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माइनिंग फीस से गांवों को मिलेंगे करीब आठ करोड़, डीएमएफ गांवों का कराएगी विकास
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:46 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। माइनिंग जोन से होने वाली आमदनी में से कुछ प्रतिशत राशि इनके समीपवर्ती गांवों के विकास पर खर्च की जाएगी। इस राशि का निर्धारण प्रदेश सरकार करेगी। जिला प्रशासन ने इस राशि से विकास कार्य कराने के लिए डीएमएफ डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फाउंडेशन का गठन कर दिया है। यह राशि माइनिंग जोन के गांवों के विकास पर ही खर्च होगी। इस आशय की पुष्टि उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान की। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक इन गांवों के विकास के लिए हर माह में करीब आठ करोड़ रुपये डीएमएफ के खाते में जमा होंगे।
इस समय जिले में 12 माइनिंग जोन हैं जिनमें करीब 172 क्रशर चल रहे हैं। इनसे प्रति माह सरकार को आमदनी होती है। हालांकि ग्राम पंचायत के खाते में भी कुछ भाग विकास के लिए आता था। अब जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देशों पर डीएमएफ का गठन कर बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि पूरे प्रदेश से जो माइनिंग फीस इकट्ठी होगी और इसके बाद ही गांवों के विकास के लिए दी जाने वाली राशि का निर्धारण किया जाएगा। इस अवसर पर दादरी के एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि शहर में पानी निकासी के प्रयास जोरों पर हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई शनिवार को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर दो करोड़ 24 लाख की राशि के सहायक उपकरण दिव्यांगों में वितरित करेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि शहर में बदहाल सीवर व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग 3.63 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस राशि से न केवल पुरानी सीवरेज लाइनें बदली जाएंगी बल्कि नई लाइनें भी शहर में डाली जाएंगी। सकारात्मक बात यह है कि यह बजट राशि जन स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच चुकी है और जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जल भराव की समस्या से निपटने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के परिसर में नया टैंक बनवाए जाने की योजना है। इस विषय में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मासिक बैठक में निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार गर्मियों में पानी की समस्या के समाधान के लिए जल घर परिसर में नए टैंक बनवाकर पानी की भंडारण क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
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राजकीय स्कूल से जल निकासी के दिए आदेश
उपायुक्त ने कहा कि शहर के राजकीय विद्यालय में बरसाती पानी की निकासी के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं नगर परिषद अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आने वाले दिनों में इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। बता दें कि विभागीय अनदेखी के चलते सामाजिक संगठनों ने अपने खर्च पर ट्रैक्टर व पंप सेट लाकर मंगलवार से पानी निकासी के प्रयास किए थे।
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चरखी दादरी। माइनिंग जोन से होने वाली आमदनी में से कुछ प्रतिशत राशि इनके समीपवर्ती गांवों के विकास पर खर्च की जाएगी। इस राशि का निर्धारण प्रदेश सरकार करेगी। जिला प्रशासन ने इस राशि से विकास कार्य कराने के लिए डीएमएफ डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फाउंडेशन का गठन कर दिया है। यह राशि माइनिंग जोन के गांवों के विकास पर ही खर्च होगी। इस आशय की पुष्टि उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान की। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक इन गांवों के विकास के लिए हर माह में करीब आठ करोड़ रुपये डीएमएफ के खाते में जमा होंगे।
इस समय जिले में 12 माइनिंग जोन हैं जिनमें करीब 172 क्रशर चल रहे हैं। इनसे प्रति माह सरकार को आमदनी होती है। हालांकि ग्राम पंचायत के खाते में भी कुछ भाग विकास के लिए आता था। अब जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देशों पर डीएमएफ का गठन कर बैंक खाता खुलवाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि पूरे प्रदेश से जो माइनिंग फीस इकट्ठी होगी और इसके बाद ही गांवों के विकास के लिए दी जाने वाली राशि का निर्धारण किया जाएगा। इस अवसर पर दादरी के एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने बताया कि शहर में पानी निकासी के प्रयास जोरों पर हैं। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई शनिवार को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर दो करोड़ 24 लाख की राशि के सहायक उपकरण दिव्यांगों में वितरित करेंगे।
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उपायुक्त ने बताया कि शहर में बदहाल सीवर व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग 3.63 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस राशि से न केवल पुरानी सीवरेज लाइनें बदली जाएंगी बल्कि नई लाइनें भी शहर में डाली जाएंगी। सकारात्मक बात यह है कि यह बजट राशि जन स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच चुकी है और जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जल भराव की समस्या से निपटने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के परिसर में नया टैंक बनवाए जाने की योजना है। इस विषय में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मासिक बैठक में निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार गर्मियों में पानी की समस्या के समाधान के लिए जल घर परिसर में नए टैंक बनवाकर पानी की भंडारण क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
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राजकीय स्कूल से जल निकासी के दिए आदेश
उपायुक्त ने कहा कि शहर के राजकीय विद्यालय में बरसाती पानी की निकासी के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं नगर परिषद अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आने वाले दिनों में इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। बता दें कि विभागीय अनदेखी के चलते सामाजिक संगठनों ने अपने खर्च पर ट्रैक्टर व पंप सेट लाकर मंगलवार से पानी निकासी के प्रयास किए थे।