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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   You don't have to go out to get a gradation certificate, you can also get a job in Haryana only

Hisar News: ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए न जाना पड़े बाहर, नौकरी भी हरियाणा में ही दें सरकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Sep 2023 11:55 PM IST
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You don't have to go out to get a gradation certificate, you can also get a job in Haryana only
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खिलाड़ियों से लेकर कोच ने खेल पॉलिसी पर उठाए सवाल

संवाद न्यूज एजेंसी

हिसार। हरियाणा के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इतना ही नहीं, खेल के दम पर खिलाड़ियों ने नौकरी भी हासिल की है। मगर हरियाणा सरकार की खेल पॉलिसी पर खिलाड़ियों से लेकर कोच ने सवाल उठाए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि शुरू से लेकर अंत तक वह हरियाणा में ही रहकर अभ्यास करते हैं। मगर उन्हें दूसरे प्रदेशों में जाकर नौकरी करनी पड़ रही है। ऐसे में सरकार हरियाणा के खिलाड़ियों को हरियाणा में ही नौकरी देने का प्रावधान करे, ताकि खिलाड़ियों को परेशानी उठानी न पड़े। इसके साथ ही ए और बी ग्रेड का ग्रेडशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए मुख्यालय पंचकूला जाना पड़ता है। ऐसे में हिसार में ही खिलाड़ियों के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनवाने की व्यवस्था की जाए।

बता दें, कि खिलाड़ियों के लिए ग्रेडेशन सर्टिफिकेट काफी अहम होता है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर उनके अंक मिलते हैं। सी और डी ग्रेड का ग्रेडेशन सर्टिफिकेट हिसार में ही बनाया जा रहा है। मगर ए और बी ग्रेड का ग्रेडेशन बनवाने के लिए पंचकूला जाना पड़ता है। इससे उनका समय बर्बाद होता है।
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गरीब खिलाड़ियों के लिए सरकार की ओर से अकादमियां खोली जाएंगी। उन्हें डाइट राशि देने का प्रावधान किया जाए, ताकि उनकी प्रतिभा निखर कर सामने आए। आज भी जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को सुविधा नहीं मिल रही है। सरकार खिलाड़ियों की सुविधाओं पर फोकस करें। इसके साथ ही खेल कोटा भी बढ़ाया जाएं।
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- सोनिका गिल, हैंडबाल, खिलाड़ी


सरकार की ओर से पहले काफी टूर्नामेंट करवाए जाते थे। मगर अब धीरे-धीरे टूर्नामेंट एक तरह से खत्म होते जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट करवाए जाएं, ताकि खिलाड़ियों की प्रतिभा बाहर आ सके। खिलाड़ियों की सुविधाओं के लिए सरकार को भी जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।

- प्रदीप, हैंडबाल खिलाड़ी


हरियाणा में शूटिंग की कही पर भी सरकारी एकेडमी नहीं है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों को हो रहा है। उन्हें प्राइवेट एकेडमी में जाकर प्रैक्टिस करनी पड़ रही है। ऐसे में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एकेडमी खोली जाए। ए और बी ग्रेड के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पंचकूला के बजाय हिसार में ही बनाए जाएं, ताकि खिलाड़ी परेशान न हों।

- दीपिका नोखवाल, शूटर

ग्राउंड पर प्रैक्टिस करवाने वाले पीटीआई और डीपीई का पांच साल तक रिजल्ट देखे। उनका ट्रांसफर न किए जाए। ट्रांसफर होते ही खिलाड़ियों की प्रैक्टिस बाधित होती है। आज सरकार खेल नर्सरियां तो खोल रही है, मगर उनमें खेलों का सामान तक नहीं है। जमीनी स्तर पर खेल सुविधाएं बढ़ाई जाए।

- नरेंद्र कुमार, कोच, फुटबाल

बेहतर परफोरमेंस देने वाले खिलाड़ियों को सरकार सम्मान दें। आज हालात यह है कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट खेलने के लिए खुद के पैसे पर जाना पड़ता है। खेल सुविधाएं जीरों है। जिस दिन खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी तो खिलाड़ी न केवल जिला, राज्य, बल्कि नेशनल, इंटरनेशनल से लेकर ओलंपिक में पदक जीतेंगे।

- राजेंद्र सिहाग, कोच, हॉकी
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