{"_id":"59e3ada74f1c1ba7678b6025","slug":"101508093351-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब तक एक-एक बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक तरक्की संभव नहीं : सत्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब तक एक-एक बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक तरक्की संभव नहीं : सत्यार्थी
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर के सैनिक स्कूल में यात्रा के समापन से एक दिन पहले रविवार को पहुंचे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि यह कैसी विडंबना है कि आज दुनियाभर में 30 करोड़ बच्चे स्कूलों से बाहर हैं। लगभग 60 लाख बच्चे ऐसे हैं, जो प्राइमरी स्कूल नहीं जा रहे। इन हालातों में हम देश और दुनिया को आजाद कैसे कह सकते हैं? जब तक पूरी दुनिया में एक-एक बच्चा शिक्षित नहीं हो जाता, तब तक वह तरक्की भी नहीं हो सकती है, जो हमें चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं उम्मीदों के साथ कह सकता हूं कि आज न सिर्फ देश, प्रदेश बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए बड़ा दिन है, क्योंकि इससे पहले बाल यौन शोषण के खिलाफ ऐसा कोई बड़ा आंदोलन या फिर यात्रा शुरू नहीं हुई। उनकी यह यात्रा पहली है और इसका उद्देश्य है कि दुनिया में एक भी बच्चा बाल मजदूरी न करें। उसका बचपन किसी दूसरे की गुलामी में बर्बाद होने की बजाय स्कूल की पढ़ाई में गुजरे। देश में जो बाल यौन शोषण की बुराई है, वह भविष्य से न जुड़ने पाए। आने वाले कल में यदि बच्चे इतिहास की किताबें पढ़ें तो उन्हें मालूम हो कि देश में ऐसी भी कोई बुराई थी, जो एक संकल्प के साथ खत्म हो गई। इसके लिए बच्चों की आवाज बुलंद करनी होगी। वे किसी अपने के हाथों हुई दरिंदगी के साथ घुट-घुटकर नहीं जीएंगे। बदनामी के डर से उनके माता-पिता उन्हें चुप रखने की बजाय प्रोत्साहन देंगे। तभी मेक इंडिया, सेफ इंडिया का सपना साकार होगा और हमारा देश बाल शोषण मुक्त बन सकेगा।
बाल शोषण के विरुद्ध भरा जोश
कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्शी ने बच्चों और शिक्षकों समेत सभी को शपथ भी दिलाई। इसके जरिये बाल शोषण के विरुद्ध उन्होंने हर किसी में जोश भरा। कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्थी की धर्मपत्नी सुमेधा सत्यार्थी, बांग्लादेश की पूर्व शिक्षा मंत्री रसिदा चौधरी, नीदरलैंड से आए वर्ल्ड टीचर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री मिस्टर फ्रेड, बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल, सैनिक स्कूल के बीएल भारद्वाज, एसडीएम जगनिवास, बीईओ मदन चोपड़ा, रामफल सिंह, विजया स्कूल के आरएन किंद्रा भी मौजूद रहे। यहां के बाद कैलाश सत्यार्थी की भारत यात्रा दिल्ली की ओर बढ़ गई। इसमें लगभग 250 नौजवान, नवयुवतियां और किशोर साथ चल रहें हैं। सोमवार को राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद यात्रा का समापन होगा।
विज्ञापन
जब तक एक-एक बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक तरक्की संभव नहीं : सत्यार्थी
अपनी यात्रा के समापन के एक दिन पहले बहादुरगढ़ पहुंचे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी
-आज दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद होगा यात्रा का समापन
---फोटो 11 : सैनिक स्कूल में विद1्यार्थियों के बीच पहुंचे कैलाश सत्यार्थी।
-----------
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
शहर के सैनिक स्कूल में यात्रा के समापन से एक दिन पहले रविवार को पहुंचे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि यह कैसी विडंबना है कि आज दुनियाभर में 30 करोड़ बच्चे स्कूलों से बाहर हैं। लगभग 60 लाख बच्चे ऐसे हैं, जो प्राइमरी स्कूल नहीं जा रहे। इन हालातों में हम देश और दुनिया को आजाद कैसे कह सकते हैं? जब तक पूरी दुनिया में एक-एक बच्चा शिक्षित नहीं हो जाता, तब तक वह तरक्की भी नहीं हो सकती है, जो हमें चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं उम्मीदों के साथ कह सकता हूं कि आज न सिर्फ देश, प्रदेश बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए बड़ा दिन है, क्योंकि इससे पहले बाल यौन शोषण के खिलाफ ऐसा कोई बड़ा आंदोलन या फिर यात्रा शुरू नहीं हुई। उनकी यह यात्रा पहली है और इसका उद्देश्य है कि दुनिया में एक भी बच्चा बाल मजदूरी न करें। उसका बचपन किसी दूसरे की गुलामी में बर्बाद होने की बजाय स्कूल की पढ़ाई में गुजरे। देश में जो बाल यौन शोषण की बुराई है, वह भविष्य से न जुड़ने पाए। आने वाले कल में यदि बच्चे इतिहास की किताबें पढ़ें तो उन्हें मालूम हो कि देश में ऐसी भी कोई बुराई थी, जो एक संकल्प के साथ खत्म हो गई। इसके लिए बच्चों की आवाज बुलंद करनी होगी। वे किसी अपने के हाथों हुई दरिंदगी के साथ घुट-घुटकर नहीं जीएंगे। बदनामी के डर से उनके माता-पिता उन्हें चुप रखने की बजाय प्रोत्साहन देंगे। तभी मेक इंडिया, सेफ इंडिया का सपना साकार होगा और हमारा देश बाल शोषण मुक्त बन सकेगा।
विज्ञापन
बाल शोषण के विरुद्ध भरा जोश
कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्शी ने बच्चों और शिक्षकों समेत सभी को शपथ भी दिलाई। इसके जरिये बाल शोषण के विरुद्ध उन्होंने हर किसी में जोश भरा। कार्यक्रम में कैलाश सत्यार्थी की धर्मपत्नी सुमेधा सत्यार्थी, बांग्लादेश की पूर्व शिक्षा मंत्री रसिदा चौधरी, नीदरलैंड से आए वर्ल्ड टीचर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री मिस्टर फ्रेड, बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल, सैनिक स्कूल के बीएल भारद्वाज, एसडीएम जगनिवास, बीईओ मदन चोपड़ा, रामफल सिंह, विजया स्कूल के आरएन किंद्रा भी मौजूद रहे। यहां के बाद कैलाश सत्यार्थी की भारत यात्रा दिल्ली की ओर बढ़ गई। इसमें लगभग 250 नौजवान, नवयुवतियां और किशोर साथ चल रहें हैं। सोमवार को राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद यात्रा का समापन होगा।
विज्ञापन
जब तक एक-एक बच्चा शिक्षित नहीं होगा, तब तक तरक्की संभव नहीं : सत्यार्थी
अपनी यात्रा के समापन के एक दिन पहले बहादुरगढ़ पहुंचे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी
-आज दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद होगा यात्रा का समापन
---फोटो 11 : सैनिक स्कूल में विद1्यार्थियों के बीच पहुंचे कैलाश सत्यार्थी।
-----------