{"_id":"5b81abb842c79246633fdb8d","slug":"11535224760-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन लडख़ड़ाई परिवहन व्यवस्था, निजी बसों में करनी पड़ी यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन लडख़ड़ाई परिवहन व्यवस्था, निजी बसों में करनी पड़ी यात्रा
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए रक्षाबंधन के त्योहार पर 36 घंटे तक मुफ्त बस सुविधा मुहैया करवाने के लिए घोषणा बेशक की हो, लेकिन पहले ही दिन परिवहन व्यवस्था लड़खड़ाई दिखाई दी। सामान्य बस स्टैंड पर बूथों से बसें गायब दिखाई दी। दोपहर को ही महिलाओं की भीड़ सामान्य बस स्टैंड पर लगने लगी थी। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र हर जगह महिलाओं की भीड़ लगी दिखाई दी।
झज्जर के सामान्य बस स्टैंड पर दोपहर 12 बजे तक तो बूथों पर बसें सामान्य दिनों की तरह लगी दिखाई दी। लेकिन दोपहर बाद धीरे-धीेरे बूथ खाली होते नजर आए। उसके बाद यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सरकार के आदेश पर रक्षाबंधन पर्व को लेकर महिलाओं और बच्चों को मुफ्त बस सुविधा मुहैया करवाने के लिए परिवहन विभाग जहां बड़े-बड़े दावे कर रहा था कि महिलाओं को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। लेकिन ये दावे पहले ही दिन फेल होते नजर आए। यात्री बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाकर बसों के बारे में जानकारी मांग रहे थे और वहां कार्यरत कर्मचारी एक ही बात कह रहे थे कि थोड़ा इंतजार करो बस जल्दी आएगी।
दो दिन के लिए अवकाश किए रद्द
परिवहन विभाग ने 25 और 26 अगस्त को ड्राईवर और कंडक्टरों के अवकाश भी रद्द कर दिए हैं। झज्जर जिले में परिवहन विभाग के पास 177 बस हैं। इनमें से 111 बस झज्जर डिपो और 66 बसें बहादुरगढ़ में हैं। परिवहन विभाग की तरफ से 25 अगस्त की दोपहर 12 बजे से 26 अगस्त की रात 12 बजे तक महिलाओं और बच्चों को मुफ्त बस सुविधा मुहैया करवाने के लिए सरकार के आदेश हैं। वहीं काफी संख्या में लोग राखी का त्योहार मनाने के लिए अपने निजी वाहनों से भी अपने गंतव्यों तक पहुंचे और काफी संख्या में महिलाओं ने मजबूरन प्राइवेट बसों में भी यात्रा करनी पड़ी।
विज्ञापन
रक्षाबंधन के दिन मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लंबे रूटों पर बस भेजने की बजाए लोकल रूटों को प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसें भी भेजी गई हैं। बसों को आने जाने में भी समय लगता है। थोड़ा बहुत इंतजार तो सामान्य दिनों में भी करना पड़ता है।
- एमएस खरब, जीएम, राडवेज, झज्जर।
विज्ञापन
झज्जर। सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए रक्षाबंधन के त्योहार पर 36 घंटे तक मुफ्त बस सुविधा मुहैया करवाने के लिए घोषणा बेशक की हो, लेकिन पहले ही दिन परिवहन व्यवस्था लड़खड़ाई दिखाई दी। सामान्य बस स्टैंड पर बूथों से बसें गायब दिखाई दी। दोपहर को ही महिलाओं की भीड़ सामान्य बस स्टैंड पर लगने लगी थी। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र हर जगह महिलाओं की भीड़ लगी दिखाई दी।
झज्जर के सामान्य बस स्टैंड पर दोपहर 12 बजे तक तो बूथों पर बसें सामान्य दिनों की तरह लगी दिखाई दी। लेकिन दोपहर बाद धीरे-धीेरे बूथ खाली होते नजर आए। उसके बाद यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। सरकार के आदेश पर रक्षाबंधन पर्व को लेकर महिलाओं और बच्चों को मुफ्त बस सुविधा मुहैया करवाने के लिए परिवहन विभाग जहां बड़े-बड़े दावे कर रहा था कि महिलाओं को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। लेकिन ये दावे पहले ही दिन फेल होते नजर आए। यात्री बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाकर बसों के बारे में जानकारी मांग रहे थे और वहां कार्यरत कर्मचारी एक ही बात कह रहे थे कि थोड़ा इंतजार करो बस जल्दी आएगी।
विज्ञापन
दो दिन के लिए अवकाश किए रद्द
परिवहन विभाग ने 25 और 26 अगस्त को ड्राईवर और कंडक्टरों के अवकाश भी रद्द कर दिए हैं। झज्जर जिले में परिवहन विभाग के पास 177 बस हैं। इनमें से 111 बस झज्जर डिपो और 66 बसें बहादुरगढ़ में हैं। परिवहन विभाग की तरफ से 25 अगस्त की दोपहर 12 बजे से 26 अगस्त की रात 12 बजे तक महिलाओं और बच्चों को मुफ्त बस सुविधा मुहैया करवाने के लिए सरकार के आदेश हैं। वहीं काफी संख्या में लोग राखी का त्योहार मनाने के लिए अपने निजी वाहनों से भी अपने गंतव्यों तक पहुंचे और काफी संख्या में महिलाओं ने मजबूरन प्राइवेट बसों में भी यात्रा करनी पड़ी।
विज्ञापन
रक्षाबंधन के दिन मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लंबे रूटों पर बस भेजने की बजाए लोकल रूटों को प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसें भी भेजी गई हैं। बसों को आने जाने में भी समय लगता है। थोड़ा बहुत इंतजार तो सामान्य दिनों में भी करना पड़ता है।
- एमएस खरब, जीएम, राडवेज, झज्जर।