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रोड सेफ्टी बिल का रोडवेज कर्मियों ने किया विरोध
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर झज्जर में सरकार द्वारा शुरू किए रोड सेफ्टी बिल को लेकर विरोध जताया। सेफ्टी बिल 2014-15 को लेकर कर्मचारियों द्वारा नाराजगी जताई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्मचारी महासंघ के कर्मबीर चाहार व एसकेएस के प्रधान विजय माजरा ने की।
चाहार और माजरा ने कहा कि इस बिल में जो नियम बनाए गए हैं, वे एक तरह से चालक विरोधी हैं। अगर बिल को प्रारूप मानकर इसे लागू किया जाता है तो कोई भी चालक नौकरी करने की स्थिति में ही नहीं होगा। कारण ये है कि नए बिल में चालक पर पांच लाख रुपये तक जुर्माना और 6 से 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। जोकि न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर पहले भी रोडवेज कर्मचारी यूनियन व अन्य संगठन अपना विरोध सरकार के सामने जता चुके हैं। लेकिन इनके बावजूद भी सरकार इस नए बिल को लागू करने पर आमदा है। उन्होंने कहा कि इस नए बिल में वाहन दुर्घटना के बाद चालक का लाइसेंस रद्द करना और सजा का प्रावधान दिया गया है। इस नए बिल का पुरजोर विरोध संगठन की तरफ से जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि सरकार इस नए बिल को इसी प्रारूप के तहत लागू करती है तो फिर एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
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झज्जर।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर झज्जर में सरकार द्वारा शुरू किए रोड सेफ्टी बिल को लेकर विरोध जताया। सेफ्टी बिल 2014-15 को लेकर कर्मचारियों द्वारा नाराजगी जताई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्मचारी महासंघ के कर्मबीर चाहार व एसकेएस के प्रधान विजय माजरा ने की।
चाहार और माजरा ने कहा कि इस बिल में जो नियम बनाए गए हैं, वे एक तरह से चालक विरोधी हैं। अगर बिल को प्रारूप मानकर इसे लागू किया जाता है तो कोई भी चालक नौकरी करने की स्थिति में ही नहीं होगा। कारण ये है कि नए बिल में चालक पर पांच लाख रुपये तक जुर्माना और 6 से 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। जोकि न्यायसंगत नहीं है।
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उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर पहले भी रोडवेज कर्मचारी यूनियन व अन्य संगठन अपना विरोध सरकार के सामने जता चुके हैं। लेकिन इनके बावजूद भी सरकार इस नए बिल को लागू करने पर आमदा है। उन्होंने कहा कि इस नए बिल में वाहन दुर्घटना के बाद चालक का लाइसेंस रद्द करना और सजा का प्रावधान दिया गया है। इस नए बिल का पुरजोर विरोध संगठन की तरफ से जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि सरकार इस नए बिल को इसी प्रारूप के तहत लागू करती है तो फिर एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
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