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बिना पानी कनेक्शन यूजलैस हैं मोबाइल टॉयलेट, ओडीएफ पर सीरयस नहीं है नपा प्रशासन
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
ओडीएफ प्लान को लेकर झज्जर नपा प्रशासन बिल्कुल भी संजीदा नहीं है। शहर में ओडीएफ प्लान को सिरे चढ़ाने के लिए नपा के द्वारा मोबाइल टॉयलेट रखवाए गए थे। लेकिन अभी तक इनमें पानी के कनेक्शन नपा के द्वारा नहीं करवाए गए हैं। जिसके चलते ये मोबाइल टॉयलेेट पूरी तरह से यूजलैस साबित हो रहे हैं। मोबाइल टॉयलेट को लेकर नपा अधिकारियों के पास अभी तक ये प्लान नहीं है कि इनमें वो पानी की सप्लाई कैसे देगा। बिना किसी प्लान के नपा ने 20 मोबाइल टॉयलेट करीब 40 लाख में खरीदकर शहर में अलग-अलग स्थानों पर खड़े जरूर करवा दिए हैं।
25 सिंतबर ओडीएफ की डेडलाइन
जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा शुरूआत में 30 जुलाई की डेडलाइन रखी गई थी। जिसमें बाद में बढ़ाते हुए 31 अगस्त कर दिया गया था। लेकिन अब एक बार फिर से झज्जर के लिए 25 सितंबर की डेडलाइन निर्धारित की गई है। अब देखना यह है कि अधिकारियों के द्वारा ओडीएफ घोषित करवाने के लिए कुछ प्रयास किए जाते हैं या फिर इसी प्रकार तारीख पर तारीख मिलती रहेगी।
खुले में शौच करते हैं बाहरी कालोनियों के लोग
शहर की बाहरी कालोनियों के लोग अभी भी काफी संख्या में खुले में ही शौच करने को मजबूर हैं। किला कालोनी, रहणियां कालोनी व कोसली बाईपास के साथ लगती झुग्गियों में रहने वाले लोगों के पास शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण उनके पास खुले में शौच करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना होग अन्यथा इसी प्रकार से ओडीएफ घोषित करवाना महज सपना ही रह जाएगा।
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स्ट्रे कैटल फ्री अभियान भी फ्लॉप
झज्जर शहर में स्ट्रे कैटल फ्री योजना भी पूरी तरह से फ्लॉप साबित हो रही है। लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नपा प्रशासन के द्वारा काफी प्रयास किए जा चुके हैं। लेकिन शहर को अभी तक स्ट्रे कैटल फ्री घोषित नहीं किया जा चुका है। वहीं वीरवार को प्रशासनिक अधिकारियों से स्वीकार किया है कि जिले में पशु पालन विभाग द्वारा 6702 लावारिस पशुओं की पहचान की गई थी। इनमें से करीब 5800 पशुओं की टैगिंग हो चुकी है और उन्हें नंदीशालाओं में भेज चुके हैं। 900 लावारिस पशु अभी जिले में खुलेआम घूम रहे हैं।
वर्जन
टॉयलेट में पानी कनेक्शन के लिए नपा के अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। वहीं स्ट्रे कैटल फ्री अभियान में तेजी लाने के आदेश संबंधित विभागों को जारी कर दिए गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि तय समय में दोनों ही योजनाओं को सिरे चढ़ाया जाएगा।
- सोनल गोयल, डीसी, झज्जर।
- बिना पानी कनेक्शन यूजलैस हैं मोबाइल टॉयलेट, ओडीएफ पर सीरियस नहीं नपा प्रशासन
- ओडीएफ प्लान पर संजीदा नहीं झज्जर नपा, जिले में ओडीएफ के लिए है 25 सिंतबर डेडलाइन
- प्रशासन ने माना-अभी भी खुले घूम रहे हैं 900 लावारिस पशु, 6700 किए गए थे चिंहित
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झज्जर।
ओडीएफ प्लान को लेकर झज्जर नपा प्रशासन बिल्कुल भी संजीदा नहीं है। शहर में ओडीएफ प्लान को सिरे चढ़ाने के लिए नपा के द्वारा मोबाइल टॉयलेट रखवाए गए थे। लेकिन अभी तक इनमें पानी के कनेक्शन नपा के द्वारा नहीं करवाए गए हैं। जिसके चलते ये मोबाइल टॉयलेेट पूरी तरह से यूजलैस साबित हो रहे हैं। मोबाइल टॉयलेट को लेकर नपा अधिकारियों के पास अभी तक ये प्लान नहीं है कि इनमें वो पानी की सप्लाई कैसे देगा। बिना किसी प्लान के नपा ने 20 मोबाइल टॉयलेट करीब 40 लाख में खरीदकर शहर में अलग-अलग स्थानों पर खड़े जरूर करवा दिए हैं।
25 सिंतबर ओडीएफ की डेडलाइन
जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा शुरूआत में 30 जुलाई की डेडलाइन रखी गई थी। जिसमें बाद में बढ़ाते हुए 31 अगस्त कर दिया गया था। लेकिन अब एक बार फिर से झज्जर के लिए 25 सितंबर की डेडलाइन निर्धारित की गई है। अब देखना यह है कि अधिकारियों के द्वारा ओडीएफ घोषित करवाने के लिए कुछ प्रयास किए जाते हैं या फिर इसी प्रकार तारीख पर तारीख मिलती रहेगी।
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खुले में शौच करते हैं बाहरी कालोनियों के लोग
शहर की बाहरी कालोनियों के लोग अभी भी काफी संख्या में खुले में ही शौच करने को मजबूर हैं। किला कालोनी, रहणियां कालोनी व कोसली बाईपास के साथ लगती झुग्गियों में रहने वाले लोगों के पास शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण उनके पास खुले में शौच करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना होग अन्यथा इसी प्रकार से ओडीएफ घोषित करवाना महज सपना ही रह जाएगा।
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स्ट्रे कैटल फ्री अभियान भी फ्लॉप
झज्जर शहर में स्ट्रे कैटल फ्री योजना भी पूरी तरह से फ्लॉप साबित हो रही है। लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नपा प्रशासन के द्वारा काफी प्रयास किए जा चुके हैं। लेकिन शहर को अभी तक स्ट्रे कैटल फ्री घोषित नहीं किया जा चुका है। वहीं वीरवार को प्रशासनिक अधिकारियों से स्वीकार किया है कि जिले में पशु पालन विभाग द्वारा 6702 लावारिस पशुओं की पहचान की गई थी। इनमें से करीब 5800 पशुओं की टैगिंग हो चुकी है और उन्हें नंदीशालाओं में भेज चुके हैं। 900 लावारिस पशु अभी जिले में खुलेआम घूम रहे हैं।
वर्जन
टॉयलेट में पानी कनेक्शन के लिए नपा के अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। वहीं स्ट्रे कैटल फ्री अभियान में तेजी लाने के आदेश संबंधित विभागों को जारी कर दिए गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि तय समय में दोनों ही योजनाओं को सिरे चढ़ाया जाएगा।
- सोनल गोयल, डीसी, झज्जर।
- बिना पानी कनेक्शन यूजलैस हैं मोबाइल टॉयलेट, ओडीएफ पर सीरियस नहीं नपा प्रशासन
- ओडीएफ प्लान पर संजीदा नहीं झज्जर नपा, जिले में ओडीएफ के लिए है 25 सिंतबर डेडलाइन
- प्रशासन ने माना-अभी भी खुले घूम रहे हैं 900 लावारिस पशु, 6700 किए गए थे चिंहित