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कानोन्दा में बारिश में मकान गिरा, संदिग्ध परिस्थितियों में व्यक्ति झुलसा
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
क्षेत्र में वीरवार को हुई तेज बारिश के दौरान गांव कानोन्दा स्थित एक मकान गिर गया। गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई नहीं आया। लेकिन मकान में संदिग्ध हालातों में एक व्यक्ति आग में झुलस गया। सूचना मिलने पर पड़ोस के लोगों ने मौके पर पहुंच घायल को नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया।
जानकारी के अनुसार गांव कानोन्दा में बारिश से मनफूल का मकान गिर गया। जिस समय मकान गिरा, उस समय घर में केवल मनफूल ही था। मगर 45 वर्षीय मनफूल मकान की चपेट में नहीं आया। बल्कि आग में झुलस गया। बताया गया है कि मनफूल उस समय घर में ही गैस चूल्हे पर चाय बना रहा था। जब मकान की दीवार गिरी तो घर के अन्य सदस्य पड़ोस में ही गए थे। दीवार गिरने की आवाज सुनकर पड़ोस के अन्य कई लोग भी दौड़कर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने घर के अंदर जाकर देखा तो रसोई में चाय बना रहा मनफूल झुलसा मिला। आनन-फानन में परिजनों ने गैस सिलेंडर पर लगे रेगुलेटर को बंद किया और तुरंत मनफूल को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। मनफूल आग की चपेट में किन परिस्थितियों में आया यह अभी पूरी तरह से रहस्य बना हुआ है। आग की चपेट में आने से मनफूल का मुंह और हाथ झुलसे हुए हैं।
मनफूल के पुत्र सन्नी ने बताया कि पिछले वर्ष ही उन्होंने यह मकान बनाया था। ऐसे में यह किस तरह गिर गया। यह उनकी समझ से परे है। उन्होंने बताया कि मकान गिरने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पिछले वर्ष भी जब उन्होंने मकान बनाया था तो सरकार ने आर्थिक मदद की थी।
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बहादुरगढ़।
क्षेत्र में वीरवार को हुई तेज बारिश के दौरान गांव कानोन्दा स्थित एक मकान गिर गया। गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई नहीं आया। लेकिन मकान में संदिग्ध हालातों में एक व्यक्ति आग में झुलस गया। सूचना मिलने पर पड़ोस के लोगों ने मौके पर पहुंच घायल को नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया।
जानकारी के अनुसार गांव कानोन्दा में बारिश से मनफूल का मकान गिर गया। जिस समय मकान गिरा, उस समय घर में केवल मनफूल ही था। मगर 45 वर्षीय मनफूल मकान की चपेट में नहीं आया। बल्कि आग में झुलस गया। बताया गया है कि मनफूल उस समय घर में ही गैस चूल्हे पर चाय बना रहा था। जब मकान की दीवार गिरी तो घर के अन्य सदस्य पड़ोस में ही गए थे। दीवार गिरने की आवाज सुनकर पड़ोस के अन्य कई लोग भी दौड़कर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने घर के अंदर जाकर देखा तो रसोई में चाय बना रहा मनफूल झुलसा मिला। आनन-फानन में परिजनों ने गैस सिलेंडर पर लगे रेगुलेटर को बंद किया और तुरंत मनफूल को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। मनफूल आग की चपेट में किन परिस्थितियों में आया यह अभी पूरी तरह से रहस्य बना हुआ है। आग की चपेट में आने से मनफूल का मुंह और हाथ झुलसे हुए हैं।
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मनफूल के पुत्र सन्नी ने बताया कि पिछले वर्ष ही उन्होंने यह मकान बनाया था। ऐसे में यह किस तरह गिर गया। यह उनकी समझ से परे है। उन्होंने बताया कि मकान गिरने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पिछले वर्ष भी जब उन्होंने मकान बनाया था तो सरकार ने आर्थिक मदद की थी।
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