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बिजली मीटर से अब ली जाएगी ई-रीडिंग, बार कोड रोकेगा टेंपरिंग

Sun, 13 Aug 2017 12:48 AM IST
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:48 AM IST
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बिजली मीटर से अब ली जाएगी ई-रीडिंग, बार कोड रोकेगा टेंपरिंग
अब ली जाएगी ई -रीडिंग, बार कोड रोकेगा टैंपरिंग
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बिजली उपभोक्ताओं के प्रतिष्ठानों पर आने वाले मासिक बिजली बिल में अब गड़बड़ी की आशंका बेहद कम रहेगी। 15 अगस्त के बाद बिजली निगम के कर्मचारी बिजली मीटरों से ई-रीडिंग लेंगे। निगम ने इसके लिए सीआईपीएल नामक कंपनी को हायर किया है। इस कंपनी के कर्मचारी हैंड होल्ड इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस के जरिए मीटर की रीडिंग की फोटो मौके से ही अपलोड कर देंगे जबकि इससे पहले सारी प्रक्रिया मैन्युअली होती थी। इस प्लानिंग को सिरे चढ़ाने के लिए निगम ने निजी कंपनी को ही ठेका दिया है, जिसके तहत जिले के सभी मीटरों को ऑल लाइन रीडिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए सर्वे का काम चल रहा है। अब तक जिले में 70 फीसदी सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और दस सितंबर तक इस सर्वे को पूरा करने की डेड लाइन निगम अधिकारियों ने कंपनी को दी है। हालांकि जितने उपभोक्ताओं के मीटर इस प्रक्रिया में अपडेट हो चुके हैं उनके घर इस बार मीटर रीडिंग इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस से ली जाएगी। वहीं, जल्द ही निगम अब सभी मीटरों पर बार कोड लगाने की तैयारी में है। इससे एक तरफ जहां मीटर से छेड़छाड़ होने पर निगम को जानकारी मिलेगी तो वहीं एक क्लिक पर ही उपभोक्ताओं का डाटा भी निगम अधिकारियों को मिल जाएगा।

इस तरह लगाते हैं गुहार
साहब मेरे दो पंखे ही चलते हैं और बिल पांच हजार आया है, मेरा 50 गज का मकान है और बिल डेढ़ लाख का भेज दिया, पिछले तीन महिने से कोई रीडिंग लेने नहीं आया और एक साथ दस हजार का बिल भरने में मैं अब असमर्थ हूं...... बिल संबंधी त्रुटियों को लेकर अक्सर उपभोक्ता निगम अधिकारियों से इस तरह गुहार लगाते नजर आते हैं। कुछ उपभोक्ताओं की बात बन जाती है तो कुछ को बिल में भेजी गई राशि अदा ही करनी पड़ती है। ई-रीडिंग प्रक्रिया शुरू होने से अब ऐसा नहीं होगा। उपभोक्ता का मीटर हर माह जीतनी रीडिंग दर्शाए उसी के अनुसार मासिक बिजली बिल तैयार होगा। निगम अब मीटर रीडिंग लेने के लिए मैन्युअली प्रक्रिया बंद करने जा रहा है। अब एक इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस से मीटर रीडिंग ली जाएंगी और मौके से ही इसे सिस्टम पर अपडेट किया जाएगा। धरातल पर इस प्लानिंग को सिरे चढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है और आगामी एक माह में जिले के सभी उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। वहीं, मैन्युअली प्रक्रिया की खामियां उपभोक्ताओं के गले की फांस बनी हुई है। निगम कर्मचारी कई बार तो कार्यालय में बैठे-बिठाए ही उपभोक्ता का बिजली बिल तैयार कर देते हैं। बिल ज्यादा आने पर जब उपभोक्ता निगम कार्यालय पहुंचकर रीडिंग व बिल का ब्यौरा चेक कराता है स्थिति वास्तविकता से उल्ट नजर आती है। कई बार तो मीटर में दर्शा गई रीडिंग से करीब 200 ज्यादा रीडिंग तक का बिल तैयार करने के मामले अधिकारियों के सामने आ चुके हैं। इसके अलावा भी कर्मचारियों की मैन्युअली रीडिंग लेने में कई खामियां अधिकारियों के सामने आई। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने कभी जिले में ई-रीडिंग शुरू कराने की मांग की। इसके बाद मीटर रीडिंग लेने का कार्य सीआईपीएल कंपनी को दिया गया जबकि इससे पहले जिले में यह कार्य पूर्व सैनिक कर रहे थे।
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कर्मचारियों पर कसा जाएगा शिकंजा, उपभोक्ताओं को राहत
ई-मीटर रीडिंग प्रक्रिया अगस्त माह से ही शुरू होगी। निगम अधिकारियों का तर्क है कि 15 अगस्त के बाद कर्मचारी रीडिंग लेने जाएंगे और इस बार रीडिंग मैन्युअली की बजाय इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस से ली जाएगी। खुद निगम अधिकारी मान रहे हैं कि रीडिंग लेने में कर्मचारी गफलत बाजी करते हैं लेकिन ई-रीडिंग के जरिए उनकी फरलोबाजी पर लगाम लगेगी और इसका फायदा उपभोक्ताओं को होगा। निगम अधिकारियों का कहना है इस प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका न के बराबर रहेगी और उपभोक्ताओं को बिल की त्रुटियां सही कराने के लिए निगम कार्यालय नहीं आना पड़ेगा।
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29 दिन में आठ हजार मीटर अपडेट करने का लक्ष्य
एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि जिले के सभी मीटरों को 10 सितंबर से पहले ई-रीडिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय जिले में कई हजार उपभोक्ता हैं। ग्रामीण क्षेत्र में साढ़े सात हजार और शहरी क्षेत्र में 15 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। एसडीओ ने बताया कि इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। अब तक करीब साढ़े 14 हजार बिजली मीटरों को सिस्टम से अपडेट किया जा चुका है।

