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पानी सप्लाई नहीं आने पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, लगाया जाम
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मातनहेल।
गांव मातनहेल की महिलाओं ने पानी की समस्या से परेशान होकर छूछकवास-कोसली रोड पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर साल्हावास थाना एसएचओ सोमबीर मौके पर पहुंचे। वहीं कुछ देर बाद ही नायब तहसीलदार आजाद सिंह भी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने महिलाओं को समझा-बुझाकर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवा दिया।
छूछकवास-कोसली रोड़ पर शनिवार को कुछ महिलाओं ने जाम लगा दिया। जाम लगाने वाली महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में सप्लाई छोड़ने वाला कर्मचारी भेदभाव करता है। जो लोग उन्हें खुश करके रखते हैं, उनकी सप्लाई ज्यादा देर तक दी जाती है। वहीं सामान्य लोगों को पानी की सप्लाई कम मिलती है। वहीं उनकी लाइन ऊंचाई के एरिया में हैं, इसलिए वहां मोटरें लग जाती हैं। पानी कुछ देर आता है तो आखिरी घरों तक पानी ही नहीं पहुंच पाता। जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दो कर्मचारियों की गड़बड़ पर जनस्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके चलते उन्हें दिक्कत आ रही है। जाम लगाने वाली महिलाओं की समस्या सुनने के लिए मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार आजाद सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। उनके आश्वासन पर महिलाओं ने जाम खोल दिया।
दो जलघर के बावजूद नहीं हुआ समाधान
मातनहेल गांव में दो वाटर टैंक हैं तथा तीसरे वाटर टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इसके बावजूद गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। गांव की महिलाओं का कहना था कि लगभग पांच साल से गांव के मेन बाजार से छूछकवास और बिलोटा की तरफ का एरिया है, उसमें कम समय के लिए पानी आता है और कई घरों में तो पानी चढ़ ही नहीं पाता।
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20 मई का भी लगाया था जाम
गांव की इन महिलाओं के द्वारा इसी जगह पर 20 मई को भी जाम लगाया था। महिलाओं की समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन देकर उस दिन भी एसएचओ सोमबीर ने जाम खुलवा दिया था। करीब 13 दिन इंतजार करने के बावजूद जब समस्या का हल नहीं निकला तो महिलाओं ने फिर से शनिवार को जाम लगाया है।
वर्जन
जाम की सूचना मिलते ही मैं मौके पर पहुंच गया था। महिलाओं को समझाया गया तो उन्होंने जाम खोल दिया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई है। नई लाइन के माध्यम से इस क्षेत्र की समस्या को दूर किया जाएगा। इसके लिए बजट जारी हो चुका है।
- आजाद सिंह, नायब तहसीलदार, मातनहेल।
मातनहेल।
गांव मातनहेल की महिलाओं ने पानी की समस्या से परेशान होकर छूछकवास-कोसली रोड पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर साल्हावास थाना एसएचओ सोमबीर मौके पर पहुंचे। वहीं कुछ देर बाद ही नायब तहसीलदार आजाद सिंह भी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने महिलाओं को समझा-बुझाकर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवा दिया।
छूछकवास-कोसली रोड़ पर शनिवार को कुछ महिलाओं ने जाम लगा दिया। जाम लगाने वाली महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में सप्लाई छोड़ने वाला कर्मचारी भेदभाव करता है। जो लोग उन्हें खुश करके रखते हैं, उनकी सप्लाई ज्यादा देर तक दी जाती है। वहीं सामान्य लोगों को पानी की सप्लाई कम मिलती है। वहीं उनकी लाइन ऊंचाई के एरिया में हैं, इसलिए वहां मोटरें लग जाती हैं। पानी कुछ देर आता है तो आखिरी घरों तक पानी ही नहीं पहुंच पाता। जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दो कर्मचारियों की गड़बड़ पर जनस्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके चलते उन्हें दिक्कत आ रही है। जाम लगाने वाली महिलाओं की समस्या सुनने के लिए मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार आजाद सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। उनके आश्वासन पर महिलाओं ने जाम खोल दिया।
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दो जलघर के बावजूद नहीं हुआ समाधान
मातनहेल गांव में दो वाटर टैंक हैं तथा तीसरे वाटर टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इसके बावजूद गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। गांव की महिलाओं का कहना था कि लगभग पांच साल से गांव के मेन बाजार से छूछकवास और बिलोटा की तरफ का एरिया है, उसमें कम समय के लिए पानी आता है और कई घरों में तो पानी चढ़ ही नहीं पाता।
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20 मई का भी लगाया था जाम
गांव की इन महिलाओं के द्वारा इसी जगह पर 20 मई को भी जाम लगाया था। महिलाओं की समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन देकर उस दिन भी एसएचओ सोमबीर ने जाम खुलवा दिया था। करीब 13 दिन इंतजार करने के बावजूद जब समस्या का हल नहीं निकला तो महिलाओं ने फिर से शनिवार को जाम लगाया है।
वर्जन
जाम की सूचना मिलते ही मैं मौके पर पहुंच गया था। महिलाओं को समझाया गया तो उन्होंने जाम खोल दिया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई है। नई लाइन के माध्यम से इस क्षेत्र की समस्या को दूर किया जाएगा। इसके लिए बजट जारी हो चुका है।
- आजाद सिंह, नायब तहसीलदार, मातनहेल।