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स्कूली बच्चों को जापानी संस्कृति के बारे में अवगत कराया
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:24 AM IST
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बच्चों को जापानी संस्कृति से अवगत कराया
चरखी दादरी।
गांव सरूपगढ़- सांतौर स्थित सनसाइन स्कूल ऑफ साइंस में विश्व शांति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जापान निवासी शिंजी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अपने देश की संस्कृति से अवगत कराया और भारत की वैदिक परंपरा की प्रशंसा की। इस दौरान संकल्प संस्था संस्थापक सौमिक कलकल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और कार्यक्रम की अध्यक्षता वंदना बिढ़लान ने की। इस दौरान विश्व शांति के लिए विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई। शिंजी ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। समापन पर संकल्प संस्था अध्यक्ष एवं विद्यालय स्टाफ ने शिंजी को तिरंगा व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
प्रधानाचार्य मनोज वैद और गीता कादयान ने शांति व सद्भावना बनाए रखने में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला। कक्षा प्रथम के विद्यार्थी अनुष्का व अंकिश ने तिलक लगाकर शिंजी का स्वागत किया। स्वागत गीत सोनिया, सोनिका, निक्की, मिंटू, प्रिया व प्रीति ने प्रस्तुत किया। शिक्षिका गीता ने अपने भाषण व कविता के माध्यम से भारतीय एकता व भाईचारे का संदेश दिया। शिंजी ने बच्चों को बताया कि जापानी सभ्यता की सबसे बड़ी ताकत आपसी सहयोग है। इसी आपसी सहयोग के बल से हिरोशिमा व नागासाकी के परमाणु बमों के विनाश एवं सुनामी जैसी बड़ी आपदाओं से भी जापान उबर गया। उनका राष्ट्र हमेशा सद्भाव को बढ़ाने व युद्ध का विरोध करता है। विश्व शांति दिवस का शुभारंभ भी जापान से ही हुआ है।
फोटो 10 सनसाइन स्कूल में विश्व शांति के लिए मानव श्रृंखला बनाते बच्चे
फोटो 11 जापानी व्यक्ति छात्रों को संबोधित करते हुए
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चरखी दादरी।
गांव सरूपगढ़- सांतौर स्थित सनसाइन स्कूल ऑफ साइंस में विश्व शांति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जापान निवासी शिंजी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अपने देश की संस्कृति से अवगत कराया और भारत की वैदिक परंपरा की प्रशंसा की। इस दौरान संकल्प संस्था संस्थापक सौमिक कलकल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और कार्यक्रम की अध्यक्षता वंदना बिढ़लान ने की। इस दौरान विश्व शांति के लिए विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई। शिंजी ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। समापन पर संकल्प संस्था अध्यक्ष एवं विद्यालय स्टाफ ने शिंजी को तिरंगा व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
प्रधानाचार्य मनोज वैद और गीता कादयान ने शांति व सद्भावना बनाए रखने में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला। कक्षा प्रथम के विद्यार्थी अनुष्का व अंकिश ने तिलक लगाकर शिंजी का स्वागत किया। स्वागत गीत सोनिया, सोनिका, निक्की, मिंटू, प्रिया व प्रीति ने प्रस्तुत किया। शिक्षिका गीता ने अपने भाषण व कविता के माध्यम से भारतीय एकता व भाईचारे का संदेश दिया। शिंजी ने बच्चों को बताया कि जापानी सभ्यता की सबसे बड़ी ताकत आपसी सहयोग है। इसी आपसी सहयोग के बल से हिरोशिमा व नागासाकी के परमाणु बमों के विनाश एवं सुनामी जैसी बड़ी आपदाओं से भी जापान उबर गया। उनका राष्ट्र हमेशा सद्भाव को बढ़ाने व युद्ध का विरोध करता है। विश्व शांति दिवस का शुभारंभ भी जापान से ही हुआ है।
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फोटो 10 सनसाइन स्कूल में विश्व शांति के लिए मानव श्रृंखला बनाते बच्चे
फोटो 11 जापानी व्यक्ति छात्रों को संबोधित करते हुए