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आम बजट से बड़ी उम्मीदें हैं आम लोगों को
Updated Thu, 01 Feb 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
आज संसद में पेश होने जा रहे आम बजट से लोगों में उम्मीदों का उत्साह बढ़ना शुरू हो गया है। कोई महंगे इलाज से राहत दिलाने की अपेक्षा जता रहा है तो कोई खाने-पीने की वस्तुएं सस्ती किए जाने की मांग उठा रहा है। शिक्षित बेरोजगार नौकरी के अच्छे संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए जोर दे रहे हैं। कई लोग पेट्रोल डीजल को सस्ता करने की मांग कर रहे हैं। कुछ ने बेहतर शिक्षा की सुलभता को सभी समस्याओं का समाधान बताया है।
सस्ता हो इलाज
वरिष्ठ नागरिक अशोक कुमार ने कहा कि आम लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए इस बजट से लोगों को राहत देने का कार्य वित्त मंत्री को करना चाहिए। जीवन रक्षक दवाएं सस्ती होनी चाहिए। पहले कुछ दवाइयों के दाम कम हुए थे लेकिन फिर से बढ़ गए थे। जिससे गरीब व्यक्ति को इलाज के लिए काफी दिक्कतें होती हैं। ऐसे में इस बजट में यह प्रावधान करना चाहिए कि जो भी आवश्यक वस्तुएं व दवाइयां है वे सस्ती व आम लोगों की पहुंच तक की जाएं। गरीबों को मुफ्त इलाज मिलना जरूरी है।
रसोई बज पर दें ध्यान
गृहिणी शालू शर्मा ने कहा कि हर वर्ष रसोई का बजट गड़बड़ा जाता है, जिससे परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस बार बजट में रसोई यानी खाने-पीने की वस्तुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। दालें और अन्य सामान सस्ते होने चाहिए, ताकि गरीब व्यक्ति को भी दो वक्त की रोटी आसानी से मिल सके। घरेलू गैस भी सस्ती की जाए। शर्मा ने नशे को बर्बादी का कारण बताते हुए इस पर भी रोक लगाने की वकालत की।
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सस्ता हो पैट्रोल-डीजल
व्यवसायी रमन शर्मा का कहना है कि इस बजट को लेकर लोगों की विशेष निगाहें हैं। पैट्रोल-डीजल के रेट सस्ते किए जाने चाहिए। इससे माल भाड़े में भी कमी आएगी और व्यवसायियों और आमजन को भी नुकसान नहीं होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स सामान सस्ता किया जाना चाहिए, ताकि आम लोग इनको खरीद सकें। ब्रांडेड कंपनियों के दामों में भी कमी करनी चाहिए।
लैपटॉप और कंप्यूटर हों सस्ते
आईटी के छात्र जितेंद्र दलाल ने कहा कि आज के तकनीकी दौर में लैपटॉप और कंप्यूटर की डिमांड काफी बढ़ी हुई है। इनके रेटों को लेकर भी सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि ये सस्ते होंगे तो इसका लाभ सभी बच्चों को मिलेगा। शिक्षा के बलबूते वे देश के विकास में अपना अहम योगदान भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए ये संसाधन आसानी से मिल जाएं तो उन्हें महंगी फीस देने से कुछ छुटकारा मिल सकता है।
नौकरी के अवसर हों उपलब्ध
लाइनपार निवासी भूपेशराज लाठर ने कहा कि बजट में विशेष तौर पर यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। तकनीकि शिक्षा पर विशेष रूप से बल देना चाहिए। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी एजुकेशन इंस्टीट्यूट खोले जाने चाहिए। रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए खास नीतियां बनाई जानी चाहिए। नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग की जरूरतों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। बेहतर शिक्षा से अनेक समस्याओं का समाधान संभव है।
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बहादुरगढ़।
आज संसद में पेश होने जा रहे आम बजट से लोगों में उम्मीदों का उत्साह बढ़ना शुरू हो गया है। कोई महंगे इलाज से राहत दिलाने की अपेक्षा जता रहा है तो कोई खाने-पीने की वस्तुएं सस्ती किए जाने की मांग उठा रहा है। शिक्षित बेरोजगार नौकरी के अच्छे संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए जोर दे रहे हैं। कई लोग पेट्रोल डीजल को सस्ता करने की मांग कर रहे हैं। कुछ ने बेहतर शिक्षा की सुलभता को सभी समस्याओं का समाधान बताया है।
सस्ता हो इलाज
वरिष्ठ नागरिक अशोक कुमार ने कहा कि आम लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए इस बजट से लोगों को राहत देने का कार्य वित्त मंत्री को करना चाहिए। जीवन रक्षक दवाएं सस्ती होनी चाहिए। पहले कुछ दवाइयों के दाम कम हुए थे लेकिन फिर से बढ़ गए थे। जिससे गरीब व्यक्ति को इलाज के लिए काफी दिक्कतें होती हैं। ऐसे में इस बजट में यह प्रावधान करना चाहिए कि जो भी आवश्यक वस्तुएं व दवाइयां है वे सस्ती व आम लोगों की पहुंच तक की जाएं। गरीबों को मुफ्त इलाज मिलना जरूरी है।
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रसोई बज पर दें ध्यान
गृहिणी शालू शर्मा ने कहा कि हर वर्ष रसोई का बजट गड़बड़ा जाता है, जिससे परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस बार बजट में रसोई यानी खाने-पीने की वस्तुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। दालें और अन्य सामान सस्ते होने चाहिए, ताकि गरीब व्यक्ति को भी दो वक्त की रोटी आसानी से मिल सके। घरेलू गैस भी सस्ती की जाए। शर्मा ने नशे को बर्बादी का कारण बताते हुए इस पर भी रोक लगाने की वकालत की।
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सस्ता हो पैट्रोल-डीजल
व्यवसायी रमन शर्मा का कहना है कि इस बजट को लेकर लोगों की विशेष निगाहें हैं। पैट्रोल-डीजल के रेट सस्ते किए जाने चाहिए। इससे माल भाड़े में भी कमी आएगी और व्यवसायियों और आमजन को भी नुकसान नहीं होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स सामान सस्ता किया जाना चाहिए, ताकि आम लोग इनको खरीद सकें। ब्रांडेड कंपनियों के दामों में भी कमी करनी चाहिए।
लैपटॉप और कंप्यूटर हों सस्ते
आईटी के छात्र जितेंद्र दलाल ने कहा कि आज के तकनीकी दौर में लैपटॉप और कंप्यूटर की डिमांड काफी बढ़ी हुई है। इनके रेटों को लेकर भी सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि ये सस्ते होंगे तो इसका लाभ सभी बच्चों को मिलेगा। शिक्षा के बलबूते वे देश के विकास में अपना अहम योगदान भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए ये संसाधन आसानी से मिल जाएं तो उन्हें महंगी फीस देने से कुछ छुटकारा मिल सकता है।
नौकरी के अवसर हों उपलब्ध
लाइनपार निवासी भूपेशराज लाठर ने कहा कि बजट में विशेष तौर पर यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। तकनीकि शिक्षा पर विशेष रूप से बल देना चाहिए। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी एजुकेशन इंस्टीट्यूट खोले जाने चाहिए। रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए खास नीतियां बनाई जानी चाहिए। नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग की जरूरतों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। बेहतर शिक्षा से अनेक समस्याओं का समाधान संभव है।