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बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं शहर में एक्स-रे सेंटर
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर में एक्स-रे सेंटरों की भरमार हो गई है। खास बात यह है कि इनमें किसी के पास भी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि इनके खिलाफ कभी-कभार ही संबंधित विभाग के अधिकारी एक्शन लेने के लिए पहुंचते हैं। सोमवार को चार निजी और एक सामान्य अस्पताल की मशीन सील करने की कार्रवाई के बाद से डायग्नोस्टिक संचालकों में हड़कंप जरूर मचा हुआ है। लेकिन फिर भी ये सेंटर संचालक धड़ल्ले से काम जारी रखे हुए हैं।
कार्रवाई से नहीं चेते सेंटर संचालक
सोमवार को परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद मुंबई की टीम की ओर से शहर के एक्स-रे सेंटर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिसमें सरकारी अस्पताल समेत पांच सेंटरों की एक्स-रे मशीन के अलावा सीटी स्कैन की मशीन को सील किया था। इनमें बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, ब्रह्मप्रकाश डायग्नोस्टिक सेंटर, पब्लिक डायग्नोस्टिक सेंटर के अलावा एक अन्य शामिल रहा। लेकिन जब मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने उक्त सेंटरों का दौरा किया तो पड़ताल में पाया कि पब्लिक डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक ने एईआरबी की टीम की ओर से चस्पा किए नोटिस को हटा दिया है।
नियमों की धज्जियां उड़ा रहे डायग्नोस्टिक सेंटर
शहर में 24 डायगनोस्टिक सेंटर इन दिनों सुचारु ढंग से चल रहे हैं। देखा जाए तो ये डायगनोस्टिक सेंटर नियमों की पूरी तरह से पालना नहीं करते हैं। यह बात सोमवार को एईआरबी की टीम द्वारा की गई छापेमारी के बाद उभरकर सामने आई है। टीम ने चार प्राइवेट डायगनोस्टिक सेंटरों पर छापेमारी की। इनमें से किसी के पास भी रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और न ही ये नियमों की पालना करते दिखे। इस लिहाज से उन मशीनों को सील कर दिया गया था।
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क्या कहते हैं एईआरबी के अधिकारी
परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (एईआरबी) के अधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि यदि डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक की ओर से नोटिस को हटाया गया है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। टीम दोबारा बहादुरगढ़ में पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
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बहादुरगढ़।
शहर में एक्स-रे सेंटरों की भरमार हो गई है। खास बात यह है कि इनमें किसी के पास भी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि इनके खिलाफ कभी-कभार ही संबंधित विभाग के अधिकारी एक्शन लेने के लिए पहुंचते हैं। सोमवार को चार निजी और एक सामान्य अस्पताल की मशीन सील करने की कार्रवाई के बाद से डायग्नोस्टिक संचालकों में हड़कंप जरूर मचा हुआ है। लेकिन फिर भी ये सेंटर संचालक धड़ल्ले से काम जारी रखे हुए हैं।
कार्रवाई से नहीं चेते सेंटर संचालक
सोमवार को परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद मुंबई की टीम की ओर से शहर के एक्स-रे सेंटर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिसमें सरकारी अस्पताल समेत पांच सेंटरों की एक्स-रे मशीन के अलावा सीटी स्कैन की मशीन को सील किया था। इनमें बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर, ब्रह्मप्रकाश डायग्नोस्टिक सेंटर, पब्लिक डायग्नोस्टिक सेंटर के अलावा एक अन्य शामिल रहा। लेकिन जब मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने उक्त सेंटरों का दौरा किया तो पड़ताल में पाया कि पब्लिक डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक ने एईआरबी की टीम की ओर से चस्पा किए नोटिस को हटा दिया है।
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नियमों की धज्जियां उड़ा रहे डायग्नोस्टिक सेंटर
शहर में 24 डायगनोस्टिक सेंटर इन दिनों सुचारु ढंग से चल रहे हैं। देखा जाए तो ये डायगनोस्टिक सेंटर नियमों की पूरी तरह से पालना नहीं करते हैं। यह बात सोमवार को एईआरबी की टीम द्वारा की गई छापेमारी के बाद उभरकर सामने आई है। टीम ने चार प्राइवेट डायगनोस्टिक सेंटरों पर छापेमारी की। इनमें से किसी के पास भी रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और न ही ये नियमों की पालना करते दिखे। इस लिहाज से उन मशीनों को सील कर दिया गया था।
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क्या कहते हैं एईआरबी के अधिकारी
परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (एईआरबी) के अधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि यदि डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक की ओर से नोटिस को हटाया गया है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। टीम दोबारा बहादुरगढ़ में पहुंचकर कार्रवाई करेगी।