मैन्युअली प्रक्रिया और ई-रीडिंग प्रक्रिया में है अंतर
निगम के एसडीओ विक्रम सिंह परमार ने बताया कि मैन्युअली प्रक्रिया में कर्मचारी रजिस्टर में रीडिंग नोट करके लाते थे और इसके बाद यह रीडिंग सिस्टम में पंच की जाती थी। इसके अनुरूप उपभोक्ता का बिजली बिल तैयार होता था। इस प्रक्रिया में समय ज्यादा लगता था तो वहीं, उपभोक्ताओं की भी शिकायतें रहती थीं। उन्होंने बताया कि इस समय बिजली बिल से जुड़ी 60 से 70 शिकायतें प्रतिदिन उनके पास पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि ई-रीडिंग प्रक्रिया में कर्मचारी मौके से ही मीटर की फोटो लेकर सिस्टम पर अपडेट कर देगा। जब तक कर्मचारी कार्यालय पहुंचेगा तब तक उपभोक्ता का बिल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एसडीओ ने बताया कि इससे उपभोक्ताओं को नियमित व दुरुस्त बिजली बिल मिलेगा।

लाखों के बिलों की भी नहीं होती जांच
निगम सूत्रों ने बताया कि कोई बिल अगर 50 हजार से ऊपर का तैयार होता है तो उसकी दो से तीन दफा जांच की जाती है ताकि कोई खामी न रह जाए। फिलहाल निगम कर्मचारी इस प्रक्रिया से पूरी तरह किनारा किए हैं। निगम कर्मचारी 50 हजार या इससे अधिक के बिल की जांच तक नहीं करते और सीधा इसे उपभोक्ता के पास भेज देते हैं। न तो इस बिल का लोड चेक किया जाता है और न ही पिछले रिकॉर्ड से वर्तमान बिल का मिलान किया जाता है।


वर्जन:
15 अगस्त के तुरंत बाद रीडिंग लेने के लिए कर्मचारियों को भेजा जाएगा। इस बार हैंड होल्डिंग इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस से मीटर की रीडिंग ली जाएगी। कंपनी ने 70 प्रतिशत सर्वे का काम पूरा कर लिया है और दस सितंबर तक पूरे जिले के मीटरों को सिस्टम में अपडेट कर दिया जाएगा। इससे बिजली बिल में त्रुटि की संभावना न के बराबर रहेगी। जल्द ही हम मीटरों पर बार कोड भी लगाएंगे। - भागीरथ लोढा, एक्सईएन बिजली निगम
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