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अतिक्रमण हटाने पर पक्षपात रवैया अपना रहे नप अधिकारी
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल नगर परिषद की ओर से गरीबों को तंग किया जाता है। बुधवार को भी रेलवे रोड पर कुछ इसी तरह का नजारा देखा गया। अधिकारियों ने दुकानदारों के सामान को तो जब्त किया नहीं बल्कि पटड़ी लगाने वाले विक्रेताओं के सामान को उठा लिया। अधिकारियों द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई पर रेहड़ी और पटड़ी विक्रेताओं ने भेदभाव के आरोप भी लगाए।
नगर परिषद के अधिकारी बुधवार को करीब 3 बजे रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। सबसे ज्यादा अतिक्रमण रेलवे रोड के मुहाने पर ही रहता है। यहां पर टीम की ओर से किसी तरह का सख्त कदम नहीं उठाया गया, बल्कि वैश्य स्कूल के बाहर लगने वाले पटड़ी विक्रेताओं के सामान को उठाकर टीम ने ट्रैक्टर ट्रॉली में डाल लिया। यहां पर एक महिला द्वारा कई बार हाथ जोड़कर विनती करने के बाद भी अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी और उसके द्वारा लगाए गए तख्त को भी नहीं छोड़ा।
सबसे ज्यादा अतिक्रमण रहता है रेलवे रोड के मुहाने पर
शहर के रेलवे रोड के मुहाने पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण रहता है। यहां पर काफी भीड़भाड़ सा माहौल हर समय देखा जा सकता है। यहां पर दुकानदारों द्वारा कई-कई फुट तक सामान दुकानों के बाहर रखा जाता है। इन दुकानदारों पर नगर परिषद ने किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई। इन्हें केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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दुकानदारों ने लगाए भेदभाव के आरोप
शहर के रेलवे रोड पर वैश्य स्कूल के बाहर पटड़ी विक्रेताओं राहुल, विनोद और सुधीर ने नगर परिषद के अमले पर भेदभाव के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की टीम जब भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती है। इसमें भेदभाव बरता जाता है। बड़े दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, बल्कि छोटे-छोटे पटड़ी विक्रेताओं पर नप सख्त रवैया अपनाती है। महिला का कहना है कि वह यहां पर थोड़ा बहुत सर्दी का सामान बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करती है।
ये अधिकारी रहे मौके पर
अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे अधिकारियों में अशोक कुमार, जयप्रकाश के अलावा काफी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने मिलकर यह कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद कुछ देर तक तो सड़क का नजारा बदला-बदला दिखा। बाद में वही हालात हो गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के एसआई सतपाल सैनी ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी तरह का कोई भेदभाव अतिक्रमण हटाने में नहीं बरता जा रहा। सभी के खिलाफ एक अनुसार कार्रवाई की जा रही है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
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बहादुरगढ़।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल नगर परिषद की ओर से गरीबों को तंग किया जाता है। बुधवार को भी रेलवे रोड पर कुछ इसी तरह का नजारा देखा गया। अधिकारियों ने दुकानदारों के सामान को तो जब्त किया नहीं बल्कि पटड़ी लगाने वाले विक्रेताओं के सामान को उठा लिया। अधिकारियों द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई पर रेहड़ी और पटड़ी विक्रेताओं ने भेदभाव के आरोप भी लगाए।
नगर परिषद के अधिकारी बुधवार को करीब 3 बजे रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। सबसे ज्यादा अतिक्रमण रेलवे रोड के मुहाने पर ही रहता है। यहां पर टीम की ओर से किसी तरह का सख्त कदम नहीं उठाया गया, बल्कि वैश्य स्कूल के बाहर लगने वाले पटड़ी विक्रेताओं के सामान को उठाकर टीम ने ट्रैक्टर ट्रॉली में डाल लिया। यहां पर एक महिला द्वारा कई बार हाथ जोड़कर विनती करने के बाद भी अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी और उसके द्वारा लगाए गए तख्त को भी नहीं छोड़ा।
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सबसे ज्यादा अतिक्रमण रहता है रेलवे रोड के मुहाने पर
शहर के रेलवे रोड के मुहाने पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण रहता है। यहां पर काफी भीड़भाड़ सा माहौल हर समय देखा जा सकता है। यहां पर दुकानदारों द्वारा कई-कई फुट तक सामान दुकानों के बाहर रखा जाता है। इन दुकानदारों पर नगर परिषद ने किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई। इन्हें केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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दुकानदारों ने लगाए भेदभाव के आरोप
शहर के रेलवे रोड पर वैश्य स्कूल के बाहर पटड़ी विक्रेताओं राहुल, विनोद और सुधीर ने नगर परिषद के अमले पर भेदभाव के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की टीम जब भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती है। इसमें भेदभाव बरता जाता है। बड़े दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, बल्कि छोटे-छोटे पटड़ी विक्रेताओं पर नप सख्त रवैया अपनाती है। महिला का कहना है कि वह यहां पर थोड़ा बहुत सर्दी का सामान बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करती है।
ये अधिकारी रहे मौके पर
अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे अधिकारियों में अशोक कुमार, जयप्रकाश के अलावा काफी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने मिलकर यह कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद कुछ देर तक तो सड़क का नजारा बदला-बदला दिखा। बाद में वही हालात हो गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के एसआई सतपाल सैनी ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी तरह का कोई भेदभाव अतिक्रमण हटाने में नहीं बरता जा रहा। सभी के खिलाफ एक अनुसार कार्रवाई की जा रही है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।