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प्याज के भाव आसमान में, व्यापारी खुश
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली।
सावन अभी शुरू भी नहीं हुआ है मगर सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। खासकर प्याज के रेट उछाल पर हैं। एक माह पहले 15 रुपये किलो बिकने लगा है। लोगों के पास एक और विकल्प वह था दूसरे जिलों ट्रैक्टर में लादकर गांवों में प्याज बेंचने वाले व्यापारी। ट्रैक्टर वाले किसानों से सीधे तौर पर प्याज खरीद लोगों को 12 से 20 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेच रहे हैं। अब तो रेट चढ़ते ही गांवों की गलियों में प्याज लेकर घूमने वाले ट्रैक्टर कम नजर आने लगे हैं। कई गांवों में ट्रैक्टर वाले व्यापारी बाकायदा लाउड स्पीकर प्रचार करते नजर आ रहे थे। वे प्याज की महत्ता बताते हुए लोगों को थोक में प्याज लेने को प्रेरित कर रहे थे मगर अब उनका सस्ता प्याज लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
सब्जी मंडी में प्याज 70 से 75 रुपये के पांच किलो बिक रहा है। जो ठेले पर भी 12 से 20 के बीच है। खुदरा व्यापारियों के अनुसार मंडी में ही प्याज की आवक कम हो रही है। जिन्होंने पहले से प्याज खरीद रखा है वे मुनाफा कमा रहे हैं। स्थानीय प्याज तो लगभग गायब ही हो चुका है। ट्रैक्टर से आस-पास इलाकों से थोक में प्याज लाकर बेचने वाले विक्रेता जयबीर के अनुसार अब उन्हें प्याज मिल नहीं रहा है। इसलिए लेकर नहीं आ पा रहे हैं। एक अन्य व्यापारी के अनुसार प्याज की जमाखोरी हो रही है। बाहर से आने वाला प्याज अभी और महंगा होगा। व्यापारियों के अनुसार उन्हें भी प्याज कम दर पर नहीं मिल रहा है। नासिक से प्याज कम आ रहा है।
प्याज के बगैर सब्जी अधूरी है और इस मौसम में लोग गर्मी से राहत के लिए प्याज के प्रयोग पर बल देते हैं। प्याज की महंगाई लोगों को रुलाने को तैयार दिख रही है। ट्रैक्टर पर किसानों से लेकर आने वाले व्यापारियों से थोक में खरीदकर विक्रेता इसका बढ़ी हुई कीमतों का लाभ उठा रहे हैै। वहीं प्याज की खेती करने वाले किसान कुक्कु, जसबीर, प्रदीप, सतीश और रामबीर ने बताया कि उन्होंने अपना प्याज कम दामों में मंडी में बेच दिया था मगर अब प्यास का भाव देखकर उन्हें पछतावा हो रहा है।
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- किसान मंडी में प्याज बेचकर कर रहे पछतावा
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बादली।
सावन अभी शुरू भी नहीं हुआ है मगर सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। खासकर प्याज के रेट उछाल पर हैं। एक माह पहले 15 रुपये किलो बिकने लगा है। लोगों के पास एक और विकल्प वह था दूसरे जिलों ट्रैक्टर में लादकर गांवों में प्याज बेंचने वाले व्यापारी। ट्रैक्टर वाले किसानों से सीधे तौर पर प्याज खरीद लोगों को 12 से 20 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेच रहे हैं। अब तो रेट चढ़ते ही गांवों की गलियों में प्याज लेकर घूमने वाले ट्रैक्टर कम नजर आने लगे हैं। कई गांवों में ट्रैक्टर वाले व्यापारी बाकायदा लाउड स्पीकर प्रचार करते नजर आ रहे थे। वे प्याज की महत्ता बताते हुए लोगों को थोक में प्याज लेने को प्रेरित कर रहे थे मगर अब उनका सस्ता प्याज लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
सब्जी मंडी में प्याज 70 से 75 रुपये के पांच किलो बिक रहा है। जो ठेले पर भी 12 से 20 के बीच है। खुदरा व्यापारियों के अनुसार मंडी में ही प्याज की आवक कम हो रही है। जिन्होंने पहले से प्याज खरीद रखा है वे मुनाफा कमा रहे हैं। स्थानीय प्याज तो लगभग गायब ही हो चुका है। ट्रैक्टर से आस-पास इलाकों से थोक में प्याज लाकर बेचने वाले विक्रेता जयबीर के अनुसार अब उन्हें प्याज मिल नहीं रहा है। इसलिए लेकर नहीं आ पा रहे हैं। एक अन्य व्यापारी के अनुसार प्याज की जमाखोरी हो रही है। बाहर से आने वाला प्याज अभी और महंगा होगा। व्यापारियों के अनुसार उन्हें भी प्याज कम दर पर नहीं मिल रहा है। नासिक से प्याज कम आ रहा है।
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प्याज के बगैर सब्जी अधूरी है और इस मौसम में लोग गर्मी से राहत के लिए प्याज के प्रयोग पर बल देते हैं। प्याज की महंगाई लोगों को रुलाने को तैयार दिख रही है। ट्रैक्टर पर किसानों से लेकर आने वाले व्यापारियों से थोक में खरीदकर विक्रेता इसका बढ़ी हुई कीमतों का लाभ उठा रहे हैै। वहीं प्याज की खेती करने वाले किसान कुक्कु, जसबीर, प्रदीप, सतीश और रामबीर ने बताया कि उन्होंने अपना प्याज कम दामों में मंडी में बेच दिया था मगर अब प्यास का भाव देखकर उन्हें पछतावा हो रहा है।
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- किसान मंडी में प्याज बेचकर कर रहे पछतावा