Monsoon Rain: झज्जर में 135 MM बारिश, गर्मी से मिली राहत, जलभराव से आफत
झज्जर में दिन भर बारिश चली, 135 एमएम बारिश दर्ज की गई, अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। लगातार बारिश हुई तो पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका है।
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हरियाणा के झज्जर जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। वीरवार को हुई पहली मानसूनी बारिश ने लोगों को गर्मी से तो राहत दी, लेकिन जलभराव ने लोगों के आफत खड़ी कर दी। झज्जर और बहादुरगढ़ शहर में सड़के, गली मोहल्ले सब जलमग्न हो गए। कई जगह तीन से चार फीट तक पानी भरा था। नगर परिषद के नाला सफाई के दावे पहली ही बारिश में धराशाई हो गए थे।
खेत भी पानी से लबालब हो गए। शाम तक 135 एमएम बारिश हो चुकी थी। मौसम विभाग ने अगले दिन दिन तक बारिश का अनुमान जताया है। कृषि विशेषज्ञों तीन दिन तक बारिश की यही स्थिति रही रहने पर फसलों को नुकसान का अंदेशा जताया है।
सड़कों पर नहर जैसा बना नजारा
बारिश के बाद झज्जर और बहादुरगढ़ में सुबह शुरू हुई बारिश रात तक रुक रुक कर जारी थी। सड़कों पर नहर की तरह पानी बह रहा था। चार फुट तक पानी भरा था। लगातार बारिश से जलनिकासी नहीं हो रही थी। नाले ओवरफ्लो होने से नालों की सफाई के दौरान निकाला गया कीचड़ बारिश के पानी के साथ सड़कों पर फैल गया। जिले में पहली बारिश ने नालों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जलभराव के हालत देखने निकले डीसी और एसपी
झज्जर। बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भरे पानी की हालत देखने खुद डीसी शक्ति सिंह और एसपी वसीम अकरम भी दौरे पर निकले। उन्होंने शहर में कई स्थानों पर जाकर निरीक्षण किया। खेतों के आसपास भी उन्होंने हुए जलभराव की स्थिति का आंकलन किया। डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को युद्ध स्तर पर जलनिकासी के लिए काम करने को कहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों को भी जलभराव से किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करने को कहा है ताकि बारिश के लगातार जारी रहने पर किसान बचाव कार्य कर सकें।
कहां कितनी हुई बारिश
स्थान बारिश
- झज्जर 135 एमएम
- साल्हावास 61.5 एमएम
- बेरी 91 एमएम
- मातनहेल 89 एमएम
- बहादुरगढ़ 91 एमएम
- बादली 89.5 एमएम
अगर बारिश लंबी चली तो कपास व बाजरे की फसल को नुकसान हो सकता है। अगर मौसम जल्द खुल गया तो फसलें एक बारिश झेल सकती हैं। -डॉ जगजीत सांगवान, एसडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
एक बार बारिश तेज आती है तो जलभराव होता है, लेकिन बारिश रुकते ही पानी की निकासी शुरू हो जाती है। कुछ घंटों में ही शहर के पानी की निकासी हो जाती है। -अरुण नांदल, ईओ, नगर परिषद, झज्जर।