पर कीमत का छह प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. दो लाख से अधिक कीमत के दोपहिया वाहनों पर कीमत का आठ प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. दुपहिया वाहन के अलावा छह लाख रुपये तक कीमत वाले वाहनों पर कीमत का पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. छह लाख से बीस लाख रुपये तक के वाहनों पर कीमत का आठ प्रतिशत शुल्क लगेगा।
. 20 लाख रुपये से अधिक की कीमत वाले वाहनों पर कीमत का दस प्रतिशत शुल्क लगेगा।
लोग बोले - शुक्र है! बेवजह की भागदौड़ से मिलेगी निजात
तहसील कार्यालय में आरसी बनवाना टेढ़ी खीर है। कभी सर्वर डाउन मिलता है तो कभी कर्मचारी नहीं बैठा मिलता। कई दफा चक्कर काटने के बाद कही जाकर काम बनता है। वाहन पंजीकरण अथॉरिटी ने अब अच्छा कदम उठाया है।
सचिन, गांधी नगर निवासी
--स्मार्ट आरसी कार्ड शुरू करना अच्छा कदम है। अब वाहन एजेंसियों द्वारा ही वाहनों की आरसी बनवाने की योजना से वाहन मालिकों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएगी। स्मार्ट आरसी कार्ड को अब वाहन मालिक पर्स में रख सकेंगे।
दिनेश जांगड़ा, काठ मंडी निवासी
--तीन दिन के अंदर आरसी मिलने से वाहन मालिकों को आसानी होगी। अब तक एक सप्ताह का नाम लेकर अमूमन 20 से 25 दिन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करने में कर्मचारी लगा देते हैं। इस दरमियान वाहन मालिकों को तीन से चार चक्का काटने पड़ते हैं।
विक्रम, वार्ड नंबर 16 निवासी
--वाहन खरीदते ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया एजेंसी द्वारा करवाने से वाहन मालिकों को फायदा होगा। सब काम एक जगह ही हो जाने से वाहन एजेंसी के बाद तहसील कार्यालयों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। वाहन मालिकों के साथ शुल्क राशि में गड़बड़ी न हो इसका ध्यान भी प्रशासन को रखना होगा।
गुलशन, वार्ड नंबर 14 निवारसी
वर्जन:
मैंने इस संबंध में तहसील कर्मचारियों की बैठक लेने उन्हें निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश वाहन एजेंसी संचालकों को भी स्थानीय अथॉरिटी जारी कर चुकी है। तीन से पांच जुलाई तक वाहन रजिस्ट्रेशन बंद रहेगा और नई आरसी की फाइल नहीं ली जाएगी। अगर वाहन एजेंसी आरसी बनवाने में आनाकानी करती है तो इसकी सूचना तुरंत दें। उक्त एजेंसी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम
फोटो 01
वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लघु सचिवालय में स्थित विंडो।
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इस तरह की मिलेगी अब वाहन मालिकों को आरसी।
फोटो 03
अब ये मिल रही है आरसी।
फोटो 04
सचिन।
फोटो 05
दिनेश जांगड़ा।
फोटो 06
विक्रम।
फोटो 07
गुलशन।
फोटो 08
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला।