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सिर से उठा पिता का साया तो मां ही बन गई पिता

Sun, 18 Jun 2017 01:16 AM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:16 AM IST
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सिर से उठा पिता का साया तो मां ही बन गई पिता
विक्रम बनेटा
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झज्जर।
हमारे समाज में ऐसे अनेक उदाहरण है, जिनमें पिता का साया उठने पर मां ने ही पिता बनकर बच्चों का पालन-पोषण किया है। ऐसा ही एक उदाहरण बिरधाना गांव निवासी मीना देवी का है। जिसने अपने पति की मौत के बाद तंगहाली में रहकर भी तीन बेटियों और एक बेटे की पढ़ाई जारी रखी। जिसका परिणाम ये रहा कि उसकी बेटी पूजा ने हाल ही में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के द्वारा जारी किए गए 12वीं कक्षा के रिजल्ट में 489 अंक लेकर प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं, 10वीं कक्षा में भी पूजा ने 94 फीसदी अंक लेकर अपनी मां की मेहनत को सार्थक किया था।
मीना के पति राजेंद्र की मौत एक सड़क हादसे में वर्ष 2012 में हो गई थी। हादसे में परिवार का मुखिया तो चला ही गया था, लेकिन सड़क हादसे की वजह से गंभीर रूप से घायल उसके पति के उपचार पर करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए थे। घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य के चले जाने पर मीना देवी का संघर्ष शुरू हुआ।
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सिलाई से चला रही खर्च
पति की मौत के बाद मीना देवी ने घर का खर्च चलाने के लिए कपड़े की सिलाई का कार्य शुरू कर दिया। सिलाई के सहारे ही मीना पांच साल से अपने बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा दिला रही है। मीना का बड़ी बेटी सरिता बीए फाइनल ईयर में है तो पूजा ने इस बार 12वीं में प्रदेशभर में दूसरे स्थान पर आकर मां के प्रयास को सफल किया है। वहीं, छोटी बेटी काजल इस समय दसवीं कक्षा की छात्रा है और सबसे छोटा बेटा विकास 8वीं कक्षा का छात्र है। आर्थिक तंगी के बावजूद मीना सिलाई से पैसे जुटाकर सभी बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ा रही है।
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कपड़ा भी उठा ले गए थे लोग
मीना ने बताया कि उसके पति की मौत टैंपो पलटने के कारण हुई थी। उसका पति रेवाड़ी से कपड़े के थान लेकर घर आ रहा था तो रास्ते में टैंपो पलट गया। टैंपो के नीचे आने के कारण उसके पति राजेंद्र की मौत हो गई। इसी दौरान लोग टैंपों में रखेे कपड़े के थान भी उठाकर ले गए थे। कानूनी समझ नहीं होने के कारण उसने सड़क हादसे में पति को खोकर किसी भी प्रकार के क्लेम का दावा भी नहीं किया था। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पति के इलाज पर भी करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए थे।

- कपड़े सिलाई कर दिला रही है बेटियों को अच्छे स्कूल में शिक्षा।
- 12वीं कक्षा में बेटी पूजा ने किया शिक्षा बोर्ड को टॉप
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